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गोली लगने पर भी ड्राइवर ने दिखाई बहादुरी, टायर फटने के बावजूद नहीं रोकी बस
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श्रीनगर। जेवन में हुए आतंकी हमले में गोली लगने के बाद भी ड्राइवर नरेंद्र सिंह ने बहादुरी दिखाते हुए टायर फटने के बावजूद बस नहीं रोकी और ज्यादा नुकसान होने से बचा लिया। बस में सवार अन्य जवानों ने भी मोर्चा संभालते हुए आतंकियों की नापाक साजिश को नाकाम कर दिया।
इस बहादुरी के लिए जम्मू-कश्मीर पुलिस के डीजीपी दिलबाग सिंह ने ड्राइवर नरेंद्र की सूझबूझ की सराहना करते हुए उसकी पीठ थपथपाई। डीजीपी का कहना है ?िक ज्यादातर हमलों में पाकिस्तानी आतंकियों का सीधा हाथ है, इन सभी का सफाया किया जाएगा। अमन के दुश्मनों को प्रदेश में किसी भी तरह माहौल बिगाड़ने नहीं दिया जाएगा। जेके पुलिस की नफरी सोमवार शाम करीब छह बजे ड्यूटी से लौट रही थी कि जेवन के पास अचानक आतंकियों ने चलती बस पर हमला कर दिया। लेकिन ड्राइवर और बाकी जवानों ने सूझबूझ के साथ काम लिया। टायर फट चुका था, लेकिन ड्राइवर ने बस को रुकने नहीं दिया। जवानों की जवाबी कार्रवाई में एक आतंकी घायल हुआ, जिसके खून के निशान काफी दूर तक पाए गए हैं। डीजीपी का कहना है कि घटना के तुरंत बाद और मंगलवार को भी पुलिस और सुरक्षाबलों के आला अधिकारी घटनास्थल पर जायजा लेने पहुंचे और सर्च ऑपरेशन चलाया गया। लेकिन अभी तक कामयाबी हाथ नहीं लगी।
दुर्भाग्य है कि तीन जवान शहीद हो गए। अन्य घायल जवानों को सेना के 92 बेस अस्पताल से हालचाल पूछकर आए हैं, सबकी हालत स्थिर है। डीजीपी ने घायलों के परिवारों को हर संभव मदद देने का आश्वासन दिया। मंगलवार को सभी को सैन्य अस्पताल शिफ्ट किया गया है। सूत्रों के अनुसार आतंकियों ने स्टील बुलेट्स का इस्तेमाल किया। हालांकि पुलिस इसकी पुष्टि नहीं कर रही है।
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पुलिस के हाथ लगे हैं हमलावरों के ठो सबूत : दिलबाग
डीजीपी ने कहा कि पुलिस के हाथ हमला करने वाले आतंकियों के खिलाफ ठोस सबूत मिल चुके हैं और कार्रवाई जारी है। दहशतगर्दों को जल्द उनके अंजाम तक पहुंचाया जाएगा। दिलबाग सिंह ने कहा कि दहशतगर्द किसी भी तजीम का हो, हमारे लिए वह दहशतगर्द ही रहेगा। अभी यह कहना जरूरी नहीं कि इसमें जैश है या लश्कर, लेकिन इस तरह की वारदातें आज हो रही हैं वे टीआरएफ ही करवा रही है। टीआरएफ को पाकिस्तान में बैठे आका चलाते हैं। और यह हमला भी उसी का हिस्सा है।
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दहशतगर्दों के मंसूबे कभी कामयाब नहीं होने देंगे
डीजीपी ने कहा कि रंगरेट में सोमवार को एक कामयाब ऑपरेशन में एलईटी के दो दहशतगर्द मारे गए, जिनमें मारा गया शोपियां का रहने वाला आदिल लंबे समय से पाकिस्तानी साथी था। उससे पहले भी एक मुठभेड़ में पाकिस्तानी आतंकी बिलाल भाई मारा गया था। डीजीपी ने कहा कि उन्हें लगता है कि अभी जो साजिशें रची गई, उसमें ज्यादातर पाकिस्तानी आतंकियों का सीधा इस्तेमाल किया जा रहा है। डीजीपी ने कड़े शब्दों में कहा कि जो कोई भी चाहे वो पाकिस्तान के इशारे पर आतंकवाद का सहारा लेकर अमन शांति को भंग करने वाले क्यों न हों, उन्हें उनके मंसूबों में कामयाब नहीं होने देंगे।
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घायल जवानों के परिवार वालों को देंगे हर संभव मदद
श्रीनगर। डीजीपी दिलबाग सिंह ने जेवन में घटनास्थल का दौरा किया। साथ ही घायल पुलिसकर्मियों का हालचाल जानने के लिए 92 बेस अस्पताल में भी पहुंचे। वहीं जीओसी 15 कोर लेफ्टिनेंट जनरल डीपी पांडे ने भी अन्य अधिकारियों के साथ घायलों का हालचाल पूछा। डीजीपी ने डॉक्टरों से भी मुलाकात की और घायल जवानों को जल्द ठीक करने के लिए हर संभव इलाज के लिए कहा। डीजीपी ने घायल पुलिसकर्मियों के माता-पिता व परिवार वालों से भी मुलाकात की और हर संभव मदद देने का आश्वासन दिया। एडीजीपी आर्म्ड, एसजेएम गिलानी, आईजीपी कश्मीर विजय कुमार, डीआईजी सेंट्रल कश्मीर रेंज सुजीत कुमार भी मौजूद रहे। ब्यूरो
