{"_id":"67b397d9ee3a7ee2660bffe4","slug":"jammu-kashmir-news-jammu-news-c-10-lko1027-547755-2025-02-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jammu News: अभी सर्विलांस पर रहेंगे बड्डाल के नागरिक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jammu News: अभी सर्विलांस पर रहेंगे बड्डाल के नागरिक
विज्ञापन
जम्मू। राजोरी के बड्डाल क्षेत्र में अभी क्षेत्रवासी सर्विलांस पर रहेंगे। उनके स्वास्थ्य, रहन सहन आदि गतिविधियों की नियमित निगरानी की जा रही है।
कुछ लोगों को अभी जीएमसी राजोरी में भी रखा गया है, लेकिन बड़े पैमाने पर क्वारंटीन से लोगों को वापस बड्डाल भेज दिया है। देशभर की प्रतिष्ठित प्रयोगशालाओं (लैब) के विशेषज्ञों ने सोमवार को तीन घंटे की आनलाइन बैठक कर बड्डाल से जुड़ी जांच रिपोर्टों का अध्ययन और मूल्यांकन किया। कुछ रिपोर्टों का आना बाकी है, जिससे अभी अंतिम फैसला नहीं लिया गया है। विशेषज्ञों की अगले हफ्ते सोमवार को एक और बैठक होगी। सूत्रों के अनुसार सोमवार को हुई वर्चुअल बैठक में इंडियन काउंसिल आफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) के डीजी, नेशनल सेंटर फार डिजीज कंट्रोल (एनसीडीसी) के निदेशक, जम्मू कश्मीर की प्रयोगशालाओं सहित अन्य विशेषज्ञों ने बड्डाल जांच रिपोर्टों का मूल्यांकन किया। बताया गया कि जीएमसी जम्मू से ही एक हजार से अधिक पानी, खाने आदि के सैंपल स्थानीय और राष्ट्रीय स्तर की प्रयोगशालाओं में भेजे गए हैं।
इनमें लगभग जांच रिपोर्टों में किसी रसायन युक्त जहरीले पदार्थ के मिलने की पुष्टि हुई है। बैठक में मौजूद एक अधिकारी ने बताया कि हमने प्रशासन को लगातार बड्डाल की निगरानी करने को कहा है। इनमें क्षेत्रवासियों के स्वास्थ्य, दिनचर्या और अन्य गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। इसके लिए एक निर्धारित एसओपी (स्टेंडर्ड आपरेटिंग प्रोसिजर) के तहत काम किया जा रहा है।
भविष्य में रहस्यमयी मौतों के सिलसिले को रोकने के लिए अभी क्षेत्रवासियों को प्रशासन की ओर से ही राशन उपलब्ध करवाया जा रहा है। इस स्थानीय राशन बंद करने और लोगों को क्वारंटीन करने के बाद ही मौतों का सिलसिला रुका है।
विज्ञापन
विज्ञापन
कुछ लोगों को अभी जीएमसी राजोरी में भी रखा गया है, लेकिन बड़े पैमाने पर क्वारंटीन से लोगों को वापस बड्डाल भेज दिया है। देशभर की प्रतिष्ठित प्रयोगशालाओं (लैब) के विशेषज्ञों ने सोमवार को तीन घंटे की आनलाइन बैठक कर बड्डाल से जुड़ी जांच रिपोर्टों का अध्ययन और मूल्यांकन किया। कुछ रिपोर्टों का आना बाकी है, जिससे अभी अंतिम फैसला नहीं लिया गया है। विशेषज्ञों की अगले हफ्ते सोमवार को एक और बैठक होगी। सूत्रों के अनुसार सोमवार को हुई वर्चुअल बैठक में इंडियन काउंसिल आफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) के डीजी, नेशनल सेंटर फार डिजीज कंट्रोल (एनसीडीसी) के निदेशक, जम्मू कश्मीर की प्रयोगशालाओं सहित अन्य विशेषज्ञों ने बड्डाल जांच रिपोर्टों का मूल्यांकन किया। बताया गया कि जीएमसी जम्मू से ही एक हजार से अधिक पानी, खाने आदि के सैंपल स्थानीय और राष्ट्रीय स्तर की प्रयोगशालाओं में भेजे गए हैं।
इनमें लगभग जांच रिपोर्टों में किसी रसायन युक्त जहरीले पदार्थ के मिलने की पुष्टि हुई है। बैठक में मौजूद एक अधिकारी ने बताया कि हमने प्रशासन को लगातार बड्डाल की निगरानी करने को कहा है। इनमें क्षेत्रवासियों के स्वास्थ्य, दिनचर्या और अन्य गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। इसके लिए एक निर्धारित एसओपी (स्टेंडर्ड आपरेटिंग प्रोसिजर) के तहत काम किया जा रहा है।
विज्ञापन
भविष्य में रहस्यमयी मौतों के सिलसिले को रोकने के लिए अभी क्षेत्रवासियों को प्रशासन की ओर से ही राशन उपलब्ध करवाया जा रहा है। इस स्थानीय राशन बंद करने और लोगों को क्वारंटीन करने के बाद ही मौतों का सिलसिला रुका है।
विज्ञापन