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Jammu News: एसएमजीएस और चेस्ट डिजीज अस्पताल में सीटी स्कैन मशीनें पड़ीं बंद
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जम्मू। शहर के सरकारी अस्पतालों में कई महत्वपूर्ण उपकरणों और मशीनों को उनके उपयोगी जीवन के समय से चलाया जा रहा है। नतीजतन तय अवधि से अधिक काम लेने के कारण ऐसी मशीनें जवाब दे रही हैं। शहर के प्रमुख जच्चा-बच्चा एसएमजीएस अस्पताल में 14 और चेस्ट डिजीज अस्पताल जम्मू में 13 साल पुरानी सीटी स्कैन मशीन ने काम करना बंद कर दिया है जबकि सामान्य तौर पर एक सीटी स्कैन मशीन की उपयोगी उम्र दस साल की होती है।
सवाल यह भी उठता है कि मरीजों की चिकित्सा से जुड़े ऐसी महत्वपूर्ण नई मशीनों को समय पर खरीदने के लिए प्रक्रिया क्यों नहीं शुरू की गई। प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में ऐसे कई उपकरण और मशीनें हैं जो उपयोगी जीवन से अधिक समय तक चलाई जा रही हैं। मौजूदा सरकारी अस्पतालों में डीबीएस एजेंसी के माध्यम से ऐसी मशीनों और उपकरणों की मरम्मत की जिम्मेदारी है लेकिन पुरानी हो चुकी मशीनों को संबंधित एजेंसी भी दुरुस्त करने से मना कर रही है जिससे नई मशीन को खरीदनी की महीनों तक चलने वाली लंबी प्रक्रिया के कारण मरीजों को प्रभावित होना पड़ रहा है। पिछले कई दिन से एसएमजीएस अस्पताल और चेस्ट डिजीज अस्पताल में सीटी स्कैन मशीनें बंद पड़ी हैं। हालांकि शहर के दूसरे अस्पतालों में मरीजों के लिए सीटी स्कैन की वैकल्पिक व्यवस्था की गई है, लेकिन 42 डिग्री के पारे में एक से दूसरे अस्पताल तक जाने में मरीज की हालत खराब हो जाती है।
जुलाई तक दो मशीनों का रेट कांट्रैक्ट होने की उम्मीद, मरीजों को वैकल्पिक व्यवस्था दी जा रही : प्रिंसिपल
जीएमसी जम्मू के प्रिंसिपल डा. आशुतोष गुप्ता का कहना है कि एसएमजीएस और सीटी स्कैन मशीनों की उपयोगी उम्र हो चुकी है। दोनों अस्पतालों में नई मशीनें लगाने के लिए जम्मू कश्मीर मेडिकल सप्लाई कारपोरेशन को प्रस्ताव भेजे गए हैं। जुलाई तक रेट कांट्रैक्ट की प्रक्रिया होने की उम्मीद है। सीडी अस्पताल के परिसर में ही बोन एंड ज्वाइंट अस्पताल स्थापित है, जिससे सीडी के मरीजों को सीटी स्कैन की बोन एंड ज्वाइंट अस्पताल में व्यवस्था की गई है। इसी तरह एसएमजीएस अस्पताल के मरीजों के लिए बोन एंड ज्वाइंट और जीएमसी जम्मू में सीटी स्कैन की व्यवस्था की गई है और इसमें एसएमजीएस प्रशासन की ओर से मरीजों को आने-जाने के लिए निशुल्क एंबुलेंस सेवा प्रदान की जा रही है। हम कोशिश कर रहे हैं कि बंद पड़ी मशीनों की मरम्मत करवाकर इन्हें अगले कुछ महीनों के लिए बहाल रखा जाए।
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सवाल यह भी उठता है कि मरीजों की चिकित्सा से जुड़े ऐसी महत्वपूर्ण नई मशीनों को समय पर खरीदने के लिए प्रक्रिया क्यों नहीं शुरू की गई। प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में ऐसे कई उपकरण और मशीनें हैं जो उपयोगी जीवन से अधिक समय तक चलाई जा रही हैं। मौजूदा सरकारी अस्पतालों में डीबीएस एजेंसी के माध्यम से ऐसी मशीनों और उपकरणों की मरम्मत की जिम्मेदारी है लेकिन पुरानी हो चुकी मशीनों को संबंधित एजेंसी भी दुरुस्त करने से मना कर रही है जिससे नई मशीन को खरीदनी की महीनों तक चलने वाली लंबी प्रक्रिया के कारण मरीजों को प्रभावित होना पड़ रहा है। पिछले कई दिन से एसएमजीएस अस्पताल और चेस्ट डिजीज अस्पताल में सीटी स्कैन मशीनें बंद पड़ी हैं। हालांकि शहर के दूसरे अस्पतालों में मरीजों के लिए सीटी स्कैन की वैकल्पिक व्यवस्था की गई है, लेकिन 42 डिग्री के पारे में एक से दूसरे अस्पताल तक जाने में मरीज की हालत खराब हो जाती है।
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जुलाई तक दो मशीनों का रेट कांट्रैक्ट होने की उम्मीद, मरीजों को वैकल्पिक व्यवस्था दी जा रही : प्रिंसिपल
जीएमसी जम्मू के प्रिंसिपल डा. आशुतोष गुप्ता का कहना है कि एसएमजीएस और सीटी स्कैन मशीनों की उपयोगी उम्र हो चुकी है। दोनों अस्पतालों में नई मशीनें लगाने के लिए जम्मू कश्मीर मेडिकल सप्लाई कारपोरेशन को प्रस्ताव भेजे गए हैं। जुलाई तक रेट कांट्रैक्ट की प्रक्रिया होने की उम्मीद है। सीडी अस्पताल के परिसर में ही बोन एंड ज्वाइंट अस्पताल स्थापित है, जिससे सीडी के मरीजों को सीटी स्कैन की बोन एंड ज्वाइंट अस्पताल में व्यवस्था की गई है। इसी तरह एसएमजीएस अस्पताल के मरीजों के लिए बोन एंड ज्वाइंट और जीएमसी जम्मू में सीटी स्कैन की व्यवस्था की गई है और इसमें एसएमजीएस प्रशासन की ओर से मरीजों को आने-जाने के लिए निशुल्क एंबुलेंस सेवा प्रदान की जा रही है। हम कोशिश कर रहे हैं कि बंद पड़ी मशीनों की मरम्मत करवाकर इन्हें अगले कुछ महीनों के लिए बहाल रखा जाए।
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