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जम्मू कश्मीर: निजी स्कूलों के बस किराये में 12 फीसदी बढ़ोतरी को मिली मंजूरी, लाखों परिवारों पर पड़ेगा असर
Sat, 12 Mar 2022 10:19 AM IST
विमल शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: विमल शर्मा
Updated Sat, 12 Mar 2022 10:19 AM IST
सार
ईंधन के बढ़ते दाम को देखते हुए एफएफआरसी ने फैसला लिया है कि स्कूल संचालक किराया बढ़ा सकते हैं। इस पर संचालकों ने फिर से पुर्नविचार कर इसे और बढ़ने को कहा है। ऐसे में अभिभावकों पर स्कूल बस किराये में बढ़ोतरी का बोझ पड़ेगा।
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students in Kashmir
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
निजी स्कूल बस सेवा के किराये में 12 फीसदी तक बढ़ोतरी होगी। जम्मू-कश्मीर के निजी स्कूलों में फीस निर्धारण और नियमन समिति (एफएफआरसी) ने 12 फीसदी तक की वृद्धि करने की अनुमित दे दी है। वहीं, निजी स्कूल संघ ने इस वृद्धि को नाकाफी करार देते हुए किराया बढ़ोतरी के फैसले पर पुनर्विचार की मांग की है।
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एफएफआरसी की बैठक में फैसला लिया गया कि निजी स्कूल प्रबंधक अब 12 फीसदी तक परिवहन शुल्क में बढ़ोतरी कर सकते हैं। ईंधन के बढ़ते दाम को देखते हुए एफएफआरसी ने ये फैसला लिया है। इस फैसले से लाखों परिवारों पर असर पड़ेगा।
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कोविड की पाबंदियां हटने पर दो साल बाद स्कूल खुले हैं। ऐसे में अभिभावकों पर स्कूल बस किराये में बढ़ोतरी का बोझ पड़ेगा। हालांकि एफएफआरसी ने 12 फीसदी से अधिक बढ़ोतरी से किराया वसूलने वालों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी है।
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वहीं, प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के अध्यक्ष कमल गुप्ता ने कहा कि 12 फीसदी किराया बढ़ोतरी पूरी तरह से नाकाफी है। ईंधन के दाम आसमान छू रहे हैं। एफएफआरसी ने 2020 र्के इंधन के आधार पर वृद्धि करने का फैसला लिया, जिस पर पुनर्विचार होना चाहिए।
कोविड के कारण स्कूलों में वाहन दो वर्ष से खड़े रहे हैं। खड़ी बसों का टोकन टैक्स, फिटनेस शुल्क देना पड़ रहा है।