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इस बहादुरी के लिए जम्मू-कश्मीर पुलिस के डीजीपी दिलबाग सिंह ने ड्राइवर नरेंद्र की सूझबूझ की सराहना करते हुए उसकी पीठ थपथपाई। डीजीपी का कहना है ?िक ज्यादातर हमलों में पाकिस्तानी आतंकियों का सीधा हाथ है, इन सभी का सफाया किया जाएगा। अमन के दुश्मनों को प्रदेश में किसी भी तरह माहौल बिगाड़ने नहीं दिया जाएगा। जेके पुलिस की नफरी सोमवार शाम करीब छह बजे ड्यूटी से लौट रही थी कि जेवन के पास अचानक आतंकियों ने चलती बस पर हमला कर दिया। लेकिन ड्राइवर और बाकी जवानों ने सूझबूझ के साथ काम लिया। टायर फट चुका था, लेकिन ड्राइवर ने बस को रुकने नहीं दिया। जवानों की जवाबी कार्रवाई में एक आतंकी घायल हुआ, जिसके खून के निशान काफी दूर तक पाए गए हैं। डीजीपी का कहना है कि घटना के तुरंत बाद और मंगलवार को भी पुलिस और सुरक्षाबलों के आला अधिकारी घटनास्थल पर जायजा लेने पहुंचे और सर्च ऑपरेशन चलाया गया। लेकिन अभी तक कामयाबी हाथ नहीं लगी।
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दुर्भाग्य है कि तीन जवान शहीद हो गए। अन्य घायल जवानों को सेना के 92 बेस अस्पताल से हालचाल पूछकर आए हैं, सबकी हालत स्थिर है। डीजीपी ने घायलों के परिवारों को हर संभव मदद देने का आश्वासन दिया। मंगलवार को सभी को सैन्य अस्पताल शिफ्ट किया गया है। सूत्रों के अनुसार आतंकियों ने स्टील बुलेट्स का इस्तेमाल किया। हालांकि पुलिस इसकी पुष्टि नहीं कर रही है।
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पुलिस के हाथ लगे हैं हमलावरों के ठो सबूत : दिलबाग
डीजीपी ने कहा कि पुलिस के हाथ हमला करने वाले आतंकियों के खिलाफ ठोस सबूत मिल चुके हैं और कार्रवाई जारी है। दहशतगर्दों को जल्द उनके अंजाम तक पहुंचाया जाएगा। दिलबाग सिंह ने कहा कि दहशतगर्द किसी भी तजीम का हो, हमारे लिए वह दहशतगर्द ही रहेगा। अभी यह कहना जरूरी नहीं कि इसमें जैश है या लश्कर, लेकिन इस तरह की वारदातें आज हो रही हैं वे टीआरएफ ही करवा रही है। टीआरएफ को पाकिस्तान में बैठे आका चलाते हैं। और यह हमला भी उसी का हिस्सा है।
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दहशतगर्दों के मंसूबे कभी कामयाब नहीं होने देंगे
डीजीपी ने कहा कि रंगरेट में सोमवार को एक कामयाब ऑपरेशन में एलईटी के दो दहशतगर्द मारे गए, जिनमें मारा गया शोपियां का रहने वाला आदिल लंबे समय से पाकिस्तानी साथी था। उससे पहले भी एक मुठभेड़ में पाकिस्तानी आतंकी बिलाल भाई मारा गया था। डीजीपी ने कहा कि उन्हें लगता है कि अभी जो साजिशें रची गई, उसमें ज्यादातर पाकिस्तानी आतंकियों का सीधा इस्तेमाल किया जा रहा है। डीजीपी ने कड़े शब्दों में कहा कि जो कोई भी चाहे वो पाकिस्तान के इशारे पर आतंकवाद का सहारा लेकर अमन शांति को भंग करने वाले क्यों न हों, उन्हें उनके मंसूबों में कामयाब नहीं होने देंगे।
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घायल जवानों के परिवार वालों को देंगे हर संभव मदद
श्रीनगर। डीजीपी दिलबाग सिंह ने जेवन में घटनास्थल का दौरा किया। साथ ही घायल पुलिसकर्मियों का हालचाल जानने के लिए 92 बेस अस्पताल में भी पहुंचे। वहीं जीओसी 15 कोर लेफ्टिनेंट जनरल डीपी पांडे ने भी अन्य अधिकारियों के साथ घायलों का हालचाल पूछा। डीजीपी ने डॉक्टरों से भी मुलाकात की और घायल जवानों को जल्द ठीक करने के लिए हर संभव इलाज के लिए कहा। डीजीपी ने घायल पुलिसकर्मियों के माता-पिता व परिवार वालों से भी मुलाकात की और हर संभव मदद देने का आश्वासन दिया। एडीजीपी आर्म्ड, एसजेएम गिलानी, आईजीपी कश्मीर विजय कुमार, डीआईजी सेंट्रल कश्मीर रेंज सुजीत कुमार भी मौजूद रहे। ब्यूरो