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स्कॉस्ट जम्मू में किसान मेला 17 से, इस बार पांच दिन चलेगा : वीसी
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जम्मू। शेरे कश्मीर यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चर साइंस एंड टेक्नोलॉजी (स्कॉस्ट) जम्मू की ओर से किसान मेले का आयोजन 17 से 21 नवंबर को मुख्य परिसर चट्ठा में किया जाएगा। पहले मेला दो दिनों का होता था, लेकिन इस बार उप राज्यपाल मनोज सिन्हा के निर्देशों के कारण पांच दिन तक चलेगा। यह बात वीसी जेपी शर्मा ने प्रेस वार्ता में कही। उन्होंने कहा, मेले का शुभारंभ उप राज्यपाल मनोज सिन्हा करेंगे।
वीसी जेपी शर्मा ने कहा कि मेला प्रदर्शनी और तकनीक में बदलाव पर केंद्रित रहेगा। मेले में ज्यादा संख्या में किसान भाग लेंगे। इसके अलावा औद्योगिक, ग्रामीण युवा, महिलाएं समेत अन्य मौजूद रहेंगे। सबको कृषि, बागवानी और पशुपालन में आधुनिक तौर तरीकों की जानकारी दी जाएगी। इससे वे अपनी आय को बढ़ा सकेंगे।
इसमें पांच पद्मश्री किसान किशना यादव, पूजा शर्मा, राम शरण और अन्य भाग लेंगे और अपने विचार सांझा करेंगे। स्कूलों, कालेजों और यूनिवर्सिटी से भी छात्र भाग लेंगे। शहरी इलाकों के छात्र भी खेती के बारे में जानकारी ले सकेंगे और कृषि क्षेत्र में काम कर सकेंगे।
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उन्होंने कहा कि उप राज्यपाल मनोज सिन्हा की ओर से बैक टू विलेज कार्यक्रम शुरू किया गया है। इसमें क्लस्टर बेस्ड बिजनेस आर्गेनाइजेशन की ओर से एफपीओ का गठन किया गया है। अभी तक 17 एफपीओ गठित किए गए हैं। रामबन और किश्तवाड़ में दो नए केवीके काम कर रहे हैं। स्कॉस्ट जम्मू की ओर से 50 से ज्यादा नई वैरायटी लांच की गई है। अंतिम दो सालों में बासमती 118, 123, 138 को लांच किया गया है। इससे 25 से 35 फीसदी तक पैदावार बढ़ेगी।
इन प्रदेशों से आएंगे किसान
मेले में पंजाब, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, उत्तराखंड, राजस्थान से किसान भाग लेंगे। इसके अलावा स्वयं सहायता समूहों के लिए अलग से सामान दिखाने के लिए कार्नर सुविधा दी जाएगी। यहां वे अपने उत्पाद प्रदर्शित कर सकेंगे।
जैविक खेती पर भी किया जाएगा जागरूक
मेले में जैविक खेती, फूल, स्टार्ट अप योजनाओं, आत्मनिर्भर भारत, किसान गोष्ठी, बीज मुहैया करवाने, फल और फूल प्रदर्शनी के अलावा फल, पशु और डाग शॉ का आयोजन किया जाएगा। वहीं, पेंटिंग प्रतियोगिता, निबंध लेखन और जागरूकता कार्यक्रम होंगे। कुल 250 स्टाल लगाए जाएंगे।
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वीसी जेपी शर्मा ने कहा कि मेला प्रदर्शनी और तकनीक में बदलाव पर केंद्रित रहेगा। मेले में ज्यादा संख्या में किसान भाग लेंगे। इसके अलावा औद्योगिक, ग्रामीण युवा, महिलाएं समेत अन्य मौजूद रहेंगे। सबको कृषि, बागवानी और पशुपालन में आधुनिक तौर तरीकों की जानकारी दी जाएगी। इससे वे अपनी आय को बढ़ा सकेंगे।
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इसमें पांच पद्मश्री किसान किशना यादव, पूजा शर्मा, राम शरण और अन्य भाग लेंगे और अपने विचार सांझा करेंगे। स्कूलों, कालेजों और यूनिवर्सिटी से भी छात्र भाग लेंगे। शहरी इलाकों के छात्र भी खेती के बारे में जानकारी ले सकेंगे और कृषि क्षेत्र में काम कर सकेंगे।
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उन्होंने कहा कि उप राज्यपाल मनोज सिन्हा की ओर से बैक टू विलेज कार्यक्रम शुरू किया गया है। इसमें क्लस्टर बेस्ड बिजनेस आर्गेनाइजेशन की ओर से एफपीओ का गठन किया गया है। अभी तक 17 एफपीओ गठित किए गए हैं। रामबन और किश्तवाड़ में दो नए केवीके काम कर रहे हैं। स्कॉस्ट जम्मू की ओर से 50 से ज्यादा नई वैरायटी लांच की गई है। अंतिम दो सालों में बासमती 118, 123, 138 को लांच किया गया है। इससे 25 से 35 फीसदी तक पैदावार बढ़ेगी।
इन प्रदेशों से आएंगे किसान
मेले में पंजाब, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, उत्तराखंड, राजस्थान से किसान भाग लेंगे। इसके अलावा स्वयं सहायता समूहों के लिए अलग से सामान दिखाने के लिए कार्नर सुविधा दी जाएगी। यहां वे अपने उत्पाद प्रदर्शित कर सकेंगे।
जैविक खेती पर भी किया जाएगा जागरूक
मेले में जैविक खेती, फूल, स्टार्ट अप योजनाओं, आत्मनिर्भर भारत, किसान गोष्ठी, बीज मुहैया करवाने, फल और फूल प्रदर्शनी के अलावा फल, पशु और डाग शॉ का आयोजन किया जाएगा। वहीं, पेंटिंग प्रतियोगिता, निबंध लेखन और जागरूकता कार्यक्रम होंगे। कुल 250 स्टाल लगाए जाएंगे।