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सरकारी कर्मियों को 7वें वेतन आयोग का विकल्प
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जम्मू। सरकारी कर्मचारियों को वेतन निर्धारण के लिए अगले आयोग में विकल्प लेने का आखिरी मौका दिया गया है। यानी अगर कोई कर्मचारी 5वें या 6वें आयोग के वेतन में है तो वह 7वें आयोग के लिए विकल्प ले सकता है। इससे कर्मचारी के वेतमान में बढ़ोतरी होगी। सरकारी विभागों में कई कर्मचारी पुराने आयोग के वेतनमान के विकल्प पर चल रहे हैं। वेतन निर्धारण के नए मौके के लिए वित्त विभाग के निदेशक जनरल (कोड्स) एसएल पंडिता की ओर से आदेश जारी किया गया है।
वित्त विभाग के कोड्स डिवीजन की ओर से बताया गया कि 1 जनवरी 2016 या इससे पूर्व कर्मियों को पदोन्नति वित्तीय उन्नयन प्रदान किया गया, लेकिन स्पष्टीकरण की कमी के कारण अंडर रूल 13 जेएंडके सिविल सर्विस (संशोधित) वेतन रूल्स 2018 के तहत उक्त कर्मचारियों का वेतन निर्धारण नहीं हो पाया। इसमें 28 नवंबर 2019 और 7 फरवरी 2020 को वेतन निर्धारण के लिए कर्मी को तीन माह के भीतर अगले आयोग में जाने का विकल्प दिया गया। इसी तरह 15 अप्रैल 2021 को भी ऐसे कर्मियों को वेतन निर्धारण के लिए अगले आयोग में जाने का विकल्प दिया गया, लेकिन कर्मचारी मौके का लाभ नहीं ले पाए। जिसके बाद कर्मचारियों को आखिरी मौका देते हुए 7वें आयोग में शामिल होने का विकल्प दिया गया है।
वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अटल डुलू का कहना है कि कई सरकारी कर्मचारियों ने 5वें या 6वें आयोग के वेतन निर्धारण का विकल्प लिया होता है। इसके कई ऐसे अलग से मामले होते हैं जिनमें कर्मी का पहले से ही उच्च वेतनमान में होता है और वे अगले आयोग का विकल्प नहीं लेते हैं। ऐसे कर्मचारियों के लिए अगले वेतन आयोग का विकल्प देने का मौका दिया गया है।
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वित्त विभाग के कोड्स डिवीजन की ओर से बताया गया कि 1 जनवरी 2016 या इससे पूर्व कर्मियों को पदोन्नति वित्तीय उन्नयन प्रदान किया गया, लेकिन स्पष्टीकरण की कमी के कारण अंडर रूल 13 जेएंडके सिविल सर्विस (संशोधित) वेतन रूल्स 2018 के तहत उक्त कर्मचारियों का वेतन निर्धारण नहीं हो पाया। इसमें 28 नवंबर 2019 और 7 फरवरी 2020 को वेतन निर्धारण के लिए कर्मी को तीन माह के भीतर अगले आयोग में जाने का विकल्प दिया गया। इसी तरह 15 अप्रैल 2021 को भी ऐसे कर्मियों को वेतन निर्धारण के लिए अगले आयोग में जाने का विकल्प दिया गया, लेकिन कर्मचारी मौके का लाभ नहीं ले पाए। जिसके बाद कर्मचारियों को आखिरी मौका देते हुए 7वें आयोग में शामिल होने का विकल्प दिया गया है।
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वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अटल डुलू का कहना है कि कई सरकारी कर्मचारियों ने 5वें या 6वें आयोग के वेतन निर्धारण का विकल्प लिया होता है। इसके कई ऐसे अलग से मामले होते हैं जिनमें कर्मी का पहले से ही उच्च वेतनमान में होता है और वे अगले आयोग का विकल्प नहीं लेते हैं। ऐसे कर्मचारियों के लिए अगले वेतन आयोग का विकल्प देने का मौका दिया गया है।
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