जम्मू-कश्मीर: हीरानगर की सन्याल पुलिस चौकी को निशाना बनाने की जांच जारी, आतंकी साजिश की आशंका
पुलिस अधिकारी ने बताया कि सन्याल पुलिस चौकी को निशाना बनाने की साजिश थी। मामले की जांच की जा रही है। इसके लिए कुछ लोगों से पूछताछ की गई है।
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भारत पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से मात्र 3 किलोमीटर पहले क्षेत्र हीरानगर की सन्याल पुलिस चौकी को निशाना बनाने की साजिश नाकाम रही। मगर इस क्षेत्र के लोगों में अभी भी दहशत का माहौल है। बुधवार रात साढ़े 9 बजे चौकी से मात्र 200 मीटर की दूरी पर जोरदार धमाका हुआ।
धमाके की आवाज सुनकर लोग डर गए। अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सीजफायर के चलते लंबे समय बाद हुए इस तरह के धमाके ने लोगों की पुरानी याद ताजा कर दी। कुछ समय के लिए लोगों को लगा कि शायद पाकिस्तान ने फिर गोलाबारी शुरू कर दी है। वहीं धमाके के बाद इलाके में गश्त कर रहे थाना प्रभारी ने घटनास्थल पर पहुंचकर इलाके की घेराबंदी शुरू की।
देर रात तक तलाशी अभियान चलाया गया और सुबह फिर तलाशी अभियान के दौरान पुलिस चौकी से 100 मीटर की दूरी पर जिंदा ग्रनेड मिला। जिला पुलिस अधिकारी ने माना कि पुलिस चौकी को निशाना बनाने की साजिश थी। हालांकि पुलिस जांच में जुटी हुई है और कुछ लोगों से पूछताछ की जा रही है।
मगर, दूसरी तरफ इस धमाके के बाद लोगों में अभी भी डर का माहौल है। उनका मानना है कि जब तक पुलिस यह सब करने वालों को जल्द गिरफ्तार नहीं करती तब तक यह डर बना रहेगा कि कहीं वह अभी भी इस इलाके में तो नहीं है।
सन्याल गांव से कुछ दूरी पर स्थित गांव चकड़ा निवासी कुलदीप कुमार ने कहा धमाका इतना जोरदार था कि उनके गांव में भी इसकी आवाज सुनाई दी। सीमा से सटे इन गांवों में अक्सर पहले सीमा पार से गोलाबारी की जाती रही है। सीजफायर के चलते लंबे समय से इस तरह के धमाकों की आवाज नहीं सुनी थी।
जैसे ही बुधवार रात को आवाज सुनी तो कुछ पल के लिए लगा कि पाकिस्तान ने शायद फिर से गोलाबारी शुरू कर दी है। बाद में पता चला कि यह धमाका पुलिस चौकी के नजदीक हुआ है। अभी भी आसपास के इलाकों में दहशत का माहौल है।
6 महीने से खाली पड़े कैंप में फिर की जाए सेना की तैनाती
बीडीसी चेयरमैन रामलाल कालिया ने कहा जिस रात यह धमाका हुआ वह घर में थे और चौकी से कुछ दूरी पर ही उनका घर है। धमाका जोरदार था, जिसके बाद हम तुरंत पुलिस चौकी पर पहुंचे। पुलिस ने तलाशी अभियान चलाया और सुबह एक जिंदा ग्रेनेड बरामद किया।
धमाके के बाद इलाके में दहशत का माहौल बन गया, लेकिन अब हालात सामान्य हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस को कार्रवाई जारी रखते हुए इस तरह की गतिविधियों को अंजाम देने वालों को तलाशना चाहिए।
इसी के साथ गांव से कुछ दूरी पर रत्नूचक में आर्मी टीए बटालियन का एक कैंप हुआ करता था जो पिछले करीब 6 महीने से खाली पड़ा है। वहां फिर से सेना की तैनाती की जानी चाहिए। इसके लिए वह कुछ महीने पहले पठानकोट में सेना के अधिकारियों से भी मिले थे।
मामले की जांच जारी है। इस संदर्भ में कुछ लोगों से पूछताछ की जा रही है। चौकी और उसके साथ लगते पुल पर पुलिस ने निगरानी पहले से और बढ़ा दी है। बारिश की वजह से सुबह तलाशी अभियान नहीं चलाया गया, लेकिन शाम को मौसम साफ हुआ तो फिर अभियान चलाया जाएगा। पंकज सूदन, बॉर्डर डीएसपी