जम्मू कश्मीर: सरकारी आवासों पर 43 पूर्व मंत्रियों-विधायकों का कब्जा, हाईकोर्ट सख्त, नोटिस होंगे जारी
हाईकोर्ट ने एस्टेट विभाग को कहा है कि खुद आवास न छोड़ने वालों को व्यक्तिगत तौर पर नोटिस जारी किए जाएं। खंडपीठ ने इस्टेट विभाग को एक महीने की अवधि के भीतर उपरोक्त कार्य पूरा करने का निर्देश दिया।
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सरकारी आवासों पर कब्जा जमाए पूर्व मंत्रियों और विधायकों के घर खाली न करने वालों के खिलाफ जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख उच्च न्यायालय ने सख्त रुख अपनाया है। इस मामले में खंडपीठ ने एस्टेट विभाग को कहा है कि खुद आवास न छोड़ने वालों को व्यक्तिगत तौर पर नोटिस जारी किए जाएं। खंडपीठ ने इस्टेट विभाग को एक महीने की अवधि के भीतर उपरोक्त कार्य पूरा करने का निर्देश दिया।
उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश एन कोटिश्वर सिंह और न्यायाधीश एमए चौधरी की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने वीरवार को मामले से संबंधित याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश जारी किया।
खंडपीठ ने कहा कि हम यह स्पष्ट करते हैं कि यदि इस रिपोर्ट में उल्लिखित किसी भी व्यक्ति का आवास जारी रखा जाता है तो कोर्ट के समक्ष दस्तावेज प्रस्तुत किए जाएं। न्यायालय इस बात की जांच करेगा कि क्या सरकार ने इस संबंध में उचित और निष्पक्ष निर्णय लिया है। यह भी निर्देश दिया कि इस्टेट विभाग के निदेशक नोटिस जारी करने से पहले इन 43 नेताओं की बात भी सुनेंगे।
वाणिज्यिक दरों पर किराया क्यों नहीं लिया
खंडपीठ ने निर्देश दिया कि इस्टेट विभाग अदालत को यह भी बताएगा कि ये 43 व्यक्ति उस समय से सहायक दस्तावेजों/रसीदों के साथ कितना किराया दे रहे हैं। यह आधिकारिक आवास हैं और उनसे वाणिज्यिक दरों पर किराया क्यों नहीं लिया गया है क्योंकि वे वर्तमान में किसी पद पर नहीं हैं।
सभी के पास जम्मू में अपना घर
एडवोकेट शकील अहमद ने खंडपीठ का ध्यान 23 फरवरी, 2024 की नवीनतम स्थिति रिपोर्ट की ओर आकर्षित किया और अवगत कराया कि लगभग सभी पूर्व विधायकों के पास जम्मू में अपने घर हैं, लेकिन इस्टेट विभाग राजनीतिक प्रभाव में उक्त कब्जेदारों को बेदखल नहीं कर रहा है।
इस्टेट विभाग ने दोहरे मापदंड अपनाए
एडवोकेट शकील अहमद ने विशेष रूप से पूर्व सीएम गुलाम नबी आजाद, पूर्व डिप्टी सीएम कविंदर गुप्ता, पूर्व मंत्री सज्जाद लोन के मामलों का हवाला देते हुए तर्क दिया कि राजनीतिक विचारों पर इस्टेट विभाग द्वारा दोहरे मानक अपनाए गए हैं और देश के कानून को खारिज कर दिया गया है।