सांबा। कस्बे की बार एसोसिएशन के सदस्यों ने मुख्यमंत्री के उस बयान पर कटाक्ष किया है जिसमें उन्हों ने कहा था कि नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के मुददे को बिना वजह उठाया जा रहा है। बार एसोसिएशन के प्रधान एडवोकेट अजय चाढ़क, महासचिव एडवोकेट हितेश दिवेद्वी ने कहा कि यह मुद्दा काफी समय से उठा हुआ है। यह केवल एक शैक्षणिक विषय नहीं, बल्कि छात्रों, विधि समुदाय और पूरे प्रदेश से जुड़ा हुआ मुद्दा है। हमारी स्पष्ट मांग है कि नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी जम्मू प्रांत में स्थापित की जानी चाहिए। इसके कई ठोस कारण हैं। इसमें जम्मू का मौसम पूरे वर्ष शैक्षणिक गतिविधियों के लिए अधिक अनुकूल और स्थिर रहता है जबकि श्रीनगर में मौसम, बर्फबारी और अन्य परिस्थितियों के कारण साल भर नियमित शैक्षणिक संचालन में चुनौतियां आती रहती हैं। यदि यह एक नेशनल स्तर की यूनिवर्सिटी होगी तो देशभर से छात्र यहां आएंगे। ऐसे में जम्मू उनके लिए अधिक सुविधाजनक और सुरक्षित विकल्प होगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान में सेंट्रल यूनिवर्सिटी में लॉ की पढ़ाई श्रीनगर में उपलब्ध है, जबकि जम्मू में केवल जम्मू यूनिवर्सिटी में ही विधि संकाय है। उच्च स्तरीय राष्ट्रीय विधि संस्थान की यहां स्पष्ट आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि यदि सरकार चाहे तो भविष्य में दूसरा कैंपस श्रीनगर में भी खोला जा सकता है लेकिन मुख्य परिसर जम्मू में स्थापित किया जाना प्रदेश के संतुलित विकास के लिए उचित कदम होगा। हम केंद्र सरकार से विनम्र आग्रह करते हैं कि इस मुद्दे को राजनीतिक रूप न दिया जाए, बल्कि छात्रों और प्रदेश के व्यापक हित को ध्यान में रखते हुए शीघ्र निर्णय लिया जाए।