फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   jammu kashmir news

Jammu News: शराब की दुकानों के लिए होने वाली नीलामी का हिस्सा नहीं होंगे डिफॉल्टर

विज्ञापन
jammu kashmir news
जम्मू। वित्त विभाग ने 2025-26 की आबकारी नीति जारी कर दी है। इसके तहत उन्हें नीलामी से बाहर कर दिया गया है, जिन्होंने पिछली बार बोली की रकम जमा नहीं की है। इसके अलावा नई नीति में एक्साइज ड्यूटी 50 हजार से बढ़ा कर 75 हजार कर दी गई है। ये राशि नॉन रिफंडेबल होगी।
विज्ञापन


नई नीति के प्रावधानों के तहत विभाग को ऐसे स्थान के लिए ई-नीलामी प्रक्रिया को रद्द करने का अधिकार है, जहां बोलीदाताओं की भागीदारी के संदर्भ में खराब व अपर्याप्त प्रतिक्रिया आदि या स्थान की बिक्री क्षमता पर विरोध हो।
विज्ञापन


नहीं खुलेंगी शराब की नई दुकानें,

नई नीति में शराब की कोई भी नई दुकान नहीं खोलने का फैसला लिया गया है। नई नीति के तहत बोली लगाने के लिए पहले से तय 10 लाख रुपये जमा कराने होंगे। पिछले वर्ष भी 305 दुकानें थीं, इस बार भी 305 ही दुकानें खोली जाएंगी। आबकारी विभाग ने बोली शुरू कर दी है। 16 फरवरी से चलने वाली प्रक्रिया मार्च के मध्य तक चलेगी। नीलामी से कुछ लोगों को बाहर करने के पीछे कारण है सरकार को हुआ नुकसान पिछले वर्ष कई बोली दाताओं ने बोली की राशि ही नहीं जमा की। इसकी वजह से विभाग को 200 से 300 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। क्योंकि ये दुकानें या तो खुली नहीं या फिर कई महीनों के बाद खुलीं।
विज्ञापन
विज्ञापन


हेल्पलाइन नंबर भी जारी

ई-नीलामी के संबंध में जानकारी लेने, इसमें हिस्सा लेने के बारे में टेलीफोन हेल्पलाइन नंबर 0191-4064440 जारी की गई है। किसी भी संदेह के लिए बोली लगाने के इच्छुक सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे के बीच इस नंबर पर संपर्क कर सकते हैं।


मायूस हुए पूर्व विक्रेता

नई नीति में पुराने दुकानदारों को नजरअंदाज करने से एक बार फिर रोष है। पिछले तीन वर्ष से जम्मू-कश्मीर में शराब की दुकानें नीलामी की प्रक्रिया के बाद दी जाती हैं। इसकी वजह से जम्मू में 30 वर्ष से अधिक समय से चल रहीं 200 दुकानें बंद हो गई थीं। वाइन शाॅप एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष चरणजीत सिंह का कहना है कि हमने नई सरकार के समक्ष भी इस मुद्दे को उठाया था। इस पर कोई अमल नहीं किया गया। उमर सरकार के समक्ष पक्ष रखने के बावजूद नई नीति में हमारे लिए पुनर्वास का कोई प्रावधान नहीं रखा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed