{"_id":"608bd8348ebc3ed6dd50a2e0","slug":"jammu-kashmir-corona-infected-patients-should-take-these-precautions-even-after-getting-healthy","type":"story","status":"publish","title_hn":"जम्मू-कश्मीर: कोरोना संक्रमित मरीज स्वस्थ होने के बाद भी बरतें यह एहतियात","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जम्मू-कश्मीर: कोरोना संक्रमित मरीज स्वस्थ होने के बाद भी बरतें यह एहतियात
Fri, 30 Apr 2021 03:43 PM IST
करिश्मा चिब
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: करिश्मा चिब
Updated Fri, 30 Apr 2021 03:43 PM IST
सार
पॉजिटिव से निगेटिव होने वालों को भी पूरा एहतियात और स्वास्थ्य निर्देशावली का पूरी तरह से पालन करना है।
विज्ञापन
corona cases of jammu kashmir
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कोरोना वायरस संक्रमण की दूसरी लहर देश हो या प्रदेश कहर बनकर टूटी है। पहले से कहीं ज्यादा लोग संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं और मौतों का आंकड़ा भी दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। मरीज स्वस्थ भी हो रहे हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि कोरोना को हराकर स्वस्थ होने वालों में एंटी बॉडी विकसित हो जाती है। क्या उन्हें निगेटिव लोगों के मुकाबले स्वास्थ्य निर्देशावली का ज्यादा पालन नहीं करना चाहिए।
इस बारे में कैंसर विशेषज्ञ डॉक्टर दीपक अबरोल ने कहा कि कोरोना वायरस की संक्रमण की चपेट में आने और स्वस्थ होने के बाद भी संक्रमित होने का खतरा बना रहता है। नए-नए स्ट्रेन आ गए हैं। पॉजिटिव से निगेटिव होने वालों को भी पूरा एहतियात और स्वास्थ्य निर्देशावली का पूरी तरह से पालन करना है।
मास्क, सैनिटाइजर और बार-बार साबुन से हाथ धोने की आदत बनाए रखनी होगी। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते रहना होगा। डॉ. दीपक अबरोल ने कहा कि कोरोना काल में कैंसर मरीजों को तीन समूहों में बांटकर उपचार किया जा रहा है। उच्च प्राथमिकता वाले मरीजों को तत्काल इलाज किया जा रहा है।
विज्ञापन
यह भी पढ़ें- कोरोना का असर: जम्मू विश्वविद्यालय में रोस्टर पर बुलाया जाएगा नॉन टीचिंग स्टाफ
वहीं लो प्राथमिकता वर्ग में दवाइयां उपलब्ध करवाकर उनका उपचार किया जा रहा है। कैंसर मरीज कोरोना संक्रमण की चपेट में आसानी से आ सकते हैं और इससे उनके स्वास्थ्य पर और भी बुरा प्रभाव पड़ सकता है। इसलिए यूरोपीय देशों की तर्ज पर कैंसर मरीजों को तीन समूहों में बांटकर प्राथमिकता तय कर उनका उपचार किया जा रहा है।
क्या करें
डबल मास्क व सैनिटाइजर के साथ ही घर से बाहर निकलें
सैनिटाइजर से कई लोगों को एलर्जी हो रही है, ऐसे में साबुन का इस्तेमाल करें
लोगों से हाथ बिलकुल न मिलाएं
कैंसर मरीज घर पर ही रहें, दवा तय समय पर लें
डॉक्टर के परामर्श पर ही दवाओं का प्रयोग करें
विज्ञापन
इस बारे में कैंसर विशेषज्ञ डॉक्टर दीपक अबरोल ने कहा कि कोरोना वायरस की संक्रमण की चपेट में आने और स्वस्थ होने के बाद भी संक्रमित होने का खतरा बना रहता है। नए-नए स्ट्रेन आ गए हैं। पॉजिटिव से निगेटिव होने वालों को भी पूरा एहतियात और स्वास्थ्य निर्देशावली का पूरी तरह से पालन करना है।
विज्ञापन
मास्क, सैनिटाइजर और बार-बार साबुन से हाथ धोने की आदत बनाए रखनी होगी। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते रहना होगा। डॉ. दीपक अबरोल ने कहा कि कोरोना काल में कैंसर मरीजों को तीन समूहों में बांटकर उपचार किया जा रहा है। उच्च प्राथमिकता वाले मरीजों को तत्काल इलाज किया जा रहा है।
विज्ञापन
यह भी पढ़ें- कोरोना का असर: जम्मू विश्वविद्यालय में रोस्टर पर बुलाया जाएगा नॉन टीचिंग स्टाफ
वहीं लो प्राथमिकता वर्ग में दवाइयां उपलब्ध करवाकर उनका उपचार किया जा रहा है। कैंसर मरीज कोरोना संक्रमण की चपेट में आसानी से आ सकते हैं और इससे उनके स्वास्थ्य पर और भी बुरा प्रभाव पड़ सकता है। इसलिए यूरोपीय देशों की तर्ज पर कैंसर मरीजों को तीन समूहों में बांटकर प्राथमिकता तय कर उनका उपचार किया जा रहा है।
क्या करें
डबल मास्क व सैनिटाइजर के साथ ही घर से बाहर निकलें
सैनिटाइजर से कई लोगों को एलर्जी हो रही है, ऐसे में साबुन का इस्तेमाल करें
लोगों से हाथ बिलकुल न मिलाएं
कैंसर मरीज घर पर ही रहें, दवा तय समय पर लें
डॉक्टर के परामर्श पर ही दवाओं का प्रयोग करें