जम्मू-कश्मीर: पाकिस्तान में छिपे आतंकियों की अब इंटरपोल करेगी तलाश, पुलिस ने की 36 दहशतगर्दों की सूची तैयार
एसएसपी खलील पोसवाल ने बताया कि ऐसे सभी आतंकियों की सूची तैयार की गई है। इनके खिलाफ गैर जमानती वारंट हासिल कर लिया गया है। अब इंटरपोल की सहायता से इनकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जाएंगे।
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पाकिस्तान तथा पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू कश्मीर (पीओजेके) में छिपे बैठे आतंकियों की धरपकड़ के लिए जम्मू-कश्मीर पुलिस अब इंटरपोल का सहारा लेगी। से सभी आतंकी किश्तवाड़ के हैं जो 1995 के आसपास पाकिस्तान भाग गए थे।
पुलिस ने ऐसे 36 आतंकियों की सूची तैयार की है। ये दहशतगर्द लंबे समय से सीमा पार से आतंकी गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं। चिनाब वैली में आतंकवाद को पुनर्जीवित करने के लिए युवाओं को बरगलाने के साथ ही उनमें कट्टरता का बीज बो रहे हैं।
एसएसपी खलील पोसवाल ने बताया कि ऐसे सभी आतंकियों की सूची तैयार की गई है। इनके खिलाफ गैर जमानती वारंट हासिल कर लिया गया है। अब इंटरपोल की सहायता से इनकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जाएंगे।
सूत्रों ने बताया कि दरअसल डोडा के मोहम्मद आमिन भट्ट उर्फ खुबैब जो इन दिनों पाकिस्तान में है, की इलाके में सक्रियता की जानकारी मिलने के बाद पुलिस सक्रिय हुई। जांच करने के बाद पता चला कि आतंकवाद के दौर में लश्कर-ए-ताइबा व हिजबुल मुजाहिदीन के कई आतंकी पाकिस्तान भाग गए थे।
चिनाब वैली जब आतंकवाद मुक्त घोषित हो गया तो एक बार फिर पाकिस्तान के इशारे पर डोडा, किश्तवाड़, रामबन, उधमपुर आदि इलाकों में इसे दोबारा जीवित करने की कोशिश शुरू कर दी गई। इसी कड़ी में खुबैब ने अपने नेटवर्क का इस्तेमाल करते हुए क्षेत्र के युवाओं को भड़काना शुरू कर दिया।
खुबैब के साथ ही अन्य आतंकियों का पता लगा। पुलिस ने जांच के बाद 36 आतंकियों की सूची बनाई जो पाकिस्तान में बैठकर नेटवर्क चला रहे हैं। यह युवाओं में कट्टरता का बीज बोने के साथ ही उन्हें देशविरोधी गतिविधियों के लिए भड़का रहे हैं।
आतंकियों की संपत्ति पर भी नजर
एसएसपी ने बताया कि पाकिस्तान भाग गए आतंकियों की संपत्तियों का भी पता लगाया जा रहा है। इन्हें चिह्रिनत किया जा रहा है ताकि नियम के तहत कार्रवाई की जा सके। ज्ञात हो कि सरकार आतंकियों के आर्थिक स्त्रोत तथा पूरे पारिस्थितकी तंत्र को तोड़ने की दिशा में काम कर रही है ताकि कोई भी दोबारा देश विरोधी गतिविधियों की हिमाकत न कर सके।
किश्तवाड़ के 36 आतंकियों की धरपकड़ के लिए इंटरपोल की मदद ली जाएगी। कोशिश होगी कि उन्हें भारत लाया जा सके। इलाके में किसी प्रकार की आतंकी गतिविधियां न होने पाए, यह सुनिश्चित करने की कोशिश की जा रही है। इसके साथ ही सोशल मीडिया प्लेटफार्म के जरिये भोले भाले युवकों को गलत रास्ते पर जाने से रोका जा रहा है। - खलील पोसवाल, एसएसपी, किश्तवाड़