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J&K: आतंकी फंडिंग में गिरफ्तार लश्कर मददगार लतीफ बट की जमानत अर्जी फिर खारिज
Fri, 05 Apr 2024 01:01 PM IST
kumar गुलशन कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: kumar गुलशन कुमार
Updated Fri, 05 Apr 2024 01:01 PM IST
सार
उच्च न्यायालय के न्यायाधीश ताशी रबस्तान और पुनीत गुप्ता की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने आतंकी फंडिंग मामले पर सुनवाई करते हुए ट्रायल कोर्ट के आदेश को बरकरार रखा
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Arrest demo
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
आतंकी फंडिंग में गिरफ्तार लतीफ बट की जमानत अर्जी खारिज कर दी गई है। उच्च न्यायालय के न्यायाधीश ताशी रबस्तान और पुनीत गुप्ता की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने वीरवार को इस मामले पर सुनवाई करते हुए ट्रायल कोर्ट के आदेश को बरकरार रखा, जिसके तहत ट्रायल कोर्ट ने आतंकी फंडिंग मामले में खालिद लतीफ बट की जमानत याचिका खारिज कर दी थी।
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वरिष्ठ अतिरिक्त महाधिवक्ता मोनिका कोहली ने तर्क दिया कि ट्रायल कोर्ट को रिकॉर्ड पर पर्याप्त सामग्री मिली है और इसलिए आरोपी के खिलाफ ट्रायल कोर्ट द्वारा आरोप तय किए गए हैं। आरोपियों के खिलाफ जो आरोप लगाए गए हैं उनसे सह-अभियुक्तों के साथ उनकी संलिप्तता स्पष्ट है।
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आरोपी आतंकवादी गतिविधियों में शामिल है और उसे छोड़ देने से राष्ट्र की संप्रभुता और सुरक्षा पर प्रभाव पड़ेगा। आरोपी-खालिद लतीफ बट को लश्कर-ए-ताइबा का सदस्य बताया गया है और वह देश में आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए धन, हथियार व गोला-बारूद का प्रबंधन करता था।
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दोनों पक्षों को सुनने के बाद खंडपीठ ने कहा कि आतंकवाद से संबंधित मामले में जमानत सावधानीपूर्वक दी जानी चाहिए, क्योंकि जिन गतिविधियों में आरोपी शामिल है, वह राष्ट्र की सुरक्षा से जुड़ी हैं। आरोपी को तब तक जमानत नहीं दी जा सकती जब तक कि ऐसी परिस्थितियां न हों जो अदालत को यह विश्वास दिलाती हों कि आरोपी तथ्यों के आधार पर इसका हकदार है।