J&K Election: जम्मू संभाग में एक लाख से ज्यादा वोटों वाली सात सीटें, नौ में 90 हजार से अधिक मतदाता
जम्मू संभाग में सात सीटें ऐसी हैं, जहां एक लाख से ज्यादा वोटर हैं। इन सीटों में जम्मू की बिश्नाह, आरएस पुरा-जम्मू दक्षिण, बाहु, पुंछ-हवेली, भद्रवाह, बनिहाल, उधमपुर पूर्व हैं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
परिसीमन के बाद जम्मू संभाग में सियासी समीकरण बहुत हद तक बदल गए हैं। विधानसभा तक पहुंचने के लिए दिग्गजों को कड़ी मशक्कत करनी होगी। मतदाताओं के हिसाब से उन्हें नए-नए क्षेत्रों तक पहुंच बनानी होगी, क्योंकि कई नए इलाके लगभग सभी सीटों से जुड़े हैं। कई परंपरागत वोट वाले इलाके दूसरे विधानसभा क्षेत्र से जोड़ दिए गए हैं। रियासी की माता वैष्णो देवी के नाम पर बनी नई सीट पर लगभग 50 हजार और जम्मू में बाहु व आरएस पुरा-जम्मू दक्षिण सीट पर एक लाख से अधिक मतदाता हैं।
जम्मू संभाग में सात सीटें ऐसी हैं, जहां एक लाख से ज्यादा वोटर हैं। इन सीटों में जम्मू की बिश्नाह, आरएस पुरा-जम्मू दक्षिण, बाहु, पुंछ-हवेली, भद्रवाह, बनिहाल, उधमपुर पूर्व हैं। 90 हजार से अधिक वोटर वाले कठुआ, सुचेतगढ़, जम्मू पूर्व, जम्मू पश्चिम, जम्मू उत्तर, छंब, सुरनकोट, मेंढर, चिनैनी हैं। मतदाता पुनरीक्षण का काम पूरा होने के बाद इन सीटों पर भी मतदाताओं की संख्या एक लाख से अधिक होने की संभावना है।
नई बनी किश्तवाड़ की पाडर-नागसेनी सीट पर सबसे कम 35 हजार वोटर हैं, जबकि नई सीट पुंछ जिले की पुंछ हवेली में सबसे अधिक 110613 मतदाता हैं। चुनाव कार्यालय से जुड़े उच्च पदस्थ सूत्रों ने बताया कि जम्मू की सभी 11 सीटों पर 80 हजार से अधिक वोटर हैं। परिसीमन होने के बाद केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में सीटों की संख्या 83 से बढ़कर 90 हो गई है।
मसौदा सूची (ड्राफ्ट रोल) का प्रकाशन 15 सितंबर को कर दिया गया है। 2019 की मतदाता सूची के अनुसार 90 सीटों में मतदाताओं की संख्या लगभग 76 लाख है। इनमें 39.45 लाख पुरुष और 36.38 लाख महिला मतदाता हैं। नए मतदाताओं को जोड़ने का काम 24 अक्तूबर तक पूरा कर लिया जाएगा और 25 अक्तूबर को दावे व आपत्तियों के निपटारे के बाद अंतिम सूची का प्रकाशन किया जाएगा।