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जम्मू-कश्मीर: स्वरोजगार के लिए 27 हजार स्वीकृति पत्र जल्द होंगे जारी, एलजी बोले- प्रदेश में ई सर्विस शुरू

Fri, 02 Dec 2022 02:35 AM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, रियासी
अमर उजाला नेटवर्क, रियासी Published by: विमल शर्मा Updated Fri, 02 Dec 2022 02:35 AM IST
सार

उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि अनुच्छेद 370 हटने के बाद आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले पारिस्थितिकी तंत्र को नष्ट किया जा रहा है। आर्थिक विकास महत्वपूर्ण है ताकि सभी नागरिक सम्मान के साथ जी सकें और शांति का वातावरण विकसित हो। सरकार की कोशिश है कि समाज का कोई भी व्यक्ति विकास से अछूता न रहे।

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Jammu Kashmir: 27,000 approval letters for self-employment will be issued soon, LG said – e-service starte
रियासी में कार्यक्रम के दौरान एलजी मनोज सिन्हा - फोटो : संवाद

विस्तार

उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा है कि सरकारी सेवाओं का लाभ पहुंचाने के लिए सरकार ने ई-सर्विस की सुविधा शुरू की है, लेकिन कुछ क्षेत्रों में लोग इसमें कठिनाई महसूस कर रहे हैं। प्रशासन तीन माह में ऐसा तंत्र विकसित करेगा जिसमें तय समय सीमा में सुविधाएं मुहैया न कराने वाले अधिकारी को जिम्मेदार ठहराया जाएगा।

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बैक टू विलेज कार्यक्रम के दौरान प्रत्येक पंचायत से 15 युवाओं को चयनित किया गया है जिन्हें स्वरोजगार के लिए वित्तीय सहायता दी जाएगी। इसके तहत प्रशासन 27 हजार स्वीकृति पत्र दिसंबर के अंत तक जारी कर दिए जाएंगे। इससे उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जाएगा। 

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रियासी जिले के पौनी में 11 दिवसीय अतिविष्णु महायज्ञ के शुभारंभ व अमर जवान शौर्य स्थल का उद्घाटन करते हुए उप राज्यपाल ने कहा कि अनुच्छेद 370 हटने के बाद आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले पारिस्थितिकी तंत्र को नष्ट किया जा रहा है। आर्थिक विकास महत्वपूर्ण है ताकि सभी नागरिक सम्मान के साथ जी सकें और शांति का वातावरण विकसित हो।

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सरकार की कोशिश है कि समाज का कोई भी व्यक्ति विकास से अछूता न रहे। वंचित वर्गों तथा युवाओं पर खास ध्यान है। सरकार के प्रयासों से किसान अपने उत्पादों की बेहतर कीमत अब पा रहे हैं। इस अवसर पर उन्होंने वीर चक्र कैप्टन विक्रम बतरा के परिजनों, वीर नारियों, शहीदों के परिजनों तथा पूर्व सैनिकों को सम्मानित भी किया। 

पत्थरबाजी और हड़ताल अब इतिहास की बात  

उप राज्यपाल ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में पत्थरबाजी और हड़ताल अब इतिहास की बात हो गई है। प्रदेश में मौजूदा समय में गिने चुने आतंकी और उनके समर्थक बचे हैं। उनके खिलाफ सुरक्षाबल लगातार कार्रवाई कर रहे हैं। केंद्रशासित प्रदेश से अंतिम आतंकी का सफाया होने तक आतंकवाद निरोधक अभियान जारी रहेगा।

साथ ही आतंकियों का पारिस्थितिकी तंत्र ध्वस्त किए बिना इस पर हमले रुकने वाले नहीं हैं।जम्मू कश्मीर में लंबे समय से डर, भ्रष्टाचार तथा परिवारवाद ने सामाजिक ताने बाने को भारी नुकसान पहुंचाया है, लेकिन पिछले दो-तीन साल में इस स्थिति में भारी बदलाव आया है।

इसने प्रदेश में सामाजिक ताने बाने में भारी सकारात्मक बदलाव लाया है। कहा कि पिछले तीस साल से सीमा पार से प्रायोजित आतंकवाद की की घटनाएं हमारे लिए गंभीर चुनौती थीं। यह अपने आप में एक इतिहास है जिस प्रकार से हमारी सेना, अर्धसैनिक बल तथा पुलिस ने इस चुनौती से निपटने के लिए प्रबावी कार्रवाई की है।

अगस्त 2019 को अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद से आतंक के खिलाफ और प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। सुरक्षा बलों को कई महत्वपूर्ण सफलताएं मिली हैं और पत्थरबाजी व हड़ताल इतिहास की बात हो गई है। 

शहीद जवानों के परिजनों को वित्तीय सहायता बढ़ाने के प्रयास जारी

एलजी ने कहा कि प्रदेश के कई जवानों ने मातृभूमि की रक्षा करते हुए अपने प्राणों की आहुति दी है। उनके परिवारों के प्रति हमारी संवेदनाएं हैं। पहले शहीद जवान के परिजनों को पांच लाख रुपये मिलते थे। इसको बढ़ाकर 25 लाख कर दिया गया है। हालांकि यह भी कम है, जिसको बढ़ाने के प्रयास जारी हैं।

रियासी में थोड़े समय में 1012 प्रोजेक्ट पूरे

सिन्हा ने कहा कि जिला रियासी में पिछले कई वर्षों की तुलना में थोड़े समय में 1012 प्रोजेक्ट पूरे हुए हैं, जोकि एक रिकार्ड है। आने वाले समय में विकास कार्यों को बढ़ाया दिया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान एलजी ने शहीद कैप्टन बिक्रम बत्तरा के परिजनों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।

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