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जम्मू-कश्मीर सरकार कश्मीरी पंडितों के पुनर्वास के लिए बना रही नीति: राज्यपाल मलिक
Fri, 19 Jul 2019 09:41 PM IST
Pranjal Dixit
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, श्रीनगर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, श्रीनगर
Published by: Pranjal Dixit
Updated Fri, 19 Jul 2019 09:41 PM IST
सार
- राज्यपाल बोले, घाटी में पंडितों की सम्मानजनक वापसी के लिए सरकार प्रतिबद्ध
- एसटीपी न लगाने वाले होटलों व हाउसबोटों के लाइसेंस होंगे रद्द
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राज्यपाल सत्यपाल मलिक
- फोटो : एएनआई, फाइल
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विस्तार
जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने कहा है कि सरकार घाटी में कश्मीरी पंडितों के पुनर्वास के लिए नीति बना रही है। कश्मीरी पंडितों की ससम्मान वापसी के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। जल्द ही सरकार की योजना के बारे में सबको पता चल जाएगा। वे एसकेआईसीसी में इलेक्ट्रिक बसों के शुभारंभ के बाद पत्रकारों से बात कर रहे थे।
पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि सरकार कश्मीरी पंडितों के पुनर्वास के लिए योजना बना रही है। हालांकि, इस मुद्दे पर बात करने के लिए उपयुक्त यह स्थान नहीं है, लेकिन इतना जरूर कहा कि सरकार इस बारे में नीति तैयार कर रही है जिसके बारे में जल्द ही लोगों को पता चल जाएगा।
उन्होंने डल झील में होटल तथा हाउसबोट की ओर से सीवेज डालने पर नाराजगी जताई। कहा कि यदि डल झील में होटल व हाउस बोट की ओर से सीवेज डालना बंद नहीं किया गया तो उनके लाइसेंस रद्द भी किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि सभी होटलों तथा हाउस बोट संचालकों को सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) लगाने की सख्त हिदायत दी गई है। जो कोई भी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट नहीं लगाएगा उसे लाइसेंस रद्द होने का खतरा झेलना होगा। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि शहर में इलेक्ट्रिक बसों का शुभारंभ होना अच्छा कदम है। यह शहर के चेहरे को बदल देगा।
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राज्यपाल अलग टाउनशिप की कर चुके हैं वकालत
राज्यपाल ने पिछले दिनों एक समारोह के बाद कश्मीरी पंडितों के लिए अलग टाउनशिप की वकालत की थी। उनका कहना था कि सरकार चाहती है कि पंडितों के लिए अलग टाउनशिप बने ताकि वे अपने आपको सुरक्षित महसूस कर सकें। ज्ञात हो कि प्रधानमंत्री पैकेज के तहत कश्मीरी पंडितों के लिए ट्रांजिट कालोनी की घोषणा की गई है। इसके तहत छह हजार फ्लैट बनाए जाने हैं।
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पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि सरकार कश्मीरी पंडितों के पुनर्वास के लिए योजना बना रही है। हालांकि, इस मुद्दे पर बात करने के लिए उपयुक्त यह स्थान नहीं है, लेकिन इतना जरूर कहा कि सरकार इस बारे में नीति तैयार कर रही है जिसके बारे में जल्द ही लोगों को पता चल जाएगा।
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उन्होंने डल झील में होटल तथा हाउसबोट की ओर से सीवेज डालने पर नाराजगी जताई। कहा कि यदि डल झील में होटल व हाउस बोट की ओर से सीवेज डालना बंद नहीं किया गया तो उनके लाइसेंस रद्द भी किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि सभी होटलों तथा हाउस बोट संचालकों को सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) लगाने की सख्त हिदायत दी गई है। जो कोई भी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट नहीं लगाएगा उसे लाइसेंस रद्द होने का खतरा झेलना होगा। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि शहर में इलेक्ट्रिक बसों का शुभारंभ होना अच्छा कदम है। यह शहर के चेहरे को बदल देगा।
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राज्यपाल अलग टाउनशिप की कर चुके हैं वकालत
राज्यपाल ने पिछले दिनों एक समारोह के बाद कश्मीरी पंडितों के लिए अलग टाउनशिप की वकालत की थी। उनका कहना था कि सरकार चाहती है कि पंडितों के लिए अलग टाउनशिप बने ताकि वे अपने आपको सुरक्षित महसूस कर सकें। ज्ञात हो कि प्रधानमंत्री पैकेज के तहत कश्मीरी पंडितों के लिए ट्रांजिट कालोनी की घोषणा की गई है। इसके तहत छह हजार फ्लैट बनाए जाने हैं।