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Jammu News: 10 साल के ऑडिट और उच्चस्तरीय जांच कराएं
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सहकारी मार्केटिंग सोसायटी की संपत्तियों की बिक्री पर विधायक मोहन लाल ने उठाए सवाल
संवाद न्यूज एजेंसी
अखनूर। सहकारी मार्केटिंग सोसायटी अखनूर की करोड़ों रुपये मूल्य की व्यावसायिक दुकानों के आवंटन को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। अखनूर के विधायक मोहन लाल भगत ने वीरवार को श्रीनगर स्थित सिविल सचिवालय में सहकारिता विभाग की प्रभारी आयुक्त सचिव बबिला रकवाल से मुलाकात कर पूरे मामले की लिखित शिकायत सौंपी। उन्होंने सोसायटी के पिछले 10 वर्षों के वित्तीय और प्रशासनिक कार्यों का विशेष ऑडिट कराने तथा पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच की मांग की।
विधायक मोहन लाल ने आरोप लगाया कि जिन दो दुकानों में पहले जेके बैंक संचालित होता था, उनकी बाजार कीमत आज करोड़ों है, लेकिन उनका आवंटन करीब 32-35 लाख रुपये पर कर दिया गया। उनका कहना है कि इस पूरी प्रक्रिया में न तो सभी पात्र सदस्यों को समान अवसर दिया गया और न ही व्यापक स्तर पर पारदर्शिता बरती गई। विधायक ने बताया कि प्रभारी आयुक्त सचिव ने इसकी निष्पक्ष जांच कराने और नियमानुसार कार्रवाई का भरोसा दिया है।
उधर, सहकारी मार्केटिंग सोसायटी के कार्यालय में अमन शर्मा एकाउंटेंट और मैनेजर दोनों का कार्यभार संभाल रहे हैं। उन्होंने बताया कि उनकी नियुक्ति 2 जुलाई 2025 को मैनेजमेंट कमेटी द्वारा की गई थी। उन्होंने बताया कि दुकानों के आवंटन के लिए ग्रेटर जम्मू और ग्रेटर कश्मीर समाचार पत्रों में विज्ञापन प्रकाशित कराया गया था। हालांकि, लोगों का कहना है कि ये दोनों समाचार पत्र अखनूर क्षेत्र में नियमित रूप से उपलब्ध नहीं होते, जिससे अधिकांश लोगों तक सूचना पहुंच ही नहीं सकी।
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पीएसीएस के सदस्यों रवि, अश्वनी, कुलदीप का कहना है कि केवल दुकानों के आवंटन ही नहीं, बल्कि भर्तियां, वित्तीय खाते, संपत्तियों का प्रबंधन और अन्य प्रशासनिक निर्णय भी जांच के दायरे में लाए चाहिए। वहीं, असिस्टेंट रजिस्ट्रार देवांश शर्मा ने बताया कि सोसायटी प्रबंधन ने अपना पक्ष रखा है। शनिवार को पूरे मामले पर विस्तृत प्रतिक्रिया देंगे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
अखनूर। सहकारी मार्केटिंग सोसायटी अखनूर की करोड़ों रुपये मूल्य की व्यावसायिक दुकानों के आवंटन को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। अखनूर के विधायक मोहन लाल भगत ने वीरवार को श्रीनगर स्थित सिविल सचिवालय में सहकारिता विभाग की प्रभारी आयुक्त सचिव बबिला रकवाल से मुलाकात कर पूरे मामले की लिखित शिकायत सौंपी। उन्होंने सोसायटी के पिछले 10 वर्षों के वित्तीय और प्रशासनिक कार्यों का विशेष ऑडिट कराने तथा पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच की मांग की।
विधायक मोहन लाल ने आरोप लगाया कि जिन दो दुकानों में पहले जेके बैंक संचालित होता था, उनकी बाजार कीमत आज करोड़ों है, लेकिन उनका आवंटन करीब 32-35 लाख रुपये पर कर दिया गया। उनका कहना है कि इस पूरी प्रक्रिया में न तो सभी पात्र सदस्यों को समान अवसर दिया गया और न ही व्यापक स्तर पर पारदर्शिता बरती गई। विधायक ने बताया कि प्रभारी आयुक्त सचिव ने इसकी निष्पक्ष जांच कराने और नियमानुसार कार्रवाई का भरोसा दिया है।
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उधर, सहकारी मार्केटिंग सोसायटी के कार्यालय में अमन शर्मा एकाउंटेंट और मैनेजर दोनों का कार्यभार संभाल रहे हैं। उन्होंने बताया कि उनकी नियुक्ति 2 जुलाई 2025 को मैनेजमेंट कमेटी द्वारा की गई थी। उन्होंने बताया कि दुकानों के आवंटन के लिए ग्रेटर जम्मू और ग्रेटर कश्मीर समाचार पत्रों में विज्ञापन प्रकाशित कराया गया था। हालांकि, लोगों का कहना है कि ये दोनों समाचार पत्र अखनूर क्षेत्र में नियमित रूप से उपलब्ध नहीं होते, जिससे अधिकांश लोगों तक सूचना पहुंच ही नहीं सकी।
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पीएसीएस के सदस्यों रवि, अश्वनी, कुलदीप का कहना है कि केवल दुकानों के आवंटन ही नहीं, बल्कि भर्तियां, वित्तीय खाते, संपत्तियों का प्रबंधन और अन्य प्रशासनिक निर्णय भी जांच के दायरे में लाए चाहिए। वहीं, असिस्टेंट रजिस्ट्रार देवांश शर्मा ने बताया कि सोसायटी प्रबंधन ने अपना पक्ष रखा है। शनिवार को पूरे मामले पर विस्तृत प्रतिक्रिया देंगे।