{"_id":"69bc5c8264b1f4cbaf0bddc8","slug":"jammu-kashmir-news-samba-news-c-289-1-sjam1009-111473-2026-03-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jammu News: बारिश से गेहूं व सरसों की फसल को नुकसान की आशंका बढ़ी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jammu News: बारिश से गेहूं व सरसों की फसल को नुकसान की आशंका बढ़ी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सांबा। बारिश ने किसानों को परेशानी में डाल दिया है। बारिश से गेहूं और सरसों की फसल को नुकसान पहुंचने की आशंका बढ़ गई है। किसानों को चिंता है कि बारिश और तेज हवाएं ऐसे ही जारी रहीं तो नुकसान हो सकता है।
किसान सोहन सिंह, हरि सिंह, प्रीतम सिंह, राज कुमार, बलवीर कुमार ने कहा कि गत दिनों हुई बारिश व तेज हवाओं से कुछ किसानों की गेहूं की फसल खेत में ही बिछ गई थी। उन्होंने बताया कि कई किसानों ने फसल का बीमा ही नहीं करवाया है। इस कारण उन्हें काफी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
कोट
अभी तक फसल को नुकसान की कोई शिकायत नहीं आई है। जिन किसानों की फसल को नुकसान पहुंचता है तो वह 72 घंटों के भीतर बीमा कंपनी को अपनी शिकायत दर्ज करवा सकते हैं। टोल फ्री नंबर 14447 है। सांबा जिले के 9 हजार किसानों ने फसल बीमा करवाया है।
विज्ञापन
-विशाल सिंह, बीमा कंपनी प्रभारी राजपुरा, सांबा
बारिश के बाद किसानों को खेत में पानी नही रुकने देना है। कंडी क्षेत्र के लिए गेहूं, सरसों व चने के लिए बारिश अच्छी है। फिर भी किसान को यदि लगे कि चने की फसल को कीड़ा लगा है तो मौसम साफ होने पर दवा का स्प्रे करें। मैदानी क्षेत्रों में यदि गेहूं की फसल जमीन पर लेट जाती है तो उसमें 60 प्रतिशत तक फसल धूप खिलने पर फिर से खड़ी हो जाती है। 30 से 40 प्रतिशत फसल नहीं उठ पाएगी। उसके साथ अधिक छेड़छाड़ न करें। मौसम के साफ होने पर ही खेत में फसल की जांच करें किगेहूं की फसल के पत्ते पीले तो नही हो रहे हैं। किसान ध्यान रखें कि उन्होंने जो सरसों की फसल की कटाई की है, उसे ढक कर रखें।
-डॉ. संजय खजूरिया, मुख्य विज्ञानिक, प्रभारी केवीके सांबा
विज्ञापन
किसान सोहन सिंह, हरि सिंह, प्रीतम सिंह, राज कुमार, बलवीर कुमार ने कहा कि गत दिनों हुई बारिश व तेज हवाओं से कुछ किसानों की गेहूं की फसल खेत में ही बिछ गई थी। उन्होंने बताया कि कई किसानों ने फसल का बीमा ही नहीं करवाया है। इस कारण उन्हें काफी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
विज्ञापन
कोट
अभी तक फसल को नुकसान की कोई शिकायत नहीं आई है। जिन किसानों की फसल को नुकसान पहुंचता है तो वह 72 घंटों के भीतर बीमा कंपनी को अपनी शिकायत दर्ज करवा सकते हैं। टोल फ्री नंबर 14447 है। सांबा जिले के 9 हजार किसानों ने फसल बीमा करवाया है।
विज्ञापन
-विशाल सिंह, बीमा कंपनी प्रभारी राजपुरा, सांबा
बारिश के बाद किसानों को खेत में पानी नही रुकने देना है। कंडी क्षेत्र के लिए गेहूं, सरसों व चने के लिए बारिश अच्छी है। फिर भी किसान को यदि लगे कि चने की फसल को कीड़ा लगा है तो मौसम साफ होने पर दवा का स्प्रे करें। मैदानी क्षेत्रों में यदि गेहूं की फसल जमीन पर लेट जाती है तो उसमें 60 प्रतिशत तक फसल धूप खिलने पर फिर से खड़ी हो जाती है। 30 से 40 प्रतिशत फसल नहीं उठ पाएगी। उसके साथ अधिक छेड़छाड़ न करें। मौसम के साफ होने पर ही खेत में फसल की जांच करें किगेहूं की फसल के पत्ते पीले तो नही हो रहे हैं। किसान ध्यान रखें कि उन्होंने जो सरसों की फसल की कटाई की है, उसे ढक कर रखें।
-डॉ. संजय खजूरिया, मुख्य विज्ञानिक, प्रभारी केवीके सांबा