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श्रीनगर में जेएंडके विशेष ऋण और राहत योजना लांच
ब्यूरो/अमर उजाला, श्रीनगर
Updated Wed, 15 Oct 2014 01:17 AM IST
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केंद्र सरकार ने एक बार फिर आश्वस्त किया है कि जम्मू-कश्मीर के बाढ़ पीडि़तों के राहत और पुनर्वास में हर संभव मदद की जाएगी। पीएमओ में राज्यमंत्री डा. जितेंद्र सिंह ने जेएंडके विशेष ऋण और राहत योजना लांच करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट कर दिया है कि सहायता में किसी प्रकार की कंजूसी नहीं की जाएगी। पीडि़तों को हर प्रकार की सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी।
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उन्होंने राज्य सरकार को सलाह दी कि सहायता कार्यक्रमों में सिविल सोसाइटी के प्रतिनिधियों को भी शामिल किया जाए। यह किसी भी राजनीतिक दल के प्रतिनिधि हो सकते हैं लेकिन उन्हें सभी प्रकार की राजनीतिक दुर्भावनाओं से ऊपर उठकर काम करना होगा। राज्य सरकार को पीडि़तों की एक बैठक बुलानी चाहिए, जिसमें वे अपनी शिकायतों को रख सकें और सरकार उसका मौके पर ही निस्तारण करने का प्रयास करे।
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उन्होंने कहा कि केंद्र राज्य सरकार की हर संभव सहायता कर रहा है, लेकिन अब भी स्थानीय नागरिक राहत एवं पुनर्वास कार्यक्रमों को लेकर आलोचना कर रहे हैं। योजना के तहत बाढ़ प्रभावित इलाकों के लोगों को दस लाख रुपये तक का लोन मिलेगा। पहले दो साल कोई किश्त जमा नहीं करनी होगी।
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दो साल बाद 6.5 फीसदी सालाना ब्याज लगेगा। इसके अलावा जिन लोगों का पहले ही लोन बकाया है, उन्हें नए सिरे से किश्तों में तब्दील किया जाएगा, ताकि उन्हें मदद मिल सके। वित्त मंत्री अब्दुल रहीम राथर ने उम्मीद जताई कि योजना लागू होने से रियासत के लोगों को वित्तीय सहायता मिलेगी।
व्यापारियों ने राथर को बोलने ही नहीं दिया
बाढ़ पीडि़तों के लिए ‘जेएंडके विशेष ऋण एवं राहत योजना’ के लांचिंग समारोह में उस वक्त अजीब स्थिति उत्पन्न हो गई, जब स्थानीय व्यापारियों ने वित्त मंत्री अब्दुल रहीम राथर के भाषण के दौरान हूटिंग करनी शुरू कर दी। इस दौरान लोगों ने जमकर हो हल्ला मचाया, जिसके कारण वित्त मंत्री को अपना भाषण बीच में ही समाप्त करना पड़ा।
एसकेआईसीसी में आयोजित लांचिंग समारोह के दौरान स्थानीय व्यापारी वित्त मंत्री से खासे नाराज नजर आए। उनका कहना था कि सरकार ने अभी तक उनके पुनर्वास के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया।