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जम्मू-कश्मीर: बन टोला प्लाजा में नाका कारगर, एक माह में 200 मवेशी छुड़ाए, दर्जन भर वाहन जब्त
Sun, 12 Jan 2020 07:30 PM IST
Pranjal Dixit
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: Pranjal Dixit
Updated Sun, 12 Jan 2020 07:30 PM IST
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जम्मू-कश्मीर पुलिस
- फोटो : फाइल, अमर उजाला
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जम्मू-कश्मीर पुलिस को चकमा देकर फरार हो जाने वाले पशु तस्करों के खिलाफ पुलिस की नई रणनीति कारगर साबित हो रही है। बन टोल प्लाजा पर नाका लगाकर पुलिस ने पिछले एक माह में दर्जनभर वाहन जब्त कर 200 से ज्यादा मवेशी छुड़ाए गए हैं।
इससे पूर्व हाईवे पर नाका लगाने के बावजूद पशु तस्कर हत्थे नहीं चढ़ रहे थे। बन टोल प्लाजा में नाके से भाग पाना पशु तस्करों के लिए मुमकिन हो पा रहा है। पिछले एक महीने में पुलिस ने दो दर्जन से अधिक तस्करों को भी दबोचा है।
उल्लेखनीय है कि हाइवे के बंद होने के चलते पशु तस्करों के ट्रक हाइवे पर फंस जाते हैं। जब ट्रकों का काफिला आगे बढ़ता है तो पशु तस्करी में लगे वाहन भी आड़ लेकर निकलने की कोशिश करते हैं।
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बनाई जा रही सूची, पीएसए की तैयारी
पशु तस्करी के मामलों में बार बार पकड़े जा रहे आरोपियों पर पुलिस पीएसए लगाने की अनुशंसा करेगी। पुलिस की ओर से ऐसे तत्वों की सूची तैयार की जा रही है। पिछले साल भी पुलिस की तरफ से बड़े स्तर पर अपराधियों और तस्करों पर पीएसए लगाने की सिफारिश की गई। एक ही मामले में छह से अधिक एफआईआर होने के बाद पुलिस पीएसए की सिफारिश करती है।
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इससे पूर्व हाईवे पर नाका लगाने के बावजूद पशु तस्कर हत्थे नहीं चढ़ रहे थे। बन टोल प्लाजा में नाके से भाग पाना पशु तस्करों के लिए मुमकिन हो पा रहा है। पिछले एक महीने में पुलिस ने दो दर्जन से अधिक तस्करों को भी दबोचा है।
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उल्लेखनीय है कि हाइवे के बंद होने के चलते पशु तस्करों के ट्रक हाइवे पर फंस जाते हैं। जब ट्रकों का काफिला आगे बढ़ता है तो पशु तस्करी में लगे वाहन भी आड़ लेकर निकलने की कोशिश करते हैं।
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बनाई जा रही सूची, पीएसए की तैयारी
पशु तस्करी के मामलों में बार बार पकड़े जा रहे आरोपियों पर पुलिस पीएसए लगाने की अनुशंसा करेगी। पुलिस की ओर से ऐसे तत्वों की सूची तैयार की जा रही है। पिछले साल भी पुलिस की तरफ से बड़े स्तर पर अपराधियों और तस्करों पर पीएसए लगाने की सिफारिश की गई। एक ही मामले में छह से अधिक एफआईआर होने के बाद पुलिस पीएसए की सिफारिश करती है।