जम्मू। जम्मू-कश्मीर पर पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ के बयान पर नाराजगी जताते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा में विपक्ष के उपनेता प्रमोद तिवारी ने पाकिस्तान को भारत के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप न करने को कहा है। ऐसे बयान देने के बजाय पाकिस्तान के मंत्रियों को अपने नागरिकों को भुखमरी और गरीबी से बचाने पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा देने में देरी पर भाजपा की मंशा पर सवाल उठाए।
पार्टी मुख्यालय जम्मू में वीरवार को पत्रकारों से रूबरू होते हुए तिवारी ने पठानकोट आतंकी हमले की जांच के लिए पाकिस्तानी इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (आईएसआई) को आमंत्रित करने के मोदी के फैसले पर सवाल उठाया। इस फैसले ने पाकिस्तानी अधिकारियों को भारत के सैन्य प्रतिष्ठानों के बारे में संवेदनशील जानकारी तक पहुंच प्रदान की। उन्होंने तत्कालीन पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के पारिवारिक समारोह में भाग लेने के लिए मोदी की लाहौर की बिन बुलाई यात्रा की आलोचना की। उन्होंने राहुल गांधी के खिलाफ भाजपा नेताओं और उसके सहयोगियों द्वारा हाल ही में दिए गए धमकी भरे बयानों की कड़ी निंदा की। जम्मू-कश्मीर के लोगों के अधिकारों को छीनने के लिए भाजपा पूरी तरह जिम्मेदार है। लोकतांत्रिक भारत के इतिहास में पहली बार किसी राज्य का दर्जा घटाया गया है। इस दौरान जेकेपीसीसी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष और मुख्य प्रवक्ता रवींद्र शर्मा, एआईसीसी की राष्ट्रीय समन्वयक डॉली शर्मा, ओनिका मेहरोत्रा, पीसीसी के उपाध्यक्ष प्रभारी मुख्यालय वेद महाजन आदि मौजूद रहे।