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Jammu News: बर्फ गिरने से पहले घुसपैठ की साजिश, पाकिस्तानी सेना के बंकरों, मस्जिदों में पनाह लेकर बैठे आतंकी
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जम्मू। कश्मीर में एलओसी पर घुसपैठ की घटनाओं में वृद्धि हो सकती है। सीमा पार से बड़े स्तर पर घुसपैठ की आशंका है। बांदीपोरा, बारामुला और कुपवाड़ा जिलों की एलओसी पर बड़े स्तर पर लश्कर और जैश ए मोहम्मद के आतंकी घुसपैठ के लिए तैयार बैठे हैं। वह पाकिस्तानी सेना के बंकरों और मस्जिदों में पनाह लिए हुए हैं। अहम बात यह है कि ये आतंकी 18 से 20 वर्ष की आयु के हैं।
बताया जा रहा है कि इन तीनों जिलों में दिसंबर महीने में बर्फ गिरती है। 18 से 20 फुट बर्फ गिरने से आतंकियों के घुसपैठ वाले रूट तीन महीनों के लिए बंद हो जाते हैं। इसलिए आतंकी रूट बंद होने से पहले बड़े स्तर पर घुसपैठ करने की फिराक में हैं, ताकि घुसपैठ के लिए अपने लिए ठिकाने बना सकें।
खुफिया एजेंसियों के सूत्राें का कहना है कि एलओसी के तंगधार, माछिल, उड़ी सेक्टर के सामने 12 से 13 लाचिंग पैड हैं। इन लाचिंग पैड पर 70 से 80 आतंकी इस समय पाकिस्तानी सेना के बंकरों, पीओके में बसे गांवों में बनी मस्जिदों में पनाह लेकर बैठे हुए हैं। इन आतंकियों के पास बड़े स्तर पर आधुनिक हथियार हैं। पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई की तरफ से आतंकी संगठनों और पाकिस्तानी सेना पर दबाव बनाया जा रहा है कि घुसपैठ करें और हर हाल में दिसंबर से पहले ऐसा करें।
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छह वर्ष में बढ़ गई लाचिंग पैड की संख्या
बता दें कि वर्ष 2016 में भारतीय सेना ने सर्जिकल स्ट्राइक कर पाकिस्तान के कई लाचिंग पैड ध्वस्त कर दिए थे। वर्ष 2018 में एयर स्ट्राइक करके कुछ और लाचिंग पैड ध्वस्त किए। इन दोनों हमलों के बाद आतंकी संगठनों ने एलओसी के नजदीक से अपने ठिकाने हटा लिए। अब फिर से अपने ठिकानों को सक्रिय कर दिया है। लेकिन खुद को महफूज रखने के लिए आतंकी स्वतंत्र रूप से रहने के बजाए सेना के बंकरों और ठिकानों में पनाह लेकर बैठे हुए हैं।
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बताया जा रहा है कि इन तीनों जिलों में दिसंबर महीने में बर्फ गिरती है। 18 से 20 फुट बर्फ गिरने से आतंकियों के घुसपैठ वाले रूट तीन महीनों के लिए बंद हो जाते हैं। इसलिए आतंकी रूट बंद होने से पहले बड़े स्तर पर घुसपैठ करने की फिराक में हैं, ताकि घुसपैठ के लिए अपने लिए ठिकाने बना सकें।
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खुफिया एजेंसियों के सूत्राें का कहना है कि एलओसी के तंगधार, माछिल, उड़ी सेक्टर के सामने 12 से 13 लाचिंग पैड हैं। इन लाचिंग पैड पर 70 से 80 आतंकी इस समय पाकिस्तानी सेना के बंकरों, पीओके में बसे गांवों में बनी मस्जिदों में पनाह लेकर बैठे हुए हैं। इन आतंकियों के पास बड़े स्तर पर आधुनिक हथियार हैं। पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई की तरफ से आतंकी संगठनों और पाकिस्तानी सेना पर दबाव बनाया जा रहा है कि घुसपैठ करें और हर हाल में दिसंबर से पहले ऐसा करें।
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छह वर्ष में बढ़ गई लाचिंग पैड की संख्या
बता दें कि वर्ष 2016 में भारतीय सेना ने सर्जिकल स्ट्राइक कर पाकिस्तान के कई लाचिंग पैड ध्वस्त कर दिए थे। वर्ष 2018 में एयर स्ट्राइक करके कुछ और लाचिंग पैड ध्वस्त किए। इन दोनों हमलों के बाद आतंकी संगठनों ने एलओसी के नजदीक से अपने ठिकाने हटा लिए। अब फिर से अपने ठिकानों को सक्रिय कर दिया है। लेकिन खुद को महफूज रखने के लिए आतंकी स्वतंत्र रूप से रहने के बजाए सेना के बंकरों और ठिकानों में पनाह लेकर बैठे हुए हैं।