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Jammu News: झारखंड, महाराष्ट्र के चुनाव के बाद जेएंडके में बिजनेस रूल जल्द जारी होने की उम्मीद
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जम्मू। जम्मू-कश्मीर में जल्द नए बिजनेस रूल के लिए गृह मंत्रालय से मुहर लगने की उम्मीद है। झारखंड और महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव संपन्न होने के बाद जम्मू कश्मीर में नए बिजनेस रूल जल्द जारी हो सकते हैं। इसमें कैबिनेट, मुख्यमंत्री, मंत्री और प्रशासनिक अधिकारियों की शक्तियां तय होंगी। फिलहाल एक माह से अधिक समय से बिजनेस रूल जारी न होने के कारण विभागीय स्तर पर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। इसमें शक्तियां निर्धारित न होने से विभागीय स्तर पर कामकाज प्रभावित हो रहा है।
बताया जाता है कि सामान्य प्रशासन विभाग ने हितधारकों से चर्चा करने के बाद बिजनेस रूल का प्रस्ताव केंद्रीय गृह मंत्रालय में भेजा है, लेकिन दो दो राज्यों के चुनाव में गृह मंत्री की व्यवस्तता के चलते इस प्रस्ताव पर अभी कुछ नहीं हो पाया। सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से गत 16 अक्तूबर को एक आदेश जारी कर 13 अक्तूबर 2024 के आदेश का हवाला देते हुए सरकारी आदेश नंबर 808 (तिथि 1-9-2020), आदेश नंबर 809 (तिथि 1-9-2020), आदेश नंबर 810 और 811 (तिथि 1-9-2020) को किसी भी संशोधन आदि के साथ रद्द कर दिया था। जम्मू कश्मीर में उमर सरकार बनने के बाद यह आदेश रद्द किए गए थे। उपराज्यपाल के प्रशासन में इन आदेशों में मंत्रियों की शक्तियों को प्रशासनिक सचिवों को दिया गया था। इसी तरह मुख्य सचिव को वित्त शक्तियां, तबादले/नियुक्तियां/एडजेस्टमेंट, प्रतिनियुक्ति, राहत, भर्ती नियम, छुट्टी, जूनियर स्केल केएएस अधिकारियों के प्रोबेशन अवधि को मंजूरी, देश के भीतर स्टडी लीव की अनुमति, आईएएस अधिकारियों के पेंशन मामलों को मंजूरी आदि शक्तियां दी गई थीं। प्रशासनिक सचिवों को वित्त शक्तियों के साथ सेवानिवृत्ति कर्मियों को आवास भवन, स्कूटर, कार एडवांस के लिए नो डिमांड प्रमाणपत्र, कर्मियों को पासपोर्ट मामलों में एनओसी देने, जीपी फंड मामले, तबादले व नियुक्तियां, सजा आदि की शक्तियां दी गई थीं। इसी तरह सामान्य प्रशासन विभाग के प्रशासनिक सचिव को जम्मू कश्मीर लोक सेवा (मेडिकल अटेंडेंस एवं भत्ता) नियम के तहत जम्मू कश्मीर से बाहर चिकित्सा मामलों को मंजूरी देना, एसआरओ-43 के तहत अनुकंपा नियुक्तियां, गैर राजपत्रित सरकारी/पीएसयू कर्मियों को अंतर विभागीय तबादला/प्रतिनियुक्ति आदि शक्तियां दी गई थीं। इसी तरह वित्त विभाग के प्रशासनिक सचिव के पास भी कई शक्तियां थीं। लेकिन नए बिजनेस रूल जारी नहीं होने से ये सभी कामकाज लगभग प्रभावित हो रहे हैं। इन कार्यों के लिए विशेष मंजूरी का प्रावधान रहता है।
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बताया जाता है कि सामान्य प्रशासन विभाग ने हितधारकों से चर्चा करने के बाद बिजनेस रूल का प्रस्ताव केंद्रीय गृह मंत्रालय में भेजा है, लेकिन दो दो राज्यों के चुनाव में गृह मंत्री की व्यवस्तता के चलते इस प्रस्ताव पर अभी कुछ नहीं हो पाया। सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से गत 16 अक्तूबर को एक आदेश जारी कर 13 अक्तूबर 2024 के आदेश का हवाला देते हुए सरकारी आदेश नंबर 808 (तिथि 1-9-2020), आदेश नंबर 809 (तिथि 1-9-2020), आदेश नंबर 810 और 811 (तिथि 1-9-2020) को किसी भी संशोधन आदि के साथ रद्द कर दिया था। जम्मू कश्मीर में उमर सरकार बनने के बाद यह आदेश रद्द किए गए थे। उपराज्यपाल के प्रशासन में इन आदेशों में मंत्रियों की शक्तियों को प्रशासनिक सचिवों को दिया गया था। इसी तरह मुख्य सचिव को वित्त शक्तियां, तबादले/नियुक्तियां/एडजेस्टमेंट, प्रतिनियुक्ति, राहत, भर्ती नियम, छुट्टी, जूनियर स्केल केएएस अधिकारियों के प्रोबेशन अवधि को मंजूरी, देश के भीतर स्टडी लीव की अनुमति, आईएएस अधिकारियों के पेंशन मामलों को मंजूरी आदि शक्तियां दी गई थीं। प्रशासनिक सचिवों को वित्त शक्तियों के साथ सेवानिवृत्ति कर्मियों को आवास भवन, स्कूटर, कार एडवांस के लिए नो डिमांड प्रमाणपत्र, कर्मियों को पासपोर्ट मामलों में एनओसी देने, जीपी फंड मामले, तबादले व नियुक्तियां, सजा आदि की शक्तियां दी गई थीं। इसी तरह सामान्य प्रशासन विभाग के प्रशासनिक सचिव को जम्मू कश्मीर लोक सेवा (मेडिकल अटेंडेंस एवं भत्ता) नियम के तहत जम्मू कश्मीर से बाहर चिकित्सा मामलों को मंजूरी देना, एसआरओ-43 के तहत अनुकंपा नियुक्तियां, गैर राजपत्रित सरकारी/पीएसयू कर्मियों को अंतर विभागीय तबादला/प्रतिनियुक्ति आदि शक्तियां दी गई थीं। इसी तरह वित्त विभाग के प्रशासनिक सचिव के पास भी कई शक्तियां थीं। लेकिन नए बिजनेस रूल जारी नहीं होने से ये सभी कामकाज लगभग प्रभावित हो रहे हैं। इन कार्यों के लिए विशेष मंजूरी का प्रावधान रहता है।
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