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गैर मुमकिन खड्ड भूमि की बिक्री के लिए पंजीकरण जरूरी
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जम्मू। न्यायाधीश रजनीश ओसवाल ने एक महत्वपूर्ण आदेश में गैर मुमकिन खड्ड से संबंधित रिट याचिकाओं का फैसला कर दिया। इसमें गैर मुमकिन खड्ड भूमि की बिक्री के लिए पंजीकरण करवाना जरूरी है। याचिकाकर्ता रविंदर कुमार गुप्ता और रजत जंडियाल ने रिट याचिका में आदेश को चुनौती दी थी।
22 अक्तूबर 2020 को जारी आदेश में भूमि के बिक्री विलेख, पट्टा जारी करने पर रोक लगा दी गई थी। इस आदेश को असीम कुमार साहनी ने अधिवक्ता रविंदर कुमार गुप्त के माध्यम से चुनौती दी।
डिवीजन बेंच ने कहा कि 12 फरवरी 2016 के फैसले के अनुसार सरकार ने धारा 4 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए एसआरओ नंबर 456 को 25 अक्तूबर 2017 को जारी किया। कश्मीर जल संसाधन (विनियमन और प्रबंधन) अधिनियम 2010 के आधार पर सरकार ने जल नीति को अपनाया। प्रशासनिक परिषद ने 29 जनवरी 2022 के आधार पर 4 फरवरी 2022 को आदेश जारी किया और खंड 5.2 के अनुसार एसआरओ 456 के अनुपालन के लिए तीन स्तरीय समिति के गठन को मंजूरी दी। कहा गया कि भूमि का सीमांकन और सीमांकन जो किसी जलमार्ग, स्रोत का हिस्सा नहीं है, लेकिन राजस्व अभिलेखों में गैर मुमकिन खड्ड, गैर मुमकिन दरिया, गैर मुमकीन नाला के रूप में दर्ज किया गया है। इसका रिकॉर्ड में पंजीकरण करवाना जरूरी है।
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22 अक्तूबर 2020 को जारी आदेश में भूमि के बिक्री विलेख, पट्टा जारी करने पर रोक लगा दी गई थी। इस आदेश को असीम कुमार साहनी ने अधिवक्ता रविंदर कुमार गुप्त के माध्यम से चुनौती दी।
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डिवीजन बेंच ने कहा कि 12 फरवरी 2016 के फैसले के अनुसार सरकार ने धारा 4 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए एसआरओ नंबर 456 को 25 अक्तूबर 2017 को जारी किया। कश्मीर जल संसाधन (विनियमन और प्रबंधन) अधिनियम 2010 के आधार पर सरकार ने जल नीति को अपनाया। प्रशासनिक परिषद ने 29 जनवरी 2022 के आधार पर 4 फरवरी 2022 को आदेश जारी किया और खंड 5.2 के अनुसार एसआरओ 456 के अनुपालन के लिए तीन स्तरीय समिति के गठन को मंजूरी दी। कहा गया कि भूमि का सीमांकन और सीमांकन जो किसी जलमार्ग, स्रोत का हिस्सा नहीं है, लेकिन राजस्व अभिलेखों में गैर मुमकिन खड्ड, गैर मुमकिन दरिया, गैर मुमकीन नाला के रूप में दर्ज किया गया है। इसका रिकॉर्ड में पंजीकरण करवाना जरूरी है।
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