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Jammu News: दूध के कारोबार से जुड़ी 200 महिलाएं, पनीर और खोया भी बेच रहीं
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सांबा। जिले में तीन हजार परिवार दूध के कारोबार से जुड़े हुए हैं। इनमें 200 महिलाएं भी शामिल हैं। महिलाएं सेल्फ हेल्प ग्रुप बना कर दूध से पनीर व खोया बना कर बेच रही हैं। इससे वे अपने परिवार को चला रही हैं।
महिला वंदना संब्याल और संतोष कुमारी ने कहा कि वह दूध एकत्रित कर जेकेएमपीसीएल को देती हैं। उन्होंने अपने घर पर दूध की डिग्री मापने के लिए मशीन भी लगाई है। इसके लिए विभाग की ओर से भी उन्हें पूरी मदद की जा रही है। दूध बेचने से उन्हें अच्छी कमाई हो रही है। इस समय जिले में 200 महिलाएं दूध के कारोबार के साथ जुड़ी हुई हैं।
पुरमंडल में नारी शक्ति सेल्फ हेल्प ग्रुप की महिला रजनी, सुनपीत ने बताया कि वह हर रोज 5600 लीटर दूध का पनीर व खोआ बना कर बाजार में बेच रही हैं। एक ग्रुप में 10 महिलाएं उनके साथ दूध के कारोबार से जुड़ी हुई हैं।
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कोट
हमारे साथ दो सौ से अधिक महिलाएं जुड़ी हुई हैं जो दूध के कारोबार से अपने परिवार चला रही हैं। हर रोज दूध इकत्रित कर रही हैं।
-ज्योति देवी, सुपरवाइजर जेकेएमपीसीएल सांबा।
कोट
जिले में दूध को जमा करने के लिए केंद्र बनाए गए हैं। इनमें 72 हजार लीटर दूध को ठंडा किया जाता है। इसके बाद जम्मू भेजा जाता है। शेरपुर में 10 हजार लीटर, रख बरोटियां में 2 हजार लीटर, हरिया चक में 45 हजार लीटर व रियाल में 15 हजार लीटर दूध को स्टोर करने की क्षमता है।
-मुश्ताक अहमद, क्षेत्रीय अधिकारी जेकेएमपीसीएल सांबा
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महिला वंदना संब्याल और संतोष कुमारी ने कहा कि वह दूध एकत्रित कर जेकेएमपीसीएल को देती हैं। उन्होंने अपने घर पर दूध की डिग्री मापने के लिए मशीन भी लगाई है। इसके लिए विभाग की ओर से भी उन्हें पूरी मदद की जा रही है। दूध बेचने से उन्हें अच्छी कमाई हो रही है। इस समय जिले में 200 महिलाएं दूध के कारोबार के साथ जुड़ी हुई हैं।
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पुरमंडल में नारी शक्ति सेल्फ हेल्प ग्रुप की महिला रजनी, सुनपीत ने बताया कि वह हर रोज 5600 लीटर दूध का पनीर व खोआ बना कर बाजार में बेच रही हैं। एक ग्रुप में 10 महिलाएं उनके साथ दूध के कारोबार से जुड़ी हुई हैं।
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हमारे साथ दो सौ से अधिक महिलाएं जुड़ी हुई हैं जो दूध के कारोबार से अपने परिवार चला रही हैं। हर रोज दूध इकत्रित कर रही हैं।
-ज्योति देवी, सुपरवाइजर जेकेएमपीसीएल सांबा।
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जिले में दूध को जमा करने के लिए केंद्र बनाए गए हैं। इनमें 72 हजार लीटर दूध को ठंडा किया जाता है। इसके बाद जम्मू भेजा जाता है। शेरपुर में 10 हजार लीटर, रख बरोटियां में 2 हजार लीटर, हरिया चक में 45 हजार लीटर व रियाल में 15 हजार लीटर दूध को स्टोर करने की क्षमता है।
-मुश्ताक अहमद, क्षेत्रीय अधिकारी जेकेएमपीसीएल सांबा