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जम्मू-कश्मीर को डिजिटल रूप से सशक्त समाज बनाने के लिए सभी हितधारक आएं आगे
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जम्मू। जम्मू-कश्मीर में डिजिटल सप्ताह का शुभारंभ करते हुए उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि प्रदेश में 209 सरकारी सेवाओं को ऑनलाइन कर दिया गया है। सरकार चाहती है कि सभी सरकारी सेवाएं आसानी से लोगों को बिना मानवीय हस्तक्षेप के उपलब्ध हों। आज सार्वजनिक रूप से इस्तेमाल होने वाले पाई-पाई पैसे का हिसाब उपलब्ध है। आह्वान किया कि डिजिटली सशक्त समाज तथा ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था के रूप में जम्मू-कश्मीर को बदलने के लिए सभी हितधारक आगे आएं।
श्रीनगर में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर इंटरनेट के उपयोग में देशभर में टॉप थ्री में है। यहां 52 फीसदी लोग इंटरनेट का उपयोग डिजिटल ट्रांजेक्शन के लिए करते हैं। इनमें 72 फीसदी पुरुष व 43.3 फीसदी महिलाएं शामिल हैं। महिलाएं भी पीछे नहीं हैं। केंद्र सरकार की हालिया रिपोर्ट के अनुसार जम्मू-कश्मीर में इस साल अब तक ई-ट्रांजेक्शन 22.48 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। पिछले महीने जम्मू-कश्मीर बैंक में 22 लाख से अधिक डिजिटल ट्रांजेक्शन हुए। कहा कि डिजिटल सप्ताह में नागरिक केंद्रित सूचना तकनीकी पहल से सुशासन में पारदर्शिता आएगी। साथ ही नागरिकों का जीवन आसान होगा। उन्होंने सभी हितधारकों को हिदायत दी कि सुशासन तथा नागरिक जीवन को आसान बनाने के लिए तीन से छह महीने का कम अवधि तथा लंबी अवधि का लक्ष्य तय किया जाए।
डिजी यात्रा की रवाना, डिजी दोस्त कार्यक्रम लॉंच
उप राज्यपाल ने डिजी दोस्त कार्यक्रम को भी लॉंच किया। इसका उद्देश्य जिला, ब्लाक तथा पंचायत स्तर पर डिजिटल रूप से सशक्त युवाओं का नेटवर्क तैयार करना है जो डिजिटल जम्मू-कश्मीर के ब्रांड अंबेसडर के रूप में काम कर सकें। वे डिजिटल सेवा की डिलिवरी, डाटा कलेक्शन, डिजिटल इंडिया अभियान का प्रचार करना तथा लोगों को साइबर क्राइम के बारे में जागरूक करने में भी सहायता करेंगे। उन्होंने डिजिटल सप्ताह को नागरिक समाज तथा पंचायती राज संस्थानों के माध्यम से लागू कराने को कहा। कहा कि ई गवर्नेंस में जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेशों में नंबर वन है। उन्होंने प्रत्येक जिले में डिजी मेला का शुभारंभ करने के साथ ही डिजी यात्रा को रवाना किया।
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श्रीनगर में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर इंटरनेट के उपयोग में देशभर में टॉप थ्री में है। यहां 52 फीसदी लोग इंटरनेट का उपयोग डिजिटल ट्रांजेक्शन के लिए करते हैं। इनमें 72 फीसदी पुरुष व 43.3 फीसदी महिलाएं शामिल हैं। महिलाएं भी पीछे नहीं हैं। केंद्र सरकार की हालिया रिपोर्ट के अनुसार जम्मू-कश्मीर में इस साल अब तक ई-ट्रांजेक्शन 22.48 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। पिछले महीने जम्मू-कश्मीर बैंक में 22 लाख से अधिक डिजिटल ट्रांजेक्शन हुए। कहा कि डिजिटल सप्ताह में नागरिक केंद्रित सूचना तकनीकी पहल से सुशासन में पारदर्शिता आएगी। साथ ही नागरिकों का जीवन आसान होगा। उन्होंने सभी हितधारकों को हिदायत दी कि सुशासन तथा नागरिक जीवन को आसान बनाने के लिए तीन से छह महीने का कम अवधि तथा लंबी अवधि का लक्ष्य तय किया जाए।
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डिजी यात्रा की रवाना, डिजी दोस्त कार्यक्रम लॉंच
उप राज्यपाल ने डिजी दोस्त कार्यक्रम को भी लॉंच किया। इसका उद्देश्य जिला, ब्लाक तथा पंचायत स्तर पर डिजिटल रूप से सशक्त युवाओं का नेटवर्क तैयार करना है जो डिजिटल जम्मू-कश्मीर के ब्रांड अंबेसडर के रूप में काम कर सकें। वे डिजिटल सेवा की डिलिवरी, डाटा कलेक्शन, डिजिटल इंडिया अभियान का प्रचार करना तथा लोगों को साइबर क्राइम के बारे में जागरूक करने में भी सहायता करेंगे। उन्होंने डिजिटल सप्ताह को नागरिक समाज तथा पंचायती राज संस्थानों के माध्यम से लागू कराने को कहा। कहा कि ई गवर्नेंस में जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेशों में नंबर वन है। उन्होंने प्रत्येक जिले में डिजी मेला का शुभारंभ करने के साथ ही डिजी यात्रा को रवाना किया।
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