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जम्मू: अब कोट भलवाल जेल की सुरक्षा का जिम्मा CISF के पास, 260 कर्मी निगरानी में जुटे
Mon, 23 Oct 2023 05:08 PM IST
kumar गुलशन कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: kumar गुलशन कुमार
Updated Mon, 23 Oct 2023 05:08 PM IST
सार
जम्मू-कश्मीर की श्रीनगर और कोट भलवाल जेलें बेहद संवेदनशील हैं। इन जेलों में कई खूंखार आतंकवादी और कुख्यात अपराधी बंद हैं। गृह मंत्रालय ने सीआईएसएफ को कोट भलवाल जेल की सुरक्षा सीआरपीएफ से लेने का आदेश जारी किया था।
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CISF (File)
- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
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विस्तार
केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) ने जम्मू में कोट भलवाल जेल की सुरक्षा संभाल ली है। यह केंद्र शासित प्रदेश जम्मू कश्मीर की एक उच्च सुरक्षा वाली केंद्रीय जेल है। इसमें 900 से अधिक कैदी हैं, जिनमें कुछ विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। उच्च सुरक्षा वाली सेंट्रल जेल की सुरक्षा बीते शुक्रवार को केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) से सीआईएसएफ को सौंपीं। डिप्टी कमांडेंट रैंक के अधिकारी के नेतृत्व में बल के लगभग 260 कर्मियों को आंतरिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए तैनात किया गया है।
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गृह मंत्रालय ने 13 अक्टूबर को सीआईएसएफ को कोट भलवाल जेल की सुरक्षा सीआरपीएफ से लेने का आदेश जारी किया। यह जम्मू-कश्मीर की दूसरी जेल है, जिसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी सीआईएसएफ को सौंपी गई है। सीआईएसएफ एक अर्धसैनिक बल है, जिसमें लगभग 1.75 लाख कर्मी शामिल हैं।
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इस साल 22 सितंबर को बल को जारी किए गए गृह मंत्रालय के आदेश के बाद तीन अक्तूबर को सीआईएसएफ ने सीआरपीएफ से श्रीनगर जेल की सुरक्षा भी अपने हाथ में ले ली। जम्मू-कश्मीर की श्रीनगर और कोट भलवाल जेलें बेहद संवेदनशील हैं। इन जेलों में कई खूंखार आतंकवादी और कुख्यात अपराधी बंद हैं। कोट भलवाल में 900 और श्रीनगर जेलों में 500 से अधिक कैदी हैं।
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सीआईएसएफ के उप महानिरीक्षक (संचालन) श्रीकांत किशोर ने बताया, "सीआईएसएफ ने 20 अक्टूबर को सीआरपीएफ से कोट भलवाल जेल की सुरक्षा अपने हाथ में ले ली।"
वर्तमान में कैदियों को रखने के लिए विभिन्न प्रकार की तेरह जेलें हैं, जिनमें कोट भलवाल और श्रीनगर में दो केंद्रीय जेल शामिल हैं। जम्मू, कठुआ, उधमपुर, राजौरी, पुंछ, बारामुला और कुपवाड़ा और लेह में आठ जिला जेल और हीरानगर, रियासी और किश्तवाड़ में तीन उप-जेल हैं। इन जेलों में कैदियों की कुल क्षमता 2,775 है।
कोट भलवाल सेंट्रल जेल की सुरक्षा संभालने के साथ दिल्ली मेट्रो, महत्वपूर्ण सरकारी भवनों, प्रतिष्ठित विरासत स्मारकों, परमाणु प्रतिष्ठानों, अंतरिक्ष प्रतिष्ठानों, बंदरगाहों और बिजली संयंत्रों की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी सीआईएसएफ के पास है।
सीआईएसएफ के पास एक विशेष वीआईपी सुरक्षा वर्टिकल भी है जो महत्वपूर्ण सुरक्षा प्राप्त लोगों को चौबीसों घंटे सुरक्षा प्रदान करता है। नवंबर 2008 में मुंबई आतंकवादी हमले के बाद, निजी कॉर्पोरेट प्रतिष्ठानों को भी सुरक्षा कवर प्रदान करने के लिए सीआईएसएफ के कार्यक्षेत्र का विस्तार किया गया था।
सीआईएसएफ वर्तमान में देश भर में 358 प्रतिष्ठानों को सुरक्षा कवर प्रदान कर रहा है। सीआईएसएफ का अपना फायर विंग भी है जो उपरोक्त 104 प्रतिष्ठानों को सेवाएं प्रदान करता है।