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पाक से झटे इलाकों ने जताया जम्हूरियत पर विश्वास, न अलगाववादियों के बहिष्कार, न आतंकी धमकी का असर

Sun, 14 Oct 2018 06:40 PM IST
बृजेश कुमार सिंह, जम्मू
बृजेश कुमार सिंह, जम्मू Updated Sun, 14 Oct 2018 06:40 PM IST
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jammu kashmir municipal election voting percentage is going on hike
वोट डालने के लिए भारी संख्या में पहुंच रहे हैं लोग - फोटो : अमर उजाला
रियासत में तेरह साल बाद हो रहे निकाय चुनाव में न अलगाववादियों के बहिष्कार का जादू चला और न ही आतंकियों की धमकी का असर। पाकिस्तान और पीओके से लगते इलाकों में पहले तीन चरणों में 70 फीसदी से अधिक मतदान हुआ। अवाम ने जम्हूरियत पर विश्वास जताकर पाकिस्तान को साफ संदेश दिया कि राज्य को अस्थिर करने की साजिश कामयाब नहीं होने पाएगी।
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चाहे कश्मीर संभाग हो या फिर जम्मू संभाग सभी जगह सीमांत इलाकों में जमकर वोट डाले गए। कश्मीर के उड़ी, सुंबल, हंदवाड़ा तथा जम्मू संभाग के पुंछ, राजोरी, सुंदरबनी, आरएस पुरा, रामगढ़, अरनिया, बिश्नाह, नौशेरा सहित अन्य स्थानों पर निकाय चुनाव में काफी तादाद में लोग मतदान करने निकले। जम्मू संभाग के पुंछ, राजोरी, किश्तवाड़, डोडा, रामबन, बनिहाल आदि इलाके घाटी से लगते हैं। यहां अलगाववादियों के आह्वान का अमूमन असर देखने को मिलता है।
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बंद तथा बहिष्कार के अलगाववादियों की कॉल को नजरअंदाज करते हुए 70 प्रतिशत से अधिक लोगों ने वोट डाले। सांबा तथा कठुआ जिला अंतरराष्ट्रीय सीमा से लगता है। यहां के रामगढ़, हीरानगर, विजयपुर आदि निकायों में अच्छी तादाद में वोटिंग हुई। इसके साथ ही जम्मू जिले में पाकिस्तानी गोलाबारी का गवाह बनने वाले अरनिया, बिश्नाह, आरएसपुरा आदि सीमांत इलाकों में भी जमकर लोगों ने वोट डाले।
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मुख्य चुनाव अधिकारी शालीन काबराने बताया कि पहले तीन चरण का चुनाव शांतिपूर्ण निकल गया है। जम्मू के अलावा घाटी में भी लोग मतदान करने निकले। लोगों ने लोकतंत्र पर विश्वास जताया है। उम्मीद है कि केवल घाटी में होने वाले आखिरी चरण में भी मतदाता निकलेंगे।

अलगाववादियों के गढ़ में भी पड़े वोट

खास बात यह भी रही कि चुनाव बहिष्कार का एलान करने वाले अलगाववादी नेता सैय्यद अली शाह गिलानी, मीरवाइज उमर फारूक और यासीन मलिक के इलाकों में भी लोगों ने वोट डाले। आतंक के गढ़ दक्षिणी कश्मीर में भी लोग मुंह ढंककर तथा बुर्का पहनकर बूथों तक पहुंचे। श्रीनगर के हैदरपोरा वार्ड में जहां गिलानी का घर है वहां भी तीसरे चरण में शनिवार को 32 लोगों ने मताधिकार किया।

पूर्व आतंकी और नेकां के बागी भी चुनाव मैदान में
हरकत-उल-मुजाहिदीन के पूर्व आतंकी फारूक अहमद डार उर्फ सैफुल्लाह मीर ने जम्हूरियत पर विश्वास जताते हुए श्रीनगर नगर निगम के वार्ड 37 से प्रत्याशी हैं। इसके साथ ही नेकां के बागी जुनैद मट्टू वार्ड चार से किस्मत आजमा रहे हैं। जुनैद ने नेकां के बहिष्कार को बेमानी ठहराया है। घाटी की दो प्रमुख पार्टियां नेकां व पीडीपी ने चुनाव का बहिष्कार कर रखा है।  

 

इन जगहों पर रही यह वोटिंग प्रतिशत

स्थान        वोटिंग (प्रतिशत)
उड़ी            75.3
सुंबल           35.6
हंदवाड़ा        32.3
पुंछ              70.9
राजोरी          74.71
अखनूर         80.70
अरनिया        79.40
बिश्नाह          86.49
खौड़            82.09
आरएस पुरा   76.36
सुंदरबनी       90.14
नौशेरा          85.77
विजयपुर       85.39
रामगढ़         82.77
सांबा            78.77

 
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