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Jammu News: निजी बंकरों का निर्माण कराए जाए, अधिगृहित भूमि का मुआवजा मिले
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ज्यौड़ियां। बॉर्डर एक्शन कमेटी खौड़ की तरफ से शुक्रवार को खौड़ में एक बैठक की गई। इसमें सीमावर्ती गावों के लोगों की समस्याओं पर चर्चा की गई। इसमें अधिगृहित भूमि का मुआवजा देने और निजी बंकरों का निर्माण करने की मांग की गई।
बॉर्डर एक्शन कमेटी खौड़ के अध्यक्ष देवेन्द्र सिंह की देखरेख में आयोजित इस बैठक में सीमावर्ती गांवों के पचास के करीब लोग उपस्थित रहे। बैठक के उपरांत समस्याओं से संबंधित तहसीलदार खौड़ रंजीत सिंह को एक ज्ञापन भी सौंपा गया।
बैठक के दौरान एलओसी के साथ लगते सीमावर्ती गावों के लोगों ने सरकार से निजी बंकरों का निर्माण करने की मुख्य तौर पर मांग की। साथ ही बाढ़ से क्षतिग्रस्त हुए पुराने बंकरों की मरम्मत और सफाई करने की भी मांग की।
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इस दौरान क्षेत्र के किसानों और सीमावर्ती गांवों के लोगों के हकों की बात भी की गई। देवेंद्र सिंह ने कहा कि जिन लोगों की जमीन पिछले कई वर्षों से सेना, पीएचई, सिंचाई बाढ़ नियंत्रण, स्कूल आदि जैसे विभिन्न विभागों द्वारा अधिग्रहित की गई है, उनको मुआवजा दिया जाए या फिर उनके घर के किसी एक सदस्य को सरकार स्थायी तौर पर सरकारी नौकरी दे।
देवेन्द्र सिंह ने कहा कि जो गांव एलओसी से पांच किलोमीटर की पट्टी के अधीन हैं, उनको एसटी कोटे का आरक्षण भी दिया जाए। भोरपुर से पंजतूत तक सीमा बेल्ट के किसानों की भूमि को सिंचित करने के लिए सरकार लिफ्ट सिंचाई योजना को मंजूरी दे। खौड़ में महाराजा हरि सिंह की मूर्ति स्थापित की जाए। खौड़ सीएचसी (अस्पताल) में अल्ट्रासाउंड सुविधा प्रदान की जाए क्योंकि मरीजों को अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए अखनूर या फिर जम्मू जाना पड़ता है। नये राशनकार्ड बनाये जाएं। किसानों को सीमा पर फेंसिंग के पीछे की जमीन पर खेती करने की अनुमति दी जाए, तहसील कार्यालय खौड़ के परिसर में मिनी सचिवालय का निर्माण किया जाए ताकि खौड़ क्षेत्र के किसानों को किसी भी तरह से परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। क्षेत्र के सभी सरकारी स्कूलों के नाम शहीदों के नाम पर रखे जाएं।
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बॉर्डर एक्शन कमेटी खौड़ के अध्यक्ष देवेन्द्र सिंह की देखरेख में आयोजित इस बैठक में सीमावर्ती गांवों के पचास के करीब लोग उपस्थित रहे। बैठक के उपरांत समस्याओं से संबंधित तहसीलदार खौड़ रंजीत सिंह को एक ज्ञापन भी सौंपा गया।
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बैठक के दौरान एलओसी के साथ लगते सीमावर्ती गावों के लोगों ने सरकार से निजी बंकरों का निर्माण करने की मुख्य तौर पर मांग की। साथ ही बाढ़ से क्षतिग्रस्त हुए पुराने बंकरों की मरम्मत और सफाई करने की भी मांग की।
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इस दौरान क्षेत्र के किसानों और सीमावर्ती गांवों के लोगों के हकों की बात भी की गई। देवेंद्र सिंह ने कहा कि जिन लोगों की जमीन पिछले कई वर्षों से सेना, पीएचई, सिंचाई बाढ़ नियंत्रण, स्कूल आदि जैसे विभिन्न विभागों द्वारा अधिग्रहित की गई है, उनको मुआवजा दिया जाए या फिर उनके घर के किसी एक सदस्य को सरकार स्थायी तौर पर सरकारी नौकरी दे।
देवेन्द्र सिंह ने कहा कि जो गांव एलओसी से पांच किलोमीटर की पट्टी के अधीन हैं, उनको एसटी कोटे का आरक्षण भी दिया जाए। भोरपुर से पंजतूत तक सीमा बेल्ट के किसानों की भूमि को सिंचित करने के लिए सरकार लिफ्ट सिंचाई योजना को मंजूरी दे। खौड़ में महाराजा हरि सिंह की मूर्ति स्थापित की जाए। खौड़ सीएचसी (अस्पताल) में अल्ट्रासाउंड सुविधा प्रदान की जाए क्योंकि मरीजों को अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए अखनूर या फिर जम्मू जाना पड़ता है। नये राशनकार्ड बनाये जाएं। किसानों को सीमा पर फेंसिंग के पीछे की जमीन पर खेती करने की अनुमति दी जाए, तहसील कार्यालय खौड़ के परिसर में मिनी सचिवालय का निर्माण किया जाए ताकि खौड़ क्षेत्र के किसानों को किसी भी तरह से परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। क्षेत्र के सभी सरकारी स्कूलों के नाम शहीदों के नाम पर रखे जाएं।