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जम्मू कश्मीर: एलजी बोले-सस्ता और सुलभ स्वास्थ्य सुविधा प्राथमिकता, फारूक और तारिगामी ने उठाई थी मांग
Sat, 22 Jul 2023 11:38 AM IST
विमल शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर
अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर
Published by: विमल शर्मा
Updated Sat, 22 Jul 2023 11:38 AM IST
सार
उपराज्यपाल ने प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों को आश्वासन दिया कि यूटी प्रशासन सभी के लिए स्वास्थ्य के लिए प्रतिबद्ध है। प्रतिनिधिमंडल द्वारा उठाए गए स्टाफ संबंधी मुद्दे को प्राथमिकता के आधार पर और समयबद्ध तरीके से संबोधित किया जाएगा।
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एलजी मनोज सिन्हा
- फोटो : संवाद
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विस्तार
नेकां अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला, सीपीआई (एम) केंद्रीय समिति के सदस्य एमवाई तारिगामी और पीडीपी के महासचिव डॉ. मेहबूब बेग ने राजभवन में उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से मुलाकात की। उन्होंने ज्ञापन सौंपकर स्किम्स श्रीनगर में डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ की भर्ती और स्वास्थ्य क्षेत्र से संबंधित कई अन्य मुद्दों पर हस्तक्षेप की मांग की।
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उपराज्यपाल ने प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों को आश्वासन दिया कि यूटी प्रशासन सभी के लिए स्वास्थ्य के लिए प्रतिबद्ध है। प्रतिनिधिमंडल द्वारा उठाए गए स्टाफ संबंधी मुद्दे को प्राथमिकता के आधार पर और समयबद्ध तरीके से संबोधित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में पिछले 3 वर्षों में जम्मू-कश्मीर में अभूतपूर्व स्वास्थ्य बुनियादी ढांचा तैयार हुआ है।
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हमारे निरंतर प्रयासों के कारण आज जम्मू-कश्मीर देश में सबसे अच्छी सार्वजनिक स्वास्थ्य देखभाल सुविधाओं में से एक है। यूटी प्रशासन यह सुनिश्चित करने के लिए संवेदनशीलता के साथ काम कर रहा है कि आम आदमी को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा मिल सके।
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दस स्वास्थ्य मापदंडों पर हमारा प्रदर्शन राष्ट्रीय औसत से बेहतर है, जो जीवन की गुणवत्ता और केंद्र शासित प्रदेश के स्वास्थ्य क्षेत्र में परिवर्तन की हमारी प्रतिबद्धता का प्रमाण है। उपराज्यपाल ने कहा कि स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए 7000 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।
जिलों में जर्जर बुनियादी ढांचे को अपग्रेड करने के लिए 881 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। दो नए एम्स, सात नए मेडिकल कॉलेज, पांच नए नर्सिंग कॉलेज, 10 नर्सिंग कॉलेजों के उन्नयन और दो हड्डी अस्पतालों के साथ जम्मू कश्मीर देश में स्वास्थ्य सेवा वितरण प्रणाली को फिर से परिभाषित कर रहा है।
जम्मू व श्रीनगर में दो अत्याधुनिक कैंसर संस्थान भी खुल रहे हैं। इनमें सर्वोत्तम देखभाल प्रदान करने और प्रशिक्षित जनशक्ति सुनिश्चित करने के लिए टाटा कैंसर संस्थान के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं। हड्डी अस्पताल श्रीनगर का काम तेज कर दिया गया है और इस साल के अंत तक इसके पूरा होने की उम्मीद है।
उन्होंने कहा कि हर जिला अस्पताल में डायलिसिस सुविधाएं उपलब्ध हैं। इसके अलावा आयुष्मान भारत-सेहत योजना के तहत जम्मू कश्मीर के हर घर को पांच लाख रुपये का सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज प्रदान किया जाता है।
लगभग 98 फीसदी आबादी की पहुंच आयुष्मान भारत तक है, जो गरीबों, समाज के हाशिए पर रहने वाले वर्ग के साथ-साथ मध्यम वर्ग के लिए वरदान साबित हुआ है। पहले क्रिटिकल केयर एम्बुलेंस की कोई सुविधा नहीं थी। हालांकि, अब यह पूरे केंद्र शासित प्रदेश में चौबीसों घंटे उपलब्ध है। जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश के प्रत्येक नागरिक के लिए सुलभ, किफायती और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।