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अनुच्छेद 370 की बंदिशें खत्म होने के बाद निवेश के द्वार खुले
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जम्मू। जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 की बंदिशें खत्म होने के बाद निवेश के द्वार खुले हैं। सरकार के पास विभिन्न निवेश क्षेत्रों के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट के साथ 44 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव आ चुके हैं और मार्च 2022 तक इसका दायरा 60 हजार करोड़ तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है। निवेशकों के लिए सभी सुविधाएं और सरल नियम बनाए गए हैं। इसमें सभी औपचारिकताओं को एक ही जगह पर पूरा करने के लिए प्रदेश में सिंगल विंडो प्रणाली को प्राथमिकता दी जा रही है। इससे आने वाले सालों में जम्मू कश्मीर की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के साथ रोजगार के साधन बढ़ेंगे।
सरकार ने औद्योगिक क्षेत्र के विस्तार के लिए दशकों पुराने कई नियमों में संशोधन करके सरल बनाया है। अब प्रदेश में कृषि योग्य भूमि को भी गैर कृषि गतिविधियों के लिए उपयोग में लाया जा सकता है। इसी तरह दशकों से कुछ समुदायों के लिए प्रदेश में बंद की गई भूमि की खरीद फरोख्त प्रक्रिया को शुरू किया गया है। सरकार जल्द ही स्टांप शुल्क दरों को युक्तिसंगत करने पर विचार कर रही है। जम्मू-कश्मीर के लिए एक लाख करोड़ रुपये का निवेश कार्यान्वयन के विभिन्न चरणों में है। देश के बाद विदेशों से भी विभिन्न क्षेत्रों में निवेश को लाया जा रहा है। विदेशी कंपनियों ने एग्रो प्रोसेसिंग, फार्मास्यूटिकल, सीमेंट, टेली कम्युनिकेशन इक्यूपमेंट, सेवा क्षेत्र आदि में रुझान दिखाया है। उद्योग एवं वाणिज्य विभाग आगामी दिनों मे दुबई में रोड शो, प्रदर्शनी, एक्सपो का आयोजन कर रहा है। सरकार ने निजी भूमि पर भी उद्योग लगाने के लिए भूमि उपयोग परिवर्तन के नियम बनाए हैं। सरकार ने अनुच्छेद 370 के हटने के बाद उद्यमियों की सहूलियत के लिए 160 से ज्यादा सुधार लाए हैं। एकल विंडो क्लीयरेंस के माध्यम से 120 सेवाओं को ऑनलाइन किया जा रहा है। कोविड की वजह से कई नई इकाइयां उत्पादन समय सीमा में शुरू नहीं कर पाई है, ऐसी इकाइयां अब 31 मार्च 2022 तक पंजीकरण करवा सकती हैं।
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सरकार ने औद्योगिक क्षेत्र के विस्तार के लिए दशकों पुराने कई नियमों में संशोधन करके सरल बनाया है। अब प्रदेश में कृषि योग्य भूमि को भी गैर कृषि गतिविधियों के लिए उपयोग में लाया जा सकता है। इसी तरह दशकों से कुछ समुदायों के लिए प्रदेश में बंद की गई भूमि की खरीद फरोख्त प्रक्रिया को शुरू किया गया है। सरकार जल्द ही स्टांप शुल्क दरों को युक्तिसंगत करने पर विचार कर रही है। जम्मू-कश्मीर के लिए एक लाख करोड़ रुपये का निवेश कार्यान्वयन के विभिन्न चरणों में है। देश के बाद विदेशों से भी विभिन्न क्षेत्रों में निवेश को लाया जा रहा है। विदेशी कंपनियों ने एग्रो प्रोसेसिंग, फार्मास्यूटिकल, सीमेंट, टेली कम्युनिकेशन इक्यूपमेंट, सेवा क्षेत्र आदि में रुझान दिखाया है। उद्योग एवं वाणिज्य विभाग आगामी दिनों मे दुबई में रोड शो, प्रदर्शनी, एक्सपो का आयोजन कर रहा है। सरकार ने निजी भूमि पर भी उद्योग लगाने के लिए भूमि उपयोग परिवर्तन के नियम बनाए हैं। सरकार ने अनुच्छेद 370 के हटने के बाद उद्यमियों की सहूलियत के लिए 160 से ज्यादा सुधार लाए हैं। एकल विंडो क्लीयरेंस के माध्यम से 120 सेवाओं को ऑनलाइन किया जा रहा है। कोविड की वजह से कई नई इकाइयां उत्पादन समय सीमा में शुरू नहीं कर पाई है, ऐसी इकाइयां अब 31 मार्च 2022 तक पंजीकरण करवा सकती हैं।
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