{"_id":"68210011ff44d83f1d02660c","slug":"jammu-kashmir-news-samba-news-c-289-1-sba1003-106233-2025-05-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"संघर्ष विराम रणनीतिक विराम है : पूर्व सैनिक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
संघर्ष विराम रणनीतिक विराम है : पूर्व सैनिक
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सांबा। भारत-पाकिस्तान के बीच जारी तनाव के बाद शनिवार को दोनों देशों के बीच संघर्ष विराम समझौते को पूर्व सेना अधिकारियों ने रणनीतिक विराम बताया है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को अपना रवैया बदलना होगा अन्यथा उसे गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। सांबा के रहने वाले पूर्व कर्नल सुनील संब्याल ने कहा कि भारत पाकिस्तान के बीच हुआ संघर्ष विराम एक रणनीतिक विराम है। जो स्थायी नहीं है। संघर्ष विराम भारत की शर्तों पर हुआ है। सेना ने अपना ऑपरेशन स्थगित नहीं किया है और अभी भी मोर्चे पर डटी हुई है।
उन्होंने कहा कि 12 मई को दोनों देशों के शीर्ष सैन्य अधिकारियों के बीच बैठक होने के बाद ये तय होगा कि संघर्ष विराम जारी रहेगा या ऑपरेशन सिंदुर। पूर्व कप्तान इन्दर सिंह ने कहा कि ऑपरेशन सिंदुर के तहत भारत की वायु, थल और जल सेना ने पाकिस्तान के नौ आतंकी ठिकानों, कई एयरबेस सहित उनके एयर डिफेंस सिस्टम को ध्वस्त कर भारी नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि जब जंग जैसे हालात बनते हैं तो दोनों ओर पारस्परिक क्षति होती है। बुनियादी ढांचे के साथ आर्थिक स्थिति और आम लोगों का जीवन भी प्रभावित होता है। भारतीय सेना सरकार के आदेशों के अधीन रहकर अनुशासित तरीके से काम करती है। पूरे देश के लोगों ने भारतीय सेना के पराक्रम को सराहा है। लोगों को सरकार और सेना पर भरोसा रखने की जरूरत है।
पूर्व कर्नल करण सिंह ने कहा कि जंग जैसी परिस्थितियों में कई कूटनीतिक और रणनीतिक फैसलों के आधार पर कार्य करना पड़ता है। सीज़ फायर प्रक्रिया भी उसी कड़ी का हिस्सा है। दुश्मन को भारी क्षति पहुंचाने और आम नागरिकों की सुरक्षा प्रदान करने के लिए सेना ने बेहतरीन कार्य किया है। पाकिस्तान को हर मोर्चे पर भारतीय सेना नाकाम करती रहेगी।
विज्ञापन
फोटो 11 एसबीए 15 : कर्नल सुनील संबयाल फोटो 11 एसबीए 16 : कप्तान इन्दर सिंह फोटो 11 एसबीए 17 : कर्नल करण सिंह
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि 12 मई को दोनों देशों के शीर्ष सैन्य अधिकारियों के बीच बैठक होने के बाद ये तय होगा कि संघर्ष विराम जारी रहेगा या ऑपरेशन सिंदुर। पूर्व कप्तान इन्दर सिंह ने कहा कि ऑपरेशन सिंदुर के तहत भारत की वायु, थल और जल सेना ने पाकिस्तान के नौ आतंकी ठिकानों, कई एयरबेस सहित उनके एयर डिफेंस सिस्टम को ध्वस्त कर भारी नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि जब जंग जैसे हालात बनते हैं तो दोनों ओर पारस्परिक क्षति होती है। बुनियादी ढांचे के साथ आर्थिक स्थिति और आम लोगों का जीवन भी प्रभावित होता है। भारतीय सेना सरकार के आदेशों के अधीन रहकर अनुशासित तरीके से काम करती है। पूरे देश के लोगों ने भारतीय सेना के पराक्रम को सराहा है। लोगों को सरकार और सेना पर भरोसा रखने की जरूरत है।
विज्ञापन
पूर्व कर्नल करण सिंह ने कहा कि जंग जैसी परिस्थितियों में कई कूटनीतिक और रणनीतिक फैसलों के आधार पर कार्य करना पड़ता है। सीज़ फायर प्रक्रिया भी उसी कड़ी का हिस्सा है। दुश्मन को भारी क्षति पहुंचाने और आम नागरिकों की सुरक्षा प्रदान करने के लिए सेना ने बेहतरीन कार्य किया है। पाकिस्तान को हर मोर्चे पर भारतीय सेना नाकाम करती रहेगी।
विज्ञापन
फोटो 11 एसबीए 15 : कर्नल सुनील संबयाल फोटो 11 एसबीए 16 : कप्तान इन्दर सिंह फोटो 11 एसबीए 17 : कर्नल करण सिंह