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Jammu News: जमकर चले जुबानी तीर, सत्तारूढ़ और विपक्ष का एक दूसरे पर हमला
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जम्मू। जम्मू कश्मीर के विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के प्रचार में सत्तारूढ और विपक्षी दलों के दिग्गजों ने राजनीतिक मंच पर जमकर एक दूसरे पर हमला बोला। इसमें लोगों से भावनात्मक अपील के साथ प्रतिद्वंद्वियों के बारे में अभद्र टिप्पणियां देखने को मिलीं। इस चरण के लिए राजधानी श्रीनगर सहित केंद्र शासित प्रदेश के छह जिलों में फैले 26 विधानसभा क्षेत्रों के मतदाताओं को लुभाने की कोशिश की गई। कुलमिलाकर भाजपा के मुकाबले प्रचार अभियान में बड़े चेहरों को लाने में कांग्रेस कमजोर दिखी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, केंद्रीय राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के अलावा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल जैसे बड़े नेताओं ने धमाकेदार प्रचार अभियान किया। भाजपा के कई बड़े दिग्गज बड़े विधानसभा क्षेत्रों के साथ छोटे क्षेत्रों में भी पार्टी प्रत्याशियों के लिए वोट की अपील की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी परिसीमन के बाद अस्तित्व में आई श्री माता वैष्णो देवी सीट के लिए मतदाताओं को लुभाने कटड़ा पहुंचे, तो वहीं उसी दिन श्रीनगर में पहुंचकर खासतौर पर युवाओं को भाजपा का शांति और विकास का संदेश दिया।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक ही दिन में राजोरी, थन्नामंडी, सुरनकोट, मेंढर और अखनूर में चुनावी रैलियां कर रिकार्ड बनाया। इसी तरह से रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने भी एक ही दिन में पुंछ, कोटरंका, सुंदरबनी और सैनिक कालोनी जम्मू में पार्टी प्रत्याशियों के लिए जोरदार जनसभाएं कीं। केंद्रीय राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने भी बुद्धल और जम्मू में जनसभाएं करें तीसरी मोदी सरकार के 100 दिन के कार्यकाल की उपलब्धियों को गिनाया। राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने भी जम्मू में एक ही दिन में प्रबुद्ध नागरिक कार्यक्रम, रोड शो और बरनाई में रैलियां करके वोट मांगे। केंद्रीय मंत्री व जम्मू कश्मीर के चुनाव प्रभावी जी किशन रेड्डी और राममाधव पहले से ही जम्मू कश्मीर में मोर्चा संभाले हुए हैं। प्रभारी चरुण चुघ भी लगातार जम्मू कश्मीर के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में प्रवास कर रहे हैं। पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर भी कई विधानसभा क्षेत्रों में चुनावी रैलियां कर चुके हैं। कांग्रेस की बात करें तो चुनाव से पहले राहुल गांधी ने जम्मू और श्रीनगर पहुंचकर अच्छी शुरुआत का संकेत दिया था। दूसरे चरण में स्टार प्रचारकों में राहुल गांधी ने सुरनकोट और सेंट्रल शालतेंग श्रीनगर में पहुंचकर भाजपा पर हमला बोला।
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इससे पहले राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन ने भी पार्टी की सात गारंटी गिनाने के साथ भाजपा की नीतियों पर सवाल उठाए। हालांकि उन्होंने तीसरे चरण के प्रचार किया। लेकिन दूसरे चरण में कांग्रेस प्रियंका जैसे चेहरों को जम्मू कश्मीर में नहीं ला सकी। 25 सितंबर को होने वाले दूसरे चरण के मतदान में पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला सहित 239 उम्मीदवारों के राजनीतिक भाग्य का फैसला होगा।
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नेकां ने पीर पंजाल श्रृंखला पर ध्यान दिया
नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने पीर पंजाल पर्वत श्रृंखला के दोनों ओर अपने पार्टी उम्मीदवारों के लिए बड़े पैमाने पर प्रचार किया। उनके बेटे और उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने मुख्य रूप से घाटी की सीटों पर ध्यान केंद्रित किया। वह खुद गांदरबल और बडगाम क्षेत्रों से चुनाव लड़ रहे हैं। उधर, इल्तिजा मुफ्ती ने पीडीपी के लिए मुख्य प्रचारक की जिम्मेदारी संभाली है, क्योंकि पार्टी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती पहले के चुनावों की तरह सक्रिय नहीं दिखीं।
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प्रचार अभियान में कई भावनात्मक क्षण
