फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   jammu kashmir news

Jammu News: विधानसभा क्षेत्रों में विकास को मिलेगी गति

विज्ञापन
jammu kashmir news
जम्मू। निर्वाचन क्षेत्र में विकास को गति मिलेगी। प्रदेश के 90 विधानसभा क्षेत्रों में निर्वाचन क्षेत्र विकास निधि (सीडीएफ) के तहत विधायक सालाना तीन करोड़ रुपये के काम करवा सकेंगे। जिला विकास आयुक्तों (डीडीसी) के माध्यम से विकास कार्यों को जमीन पर उतारा जाएगा। इनमें पानी के पीने, सड़क, शिक्षा, जन स्वास्थ्य, सफाई, विद्युत वितरण, पर्यटन, ढांचे आदि क्षेत्र में काम करवाने का प्रावधान होगा। जम्मू कश्मीर में सात साल बाद सरकार बनने के बाद सीडीएफ का प्रावधान किया गया है।
विज्ञापन

वर्तमान में प्रदेश में 90 विधानसभा क्षेत्रों में से दो विधानसभा सीटें खाली पड़ी हुई हैं। इनमें मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के गांदरबल सीट और बडगाम सीट से जीतने के बाद उन्होंने बडगाम सीट को छोड़ दिया था। इसी तरह नगरोटा विधानसभा क्षेत्र से विधायक देवेंद्र सिंह राणा के निधन के बाद यह सीट खाली पड़ी हुई है। हालांकि विधायकों की ओर से पांच करोड़ रुपये के सीडीएफ की मांग की जा रही थी, लेकिन सरकार ने पुरानी व्यवस्था की तरह तीन करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। सीडीएफ के वित्त वर्ष के अंत तक व्यवस्था की जाएगी और नए वित्त वर्ष से इसके तहत काम करवाए जा सकेंगे। जम्मू कश्मीर में 1997-98 को सीडीएफ को लागू किया गया था। वित्त विभाग की ओर से सीडीएफ के लिए जारी की गई गाइडलाइन में बताया गया है कि विधायक प्रत्येक व्यक्तिगत कार्य के लिए 10 लाख रुपये से अधिक की लागत का सुझाव नहीं देंगे। इससे अधिक राशि वाले प्रस्तावों को विशिष्ट मामलों में लिया जाएगा, बशर्ते कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा हो जाए। विधायक विकासात्मक प्रकृति के कार्य करवा सकेंगे, जो निर्वाचन क्षेत्र में स्थानीय रूप से महसूस की जाने वाली आवश्यकताओं पर आधारित होंगे। इसमें टिकाऊ परिसंपत्तियों के निर्माण का प्रयास किया जाएगा। निधियों का उपयोग राजस्व व्यय करने या वेतन भुगतान के पदों के सृजन के लिए नहीं किया जाएगा। केवल उन्हीं कार्यों को लिया जाना चाहिए जो एक वर्ष की अवधि के भीतर पूरे किए जा सकें। उच्च पहुंच वाले क्षेत्रों में जहां कार्य मौसम सीमित है, डीडीसी, संबंधित विधायक के अनुमोदन के अधीन, ऐसे कार्यों को भी मंजूरी दे सकता है जो दो कार्य मौसमी अवधि के भीतर पूरे किए जा सकते हैं, लेकिन दो साल से अधिक नहीं। इस योजना के तहत भूमि अधिग्रहण के लिए भुगतान की अनुमति नहीं दी जाएगी। सीडीएफ कार्यों के लिए भूमि या तो सरकारी भूमि होगी या समुदाय के सदस्यों द्वारा बिना किसी पूर्व शर्त के स्वेच्छा से दान की गई भूमि होगी। डीडीसी यह सुनिश्चित करेगा कि अनुमान तैयार किए गए हैं और तकनीकी रूप से जांचे गए हैं और 45 दिन की अवधि में आवश्यक प्रशासनिक अनुमोदन के भीतर दिए गए हैं। जिला विधायक प्राधिकरण द्वारा अनुशंसित 1 लाख रुपये से कम की संचयी लागत वाले कार्यों के लिए किसी विशेष वर्ष में 10 लाख रुपये से अधिक की राशि नहीं होनी चाहिए। ऐसे कार्यों को निष्पादित करने के लिए अनुशंसित सीमा से अधिक की राशि नहीं होनी चाहिए।
विज्ञापन

----यह कार्यान्वयन एजेंसियां होंगी
सीडीएफ के तहत कार्यान्वयन एजेंसियों में लोक निर्माण विभाग, ग्रामीण विकास, सिंचाई, कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, जल शक्ति आदि को कार्य करते समय यूटी सरकार की स्थापित कार्य जांच प्रक्रिया का पालन करना होगा। इसमें तकनीकी कार्य को अनुमोदित अनुसूची के अनुसार किया जाएगा। दरों के अनुसार कार्य का वित्तीय आकलन होगा। अगर डीडीसी को लगता है कि कोई निश्चित कार्य निष्पादित नहीं किया जा सकता है तो उसकी रिपोर्ट संबंधित विधायक दो दी जाएगी।---------
विज्ञापन
विज्ञापन

इन कार्यों में जारी की जाएगी राशि
सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों, छात्रावासों, पुस्तकालयों/वाचनालयों/प्रयोगशालाओं और स्वच्छता सुविधाओं के लिए भवनों का निर्माण/उन्नयन, बशर्ते कि संस्थाएं कम से कम दो वर्ष से चालू हों। उच्चतर माध्यमिक/उच्च विद्यालयों के लिए कंप्यूटर। गांवों, कस्बों या शहरों में लोगों को पीने का पानी उपलब्ध कराने के लिए नलकूपों, सामुदायिक हैंडपंपों और पानी की टंकियों का निर्माण या कार्य। पीएचई क्षेत्र के अंतर्गत कार्यों में स्रोत का निर्माण, भंडारण और निस्पंदन संयंत्रों का निर्माण, खराब हो चुकी पंपिंग मशीनरी को बदलना, पुलिया/पुल/फुटब्रिज गांवों और कस्बों में 15 लाख रुपये तक की लागत वाली सड़कों, संपर्क सड़कों आदि का निर्माण व उन्नयन। चुनिंदा कच्ची सड़कों का निर्माण, वृद्धों व विकलांगों के लिए सामान्य आश्रयों का निर्माण/उन्नयन। स्थानीय निकायों, मान्यता प्राप्त खेलों और सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए भवन/स्टेडियम संघों का निर्माण। सिंचाई और जल निकासी सुविधाओं का निर्माण, 20 लाख रुपये तक की जल तालिका पुनर्भरण सुविधाओं का निर्माण। सार्वजनिक स्वास्थ्य देखभाल भवनों, उप-केंद्रों का निर्माण। सहायता प्राप्त संस्थानों से संबंधित भवनों का निर्माण। अस्पताल उपकरणों में एक्स-रे मशीन आदि की खरीद, सरकारी अस्पतालों के लिए एंबुलेंस और ग्रामीण क्षेत्रों में मोबाइल डिस्पेंसरी की स्थापना। श्मशान घाट और कब्रिस्तान/श्मशान भूमि पर संरचनाएं आदि शामिल है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed