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Jammu News: तीसरे दिन भी खंगाले बट्टल के जंगल दो-तीन आतंकियों के होने की आशंका
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जम्मू। अखनूर के बट्टल क्षेत्र में तीनों आतंकियों को मारे जाने के बाद भी सेना और पुलिस का तलाशी अभियान जारी है। बट्टल और इसके आसपास तीसरे दिन भी जंगलों को गहनता से खंगाला गया। तलाशी के लिए ड्रोन से लेकर हेलिकाॅप्टर तक इस्तेमाल किए जा रहे हैं।
सूत्रों का कहना है कि क्षेत्र या फिर इसके आसपास दो से तीन और आतंकियों के होने की आशंका है, क्याेंकि जैश के आतंकी हमेशा पांच से 6 के समूह में घुसपैठ करते हैं। मारे गए आतंकियों की संख्या तीन थी। आतंकियों से बरामद सामान से भी अंदाजा लगाया जा रहा है, ये आतंकी अपने साथ अन्य आतंकियों का भी सामान लेकर आए थे। या फिर इनका कोई स्थानीय साथी भी था। इसी को देखते हुए पूरे क्षेत्र में तलाशी अभियान चलाया जा रह है।
बताया जा रहा है कि पूर्व में लश्कर के आतंकी अखनूर क्षेत्र से घुसपैठ का रूट इस्तेमाल करते थे। इसी रूट से जैश के आतंकियाें के आने की आशंका है। ये आतंकी पीओके के रास्ते से घुसे थे। आतंकियों के पास से एक वायरलेस सेट मिला था। इस वायरलेस सेट से पता चला कि ये जैश के थे। हालिया आतंकी घटनाओं को देखें तो इनकी रणनीतिक अलग थी। ये छुपकर लंबे समय तक लड़ने की तैयारी केे साथ आए हुए थे। संभव है कि किसी सैन्य प्रतिष्ठान, रिहायशी इलाके या फिर मंदिर में लोगों को बंदी बनाकर हमले की फिराक से आए हों। ये भी जानकारी है कि पिछले कुछ महीने से आतंकियों के क्षेत्र में होने की सूचना मिल रही थी।
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सूत्रों का कहना है कि क्षेत्र या फिर इसके आसपास दो से तीन और आतंकियों के होने की आशंका है, क्याेंकि जैश के आतंकी हमेशा पांच से 6 के समूह में घुसपैठ करते हैं। मारे गए आतंकियों की संख्या तीन थी। आतंकियों से बरामद सामान से भी अंदाजा लगाया जा रहा है, ये आतंकी अपने साथ अन्य आतंकियों का भी सामान लेकर आए थे। या फिर इनका कोई स्थानीय साथी भी था। इसी को देखते हुए पूरे क्षेत्र में तलाशी अभियान चलाया जा रह है।
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बताया जा रहा है कि पूर्व में लश्कर के आतंकी अखनूर क्षेत्र से घुसपैठ का रूट इस्तेमाल करते थे। इसी रूट से जैश के आतंकियाें के आने की आशंका है। ये आतंकी पीओके के रास्ते से घुसे थे। आतंकियों के पास से एक वायरलेस सेट मिला था। इस वायरलेस सेट से पता चला कि ये जैश के थे। हालिया आतंकी घटनाओं को देखें तो इनकी रणनीतिक अलग थी। ये छुपकर लंबे समय तक लड़ने की तैयारी केे साथ आए हुए थे। संभव है कि किसी सैन्य प्रतिष्ठान, रिहायशी इलाके या फिर मंदिर में लोगों को बंदी बनाकर हमले की फिराक से आए हों। ये भी जानकारी है कि पिछले कुछ महीने से आतंकियों के क्षेत्र में होने की सूचना मिल रही थी।

मंझनपुर चौराहे से आटो से जाते मुसाफिर। संवाद

मंझनपुर चौराहे से आटो से जाते मुसाफिर। संवाद
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