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आधार कार्ड, गोल्डन हेल्थ कार्ड और बैंक खातों से जुडे़ंगे जनजातीय क्षेत्र
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जम्मू। जनजातीय क्षेत्रों में अब लोगों को आधार कार्ड, गोल्डन हेल्थ कार्ड समेत बैंक खातों की सुविधा दी जाएगी। अब युवाओं के कौशल विकास पर काम होगा। इसके लिए दस करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इससे युवाओं को आगे बढ़ने का मौका मिलेगा। यह बात मुख्य सचिव डॉ. अरुण कुमार मेहता ने जनजातीय मामले विभाग के कामकाज की समीक्षा बैठक में कही।
मुख्य सचिव को पहले सर्वेक्षण के परिणाम के बारे में अवगत कराया गया। बताया गया कि जनजातीय विभाग ने वर्ष 2021-22 के दौरान लाभार्थियों के कल्याण के लिए वन अधिकार अधिनियम, आदिवासी पर्यटन ग्राम योजना, क्लस्टर आदिवासी मॉडल गांव, जनजातीय स्वास्थ्य योजना और आने-जाने की सुविधाओं के कार्यान्वयन पर ध्यान केंद्रित किया और इन पर काम शुरू किया।
मुख्य सचिव को इंटरनेट कनेक्टिविटी की दिक्कत, ऊंचे चरागाहों में स्वास्थ्य सुविधाओं की सीमित उपलब्धता से अवगत कराया गया। मुख्य सचिव ने यहां पर सुविधाएं मुहैया करवाने के निर्देश दिए। कहा, स्थानीय युवाओं को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के परामर्श से शिविरों में प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल सुविधाएं दी जाएं।
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एकीकृत ग्राम विकास योजना के तहत पेयजल, स्वच्छता, शिक्षा, आजीविका, बिजली आपूर्ति, सड़क संपर्क, मोबाइल और इंटरनेट कनेक्टिविटी के मानकों में सुधार के लिए विभिन्न परियोजनाएं चलाई जा रही हैं। जनजातीय बस्तियों में डॉ. मेहता ने समुदाय के समग्र विकास पर जोर दिया और समयबद्ध तरीके से पूरा किए जाने वाले उपायों की शुरुआत करने का निर्देश दिया।
विभाग को ऊन, दूध और वन आधारित उद्योगों के एकीकृत विकास पर ध्यान केंद्रित कर जनजातीय आबादी की आय दोगुनी करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। आगामी तीन महीने के भीतर लंबित एफआरए मामलों को पूरा करने और एक सप्ताह के भीतर सभी विभागों द्वारा टीएसपी का निर्माण सुनिश्चित करने के लिए कहा गया।
जनजातीय हेल्पलाइन नंबर, 8 ट्रांजिट आवासों का काम पूरा करने निर्देश
मुख्य सचिव को परिवहन सुविधा के लिए पायलट परियोजना के बारे में भी अवगत कराया गया। विभाग को एक जनजातीय हेल्पलाइन नंबर स्थापित करने और जुलाई 2022 तक सभी 8 ट्रांजिट आवासों के काम को पूरा करने के लिए कहा गया। मिशन यूथ को विशेष रूप से जनजातीय क्षेत्रों के पात्र युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए कहा। इस पर 10 करोड़ विशेष रूप से निर्धारित किए जाएंगे। शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए अनंतनाग, कुलगाम, गुरेज, कोटरंका, राजोरी और मेंढर में एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय स्थापित किए जा रहे हैं। अप्रैल 2022 तक काम पूरा हो जाएगा।
छात्रवृत्ति पोर्टल शुरू, 12 करोड़ वितरित
इस अवसर पर मुख्य सचिव ने जनजातीय समुदाय के छात्रों को छात्रवृत्ति वितरण के लिए छात्रवृत्ति पोर्टल का शुभारंभ किया। मुख्य सचिव ने डीबीटी के माध्यम से पात्र लाभार्थियों को 12 करोड़ वितरित किए। विभाग जनजातीय समुदाय के 2.02 लाख से अधिक छात्रों को छात्रवृत्ति प्रदान कर रहा है।
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मुख्य सचिव को पहले सर्वेक्षण के परिणाम के बारे में अवगत कराया गया। बताया गया कि जनजातीय विभाग ने वर्ष 2021-22 के दौरान लाभार्थियों के कल्याण के लिए वन अधिकार अधिनियम, आदिवासी पर्यटन ग्राम योजना, क्लस्टर आदिवासी मॉडल गांव, जनजातीय स्वास्थ्य योजना और आने-जाने की सुविधाओं के कार्यान्वयन पर ध्यान केंद्रित किया और इन पर काम शुरू किया।
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मुख्य सचिव को इंटरनेट कनेक्टिविटी की दिक्कत, ऊंचे चरागाहों में स्वास्थ्य सुविधाओं की सीमित उपलब्धता से अवगत कराया गया। मुख्य सचिव ने यहां पर सुविधाएं मुहैया करवाने के निर्देश दिए। कहा, स्थानीय युवाओं को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के परामर्श से शिविरों में प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल सुविधाएं दी जाएं।
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एकीकृत ग्राम विकास योजना के तहत पेयजल, स्वच्छता, शिक्षा, आजीविका, बिजली आपूर्ति, सड़क संपर्क, मोबाइल और इंटरनेट कनेक्टिविटी के मानकों में सुधार के लिए विभिन्न परियोजनाएं चलाई जा रही हैं। जनजातीय बस्तियों में डॉ. मेहता ने समुदाय के समग्र विकास पर जोर दिया और समयबद्ध तरीके से पूरा किए जाने वाले उपायों की शुरुआत करने का निर्देश दिया।
विभाग को ऊन, दूध और वन आधारित उद्योगों के एकीकृत विकास पर ध्यान केंद्रित कर जनजातीय आबादी की आय दोगुनी करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। आगामी तीन महीने के भीतर लंबित एफआरए मामलों को पूरा करने और एक सप्ताह के भीतर सभी विभागों द्वारा टीएसपी का निर्माण सुनिश्चित करने के लिए कहा गया।
जनजातीय हेल्पलाइन नंबर, 8 ट्रांजिट आवासों का काम पूरा करने निर्देश
मुख्य सचिव को परिवहन सुविधा के लिए पायलट परियोजना के बारे में भी अवगत कराया गया। विभाग को एक जनजातीय हेल्पलाइन नंबर स्थापित करने और जुलाई 2022 तक सभी 8 ट्रांजिट आवासों के काम को पूरा करने के लिए कहा गया। मिशन यूथ को विशेष रूप से जनजातीय क्षेत्रों के पात्र युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए कहा। इस पर 10 करोड़ विशेष रूप से निर्धारित किए जाएंगे। शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए अनंतनाग, कुलगाम, गुरेज, कोटरंका, राजोरी और मेंढर में एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय स्थापित किए जा रहे हैं। अप्रैल 2022 तक काम पूरा हो जाएगा।
छात्रवृत्ति पोर्टल शुरू, 12 करोड़ वितरित
इस अवसर पर मुख्य सचिव ने जनजातीय समुदाय के छात्रों को छात्रवृत्ति वितरण के लिए छात्रवृत्ति पोर्टल का शुभारंभ किया। मुख्य सचिव ने डीबीटी के माध्यम से पात्र लाभार्थियों को 12 करोड़ वितरित किए। विभाग जनजातीय समुदाय के 2.02 लाख से अधिक छात्रों को छात्रवृत्ति प्रदान कर रहा है।