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Jammu News: आपसी सहमति से विवाह समाप्त, अदालत ने दी तलाक की मंजूरी
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सांबा। प्रधान जिला न्यायाधीश की अदालत ने आपसी सहमति से दायर तलाक याचिका को मंजूर करते हुए पति-पत्नी के विवाह को समाप्त करने का आदेश दिया। अदालत ने माना कि दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से मतभेद चल रहे थे और रिश्ते के फिर से सामान्य होने की कोई संभावना नहीं बची थी।
याचिका रामगढ़ के कमाला गांव की एक महिला तथा आरएस पुरा जम्मू के निवासी उसके पति की ओर से दायर की गई थी। अदालत में बताया गया कि दोनों का विवाह 28 नवंबर 2021 को हिंदू रीति-रिवाज से हुआ था और उनके यहां एक बेटी का जन्म भी हुआ। विवाह के कुछ समय बाद ही दोनों के बीच स्वभाव में असमानता और वैवाहिक विवाद शुरू हो गए। इसके चलते वे पिछले दो वर्षों से अलग रह रहे थे।
अदालत को बताया गया कि दोनों पक्षों ने आपसी सहमति से सभी विवाद सुलझा लिए हैं। समझौते के तहत पति ने पत्नी को 30 लाख रुपये एकमुश्त गुजारा भत्ता देने पर सहमति जताई। साथ ही भविष्य में किसी प्रकार का मुकदमा न करने पर भी दोनों पक्ष राजी हुए।
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अदालत ने दोनों पक्षों के बयान और गवाहों के बयान दर्ज करने के बाद माना कि विवाह पूरी तरह टूट चुका है। इसके बाद हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 13-बी के तहत तलाक की डिक्री जारी कर दी गई।
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याचिका रामगढ़ के कमाला गांव की एक महिला तथा आरएस पुरा जम्मू के निवासी उसके पति की ओर से दायर की गई थी। अदालत में बताया गया कि दोनों का विवाह 28 नवंबर 2021 को हिंदू रीति-रिवाज से हुआ था और उनके यहां एक बेटी का जन्म भी हुआ। विवाह के कुछ समय बाद ही दोनों के बीच स्वभाव में असमानता और वैवाहिक विवाद शुरू हो गए। इसके चलते वे पिछले दो वर्षों से अलग रह रहे थे।
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अदालत को बताया गया कि दोनों पक्षों ने आपसी सहमति से सभी विवाद सुलझा लिए हैं। समझौते के तहत पति ने पत्नी को 30 लाख रुपये एकमुश्त गुजारा भत्ता देने पर सहमति जताई। साथ ही भविष्य में किसी प्रकार का मुकदमा न करने पर भी दोनों पक्ष राजी हुए।
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अदालत ने दोनों पक्षों के बयान और गवाहों के बयान दर्ज करने के बाद माना कि विवाह पूरी तरह टूट चुका है। इसके बाद हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 13-बी के तहत तलाक की डिक्री जारी कर दी गई।