{"_id":"600c7da0651ac570704426ec","slug":"jammu-kashmir-news-muslims-took-the-body-of-pandit-on-the-shoulder-10-km-to-the-village","type":"story","status":"publish","title_hn":"कश्मीर से नजीरः पंडित के शव को 10 किमी कंधे पर लेकर गांव तक गए मुस्लिम, कराया संस्कार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कश्मीर से नजीरः पंडित के शव को 10 किमी कंधे पर लेकर गांव तक गए मुस्लिम, कराया संस्कार
Sun, 24 Jan 2021 01:18 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, शोपियां
अमर उजाला नेटवर्क, शोपियां
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sun, 24 Jan 2021 01:18 AM IST
सार
- बर्फबारी में एंबुलेंस न मिलने पर परिजनों ने पड़ोसियों से मांगी थी मदद
- कश्मीरियत की एक और नजीर, अंतिम संस्कार की व्यवस्था करवाई
विज्ञापन
सांकेतिक चित्र...
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
कश्मीर में एक बार फिर कश्मीरियत की झलक दिखी, जब शनिवार को एक कश्मीरी पंडित के शव को मुस्लिम समुदाय के लोगों ने बर्फ के बीच 10 किलोमीटर पैदल चलकर घर तक पहुंचाया। निधन के बाद शव को घर तक पहुंचाने के अलावा मुस्लिम समुदाय के लोगों ने ही अंतिम संस्कार का पूरा प्रबंध किया।
विज्ञापन
जिले के इमामसाहिब इलाके के परगोची गांव में रहने वाले कश्मीरी पंडित भास्कर नाथ का शनिवार की सुबह श्रीनगर के स्किम्स में निधन हो गया। उनका शव एंबुलेंस से शोपियां लाया गया, लेकिन भारी बर्फबारी के कारण एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंची। इस पर भास्कर के परिवार वालों ने पड़ोसी मुस्लिम परिवारों से कहा तो वे सहर्ष तैयार हो गए। उन्होंने शव गांव तक पहुंचाया।
विज्ञापन
इस दौरान काफी संख्या में मुस्लिमों ने घर पर पहुंचकर शोक जताया। गांव में अंतिम संस्कार में भी जवान, बुजुर्ग व बच्चों ने सहयोग किया। भास्कर के रिश्तेदार शमी लाल ने बताया कि मुस्लिम भी इसी समाज का हिस्सा रहे हैं। 1989 में पंडितों को घाटी छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा था। इसके बाद भी कुछ पंडित परिवारों ने घाटी नहीं छोड़ी और मुस्लिमों के साथ सगे भाई की तरह रहते आए हैं।
विज्ञापन
कभी महसूस नहीं हुआ कि वे यहां अल्पसंख्यक हैं। सभी भाईचारे और सौहार्द के साथ रहते आए हैं। गांव के रशीद अहमद ने कहा, हम लोग एक दूसरे के शादी ब्याह और अंतिम संस्कार में शामिल होते हैं। हर सुख-दुख में शामिल होते हैं। यह वैसा ही है जैसा कि एक पड़ोसी को करना चाहिए।