प्रचार अभियान में कई भावनात्मक क्षण भी देखने को मिले। खास तौर पर गांदरबल के लोगों से समर्थन मांगते हुए उमर अब्दुल्ला द्वारा टोपी उतारने का इशारा किया गया। पूर्व मुख्यमंत्री ने लोगों को यह समझाया कि यह केवल उनकी ही नहीं बल्कि सभी लोगों की गरिमा भी दांव पर लगी है। जेल में बंद अलगाववादी नेता सरजान अहमद बरकती की बेटी सुगरा को गांदरबल और बीरवाह विधानसभा क्षेत्रों से अपने पिता के लिए चुनाव प्रचार करते समय अपशब्दों का सामना करना पड़ा।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, केंद्रीय राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के अलावा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल जैसे बड़े नेताओं ने धमाकेदार प्रचार अभियान किया। भाजपा के कई बड़े दिग्गज बड़े विधानसभा क्षेत्रों के साथ छोटे क्षेत्रों में भी पार्टी प्रत्याशियों के लिए वोट की अपील की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी परिसीमन के बाद अस्तित्व में आई श्री माता वैष्णो देवी सीट के लिए मतदाताओं को लुभाने कटड़ा पहुंचे, तो वहीं उसी दिन श्रीनगर में पहुंचकर खासतौर पर युवाओं को भाजपा का शांति और विकास का संदेश दिया।
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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक ही दिन में राजोरी, थन्नामंडी, सुरनकोट, मेंढर और अखनूर में चुनावी रैलियां कर रिकार्ड बनाया। इसी तरह से रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने भी एक ही दिन में पुंछ, कोटरंका, सुंदरबनी और सैनिक कालोनी जम्मू में पार्टी प्रत्याशियों के लिए जोरदार जनसभाएं कीं। केंद्रीय राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने भी बुद्धल और जम्मू में जनसभाएं करें तीसरी मोदी सरकार के 100 दिन के कार्यकाल की उपलब्धियों को गिनाया। राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने भी जम्मू में एक ही दिन में प्रबुद्ध नागरिक कार्यक्रम, रोड शो और बरनाई में रैलियां करके वोट मांगे। केंद्रीय मंत्री व जम्मू कश्मीर के चुनाव प्रभावी जी किशन रेड्डी और राममाधव पहले से ही जम्मू कश्मीर में मोर्चा संभाले हुए हैं। प्रभारी चरुण चुघ भी लगातार जम्मू कश्मीर के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में प्रवास कर रहे हैं। पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर भी कई विधानसभा क्षेत्रों में चुनावी रैलियां कर चुके हैं। कांग्रेस की बात करें तो चुनाव से पहले राहुल गांधी ने जम्मू और श्रीनगर पहुंचकर अच्छी शुरुआत का संकेत दिया था। दूसरे चरण में स्टार प्रचारकों में राहुल गांधी ने सुरनकोट और सेंट्रल शालतेंग श्रीनगर में पहुंचकर भाजपा पर हमला बोला।
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इससे पहले राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन ने भी पार्टी की सात गारंटी गिनाने के साथ भाजपा की नीतियों पर सवाल उठाए। हालांकि उन्होंने तीसरे चरण के प्रचार किया। लेकिन दूसरे चरण में कांग्रेस प्रियंका जैसे चेहरों को जम्मू कश्मीर में नहीं ला सकी। 25 सितंबर को होने वाले दूसरे चरण के मतदान में पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला सहित 239 उम्मीदवारों के राजनीतिक भाग्य का फैसला होगा।
नेकां ने पीर पंजाल श्रृंखला पर ध्यान दिया
नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने पीर पंजाल पर्वत श्रृंखला के दोनों ओर अपने पार्टी उम्मीदवारों के लिए बड़े पैमाने पर प्रचार किया। उनके बेटे और उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने मुख्य रूप से घाटी की सीटों पर ध्यान केंद्रित किया। वह खुद गांदरबल और बडगाम क्षेत्रों से चुनाव लड़ रहे हैं। उधर, इल्तिजा मुफ्ती ने पीडीपी के लिए मुख्य प्रचारक की जिम्मेदारी संभाली है, क्योंकि पार्टी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती पहले के चुनावों की तरह सक्रिय नहीं दिखीं।
प्रचार अभियान में कई भावनात्मक क्षण
प्रचार अभियान में कई भावनात्मक क्षण भी देखने को मिले। खास तौर पर गांदरबल के लोगों से समर्थन मांगते हुए उमर अब्दुल्ला द्वारा टोपी उतारने का इशारा किया गया। पूर्व मुख्यमंत्री ने लोगों को यह समझाया कि यह केवल उनकी ही नहीं बल्कि सभी लोगों की गरिमा भी दांव पर लगी है। जेल में बंद अलगाववादी नेता सरजान अहमद बरकती की बेटी सुगरा को गांदरबल और बीरवाह विधानसभा क्षेत्रों से अपने पिता के लिए चुनाव प्रचार करते समय अपशब्दों का सामना करना पड़ा।