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Jammu: उमर मंत्रिमंडल में कांग्रेस को मिलेंगे मंत्री पद, NC में इन्हें मिलेगा तोहफा; निर्दलीय की लगेगी लॉटरी
Tue, 15 Oct 2024 01:42 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: शाहरुख खान
Updated Tue, 15 Oct 2024 01:42 PM IST
सार
जम्मू-कश्मीर को बुधवार को मुख्यमंत्री सहित नौ मंत्री मिलेंगे। उमर मंत्रिमंडल में अनुभवी के साथ-साथ नए चेहरों का समन्वय होगा। जातीय समीकरण को भी साधा जाएगा।
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Jammu Kashmir Election
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
छह साल का लंबा इंतजार बुधवार को खत्म होगा, जब उमर अब्दुल्ला प्रदेश के 14वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे। मुख्यमंत्री सहित नौ मंत्री प्रदेश को मिलेंगे। इनमें कांग्रेस कोटे से एक मंत्री पद दिया जा सकता है।
उमर मंत्रिमंडल में अनुभवी के साथ-साथ नए चेहरों का समन्वय के साथ क्षेत्रीय संतुलन भी होगा। जम्मू और कश्मीर संभाग को बारबार का प्रतिनिधित्व मिलेगा।
नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) से जुड़े सूत्रों ने बताया कि मंत्री पद के लिए सकीना इट्टू, अब्दुल रहीम राथर, हसनैन मसूदी, सैफुल्लाह मीर, सुरिंदर चौधरी, जावेद राणा के नाम पर विचार चल रहा है।
इसके साथ ही अली मोहम्मद सागर या उनके बेटे सलमान सागर भी मंत्री बन सकते हैं। स्पीकर के रूप में मुबारक गुल, जावेद डार व सैफुल्लाह मीर के नामों पर विचार चल रहा है। बिजबिहाड़ा सीट से पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती की बेटी इल्तिजा मुफ्ती को हराने वाले बशीर अहमद शाह वीरी को उनकी जीत का तोहफा मंत्री पद के रूप में मिल सकता है।
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कोकरनाग से जीते जफर अली खटाना को भी मंत्री पद का तोहफा मिल सकता है। महिलाओं को प्रतिनिधित्व के नाते हब्बाकदल से जीत दर्ज करने वाली शमीम फिरदौस भी संभावित मंत्रियों में शामिल हैं।
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उमर मंत्रिमंडल में अनुभवी के साथ-साथ नए चेहरों का समन्वय के साथ क्षेत्रीय संतुलन भी होगा। जम्मू और कश्मीर संभाग को बारबार का प्रतिनिधित्व मिलेगा।
नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) से जुड़े सूत्रों ने बताया कि मंत्री पद के लिए सकीना इट्टू, अब्दुल रहीम राथर, हसनैन मसूदी, सैफुल्लाह मीर, सुरिंदर चौधरी, जावेद राणा के नाम पर विचार चल रहा है।
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इसके साथ ही अली मोहम्मद सागर या उनके बेटे सलमान सागर भी मंत्री बन सकते हैं। स्पीकर के रूप में मुबारक गुल, जावेद डार व सैफुल्लाह मीर के नामों पर विचार चल रहा है। बिजबिहाड़ा सीट से पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती की बेटी इल्तिजा मुफ्ती को हराने वाले बशीर अहमद शाह वीरी को उनकी जीत का तोहफा मंत्री पद के रूप में मिल सकता है।
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कोकरनाग से जीते जफर अली खटाना को भी मंत्री पद का तोहफा मिल सकता है। महिलाओं को प्रतिनिधित्व के नाते हब्बाकदल से जीत दर्ज करने वाली शमीम फिरदौस भी संभावित मंत्रियों में शामिल हैं।
कांग्रेस में भी मंथन जारी
सूत्रों ने बताया कि कांग्रेस ने फिलहाल मंत्रिमंडल में शामिल होने वाले विधायक के बारे में जानकारी नहीं दी है। लेकिन सेंट्रल शाल्टेंग से जीते कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष तारिक हमीद कर्रा और डूरू से जीते कांग्रेस के जीए मीर भी मंत्री पद की दौड़ में हैं। चुनाव के बाद नेकां को निर्दलीय विधायकों का समर्थन मिला है। ऐसे में संभावना जताई जा रही है, निर्दलीय को भी मंत्री पद मिल सकता है।
सूत्रों ने बताया कि कांग्रेस ने फिलहाल मंत्रिमंडल में शामिल होने वाले विधायक के बारे में जानकारी नहीं दी है। लेकिन सेंट्रल शाल्टेंग से जीते कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष तारिक हमीद कर्रा और डूरू से जीते कांग्रेस के जीए मीर भी मंत्री पद की दौड़ में हैं। चुनाव के बाद नेकां को निर्दलीय विधायकों का समर्थन मिला है। ऐसे में संभावना जताई जा रही है, निर्दलीय को भी मंत्री पद मिल सकता है।
क्षेत्रवाद के आरोपों से बचने की होगी कवायद
जम्मू संभाग में नेशनल कॉन्फ्रेंस ने विधानसभा चुनाव में भले ही सीटें कम जीती हैं, लेकिन प्रदेश मंत्रिमंडल में संतुलन बनाने की कोशिश की जा रही है। जम्मू संभाग में लगातार घटता जनाधार नेकां के लिए भी चिंता का विषय है। इस बार पार्टी के सात प्रत्याशी जीत पाए हैं। जम्मू संभाग में अपनी स्थिति मजबूत करने और क्षेत्रवाद के आरोपों से बचने के लिए सरकार में नेकां के साथ क्षेत्र के विजयी निर्दलीयों को भी भागीदारी देने की तैयारी है।
जम्मू संभाग में नेशनल कॉन्फ्रेंस ने विधानसभा चुनाव में भले ही सीटें कम जीती हैं, लेकिन प्रदेश मंत्रिमंडल में संतुलन बनाने की कोशिश की जा रही है। जम्मू संभाग में लगातार घटता जनाधार नेकां के लिए भी चिंता का विषय है। इस बार पार्टी के सात प्रत्याशी जीत पाए हैं। जम्मू संभाग में अपनी स्थिति मजबूत करने और क्षेत्रवाद के आरोपों से बचने के लिए सरकार में नेकां के साथ क्षेत्र के विजयी निर्दलीयों को भी भागीदारी देने की तैयारी है।
इससे पार्टी लोगों को संदेश देना चाहती है कि जम्मू संभाग को साथ लेकर चल रही, भले ही उन्हें उम्मीद के अनुरूप सीटें न मिली हों। नेकां ने कश्मीर संभाग से 35 तो जम्मू संभाग से सात सीटें जीती हैं। जम्मू संभाग के दस जिलों में नेशनल कॉन्फ्रेंस सिर्फ चार जिलों में ही जीत पाई है। छह जिलों में पार्टी का एक भी विधायक नहीं है। समर्थन देने वाले निर्दलीयों के साथ-साथ जीते प्रत्याशियों को मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है। संभागीय अध्यक्ष रतन लाल गुप्ता का कहना है कि जम्मू संभाग को साथ लेकर चलेंगे। मंत्रिमंडल में संभाग के कितने विधायकों को स्थान मिलता है, यह तो शीर्ष नेतृत्व ही तय करेगा।