Jammu Kashmir: जम्मू-कश्मीर के 25 पदक विजेताओं को अभी तक नहीं मिला नकद पुरस्कार, सरकार से उम्मीदें बढ़ी
38वें राष्ट्रीय खेलों में जम्मू-कश्मीर के पदक विजेताओं को अन्य राज्यों की तुलना में कम पुरस्कार मिलने पर उन्हें मुख्यमंत्री से मुलाकात और नकद पुरस्कार का इंतजार है।
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उत्तराखंड में हुए 38वें राष्ट्रीय खेलों के पदक विजेताओं को अन्य प्रदेशों में पुरस्कार दिया जा चुका है, जबकि प्रदेश के खिलाड़ी अभी तक नकद पुरस्कार और मुख्यमंत्री से मुलाकात की राह देख रहे हैं। इन खेलों में प्रदेश ने 25 पदक जीते हैं, जिसमें पांच स्वर्ण पदक शामिल हैं।
पदक विजेताओं को सरकार की तरफ अभीतक कुछ नहीं मिला है। वहीं, ओडिशा, मेघालय और उत्तराखंड ने अपने पदक विजेताओं के लिए कई घोषणाएं की हैं। जम्मू-कश्मीर से 120 खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय खेलों में भाग लिया था। आठ खेलों में पदक जीते हैं। वुशू में दो स्वर्ण सहित कुल सात पदक, जबकि जिम्नास्टिक में भी दो स्वर्ण सहित सात पदक जीते हैं।मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और खेल मंत्री सतीश शर्मा ने अभी तक सिर्फ वुशू खिलाड़ियों से मुलाकात की है, जबकि अन्य के लिए समय नहीं निकाल पाए हैं।
जम्मू-कश्मीर की खेल नीति के तहत राष्ट्रीय खेलों में स्वर्ण पदक विजेता को 50 हजार, रजत पदक विजेता को 25 हजार और कांस्य पदक विजेता को सिर्फ 10 हजार रुपये देने का प्रावधान है, जो अन्य राज्यों के मुकाबले कम है। इतनी कम प्रोत्साहन राशि के खिलाड़ियों के साथ धोखा है।बैडमिंटन के पूर्व कोच सतपाल शर्मा ने कहा कि सरकार को तत्काल घोषणा करनी चाहिए की खिलाड़ियों को कब सम्मानित करना है। सरकार द्वार रखी गई पुरस्कार राशि नाकाफी। इतनी पुरस्कार राशि से ज्यादा से खिलाड़ियों का खर्च आता है।
ओडिशा सरकार दे रही छह लाख रुपये
ओडिशा सरकार ने स्वर्ण पदक विजेताओं के लिए छह लाख रुपये, रजत पदक विजेताओं को चार लाख और कांस्य पदक विजेताओं को तीन लाख रुपये का नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है। मेघालय सरकार ने राष्ट्रीय खेलों में राज्य के सभी पदक विजेताओं को नौकरी और नकद पुरस्कार देने का आश्वासन दिया है। उत्तराखंड ने खिलाड़ियों के नकद पुरस्कार के साथ-साथ महाभोज का आयोजन किया है।