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Jammu News: जम्मू-कश्मीर बैंक का प्रशासन वित्त मंत्रालय को सौंपा जाए
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एआईजेकेबीओओ ने की प्रेस वार्ता, कहा-प्रगतिशील बदलाव देरी से हो रहे हैं लागू
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। अखिल भारतीय जम्मू-कश्मीर बैंक अधिकारी संगठन (एआईजेकेबीओओ) ने देश के बैंकिंग क्षेत्र में एकरूपता के लिए जम्मू-कश्मीर बैंक का प्रशासन गृह मंत्रालय से वित्त मंत्रालय को सौंपने की मांग की है। संगठन ने इस संबंध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भी लिखा है।
एआईजेकेबीओओ और जेएंडके भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) ने वीरवार को प्रेस वार्ता की, जिसमें बैंक के कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई । इस दौरान बीएमएस के संगठन सचिव अशोक चौधरी ने कहा कि जेएंडके बैंक भारत के बैंकिंग उद्योग में एकमात्र अपवाद है, जो गृह मंत्रालय के अधीन आता है। इसके कारण आरबीआई और वित्तीय सेवा विभाग द्वारा शुरू किए गए कई प्रगतिशील बदलाव यहां देरी से लागू हो रहे हैं। अब समय आ गया है कि सुधारात्मक उपायों के समय पर क्रियान्वयन के लिए जम्मू-कश्मीर बैंक को देश के अन्य बैंकों के साथ जोड़ा जाए।
एआईजेकेबीओओ के अध्यक्ष रघुबीर जमवाल ने कहा कि बैंक में तय वेतन संशोधन के क्रियान्वयन में देरी हो रही है। यह गंभीर चिंता का विषय है कि मुंबई में बैंक यूनियनों और आईबीए के बीच आठ मार्च 2024 को 9वें संयुक्त ज्ञापन और 12वें द्विपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर होने के बावजूद, हमारे बैंक में इसके क्रियान्वयन का अभी भी इंतजार है। उन्होंने कहा कि जेएंडके बैंक को छोड़कर सभी बैंकों में वेतन संशोधन लागू किया गया है।
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इस दौरान बैंक के अधिकारियों, लिपिक, अधीनस्थ और सेवानिवृत्त कर्मचारियों को संशोधित वेतन के साथ बकाया का भुगतान करके एक नवंबर 2022 से बैंक में वेतन संशोधन के तत्काल कार्यान्वयन पर जोर दिया। एआईजेकेबीओओ के महासचिव मुकेश कुमार ने कहा कि जेएंडके बैंक के संस्थापक महाराजा हरि सिंह का जन्मदिन बैंक में महाराजा हरि सिंह दिवस के रूप में मनाया जाएगा। ब्यूरो
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। अखिल भारतीय जम्मू-कश्मीर बैंक अधिकारी संगठन (एआईजेकेबीओओ) ने देश के बैंकिंग क्षेत्र में एकरूपता के लिए जम्मू-कश्मीर बैंक का प्रशासन गृह मंत्रालय से वित्त मंत्रालय को सौंपने की मांग की है। संगठन ने इस संबंध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भी लिखा है।
एआईजेकेबीओओ और जेएंडके भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) ने वीरवार को प्रेस वार्ता की, जिसमें बैंक के कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई । इस दौरान बीएमएस के संगठन सचिव अशोक चौधरी ने कहा कि जेएंडके बैंक भारत के बैंकिंग उद्योग में एकमात्र अपवाद है, जो गृह मंत्रालय के अधीन आता है। इसके कारण आरबीआई और वित्तीय सेवा विभाग द्वारा शुरू किए गए कई प्रगतिशील बदलाव यहां देरी से लागू हो रहे हैं। अब समय आ गया है कि सुधारात्मक उपायों के समय पर क्रियान्वयन के लिए जम्मू-कश्मीर बैंक को देश के अन्य बैंकों के साथ जोड़ा जाए।
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एआईजेकेबीओओ के अध्यक्ष रघुबीर जमवाल ने कहा कि बैंक में तय वेतन संशोधन के क्रियान्वयन में देरी हो रही है। यह गंभीर चिंता का विषय है कि मुंबई में बैंक यूनियनों और आईबीए के बीच आठ मार्च 2024 को 9वें संयुक्त ज्ञापन और 12वें द्विपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर होने के बावजूद, हमारे बैंक में इसके क्रियान्वयन का अभी भी इंतजार है। उन्होंने कहा कि जेएंडके बैंक को छोड़कर सभी बैंकों में वेतन संशोधन लागू किया गया है।
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इस दौरान बैंक के अधिकारियों, लिपिक, अधीनस्थ और सेवानिवृत्त कर्मचारियों को संशोधित वेतन के साथ बकाया का भुगतान करके एक नवंबर 2022 से बैंक में वेतन संशोधन के तत्काल कार्यान्वयन पर जोर दिया। एआईजेकेबीओओ के महासचिव मुकेश कुमार ने कहा कि जेएंडके बैंक के संस्थापक महाराजा हरि सिंह का जन्मदिन बैंक में महाराजा हरि सिंह दिवस के रूप में मनाया जाएगा। ब्यूरो