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जम्मू कश्मीर: डेंगू से अब तक 17 लोगों की मौत, प्रदेश में 86 नए केस आए सामने, जम्मू सबसे ज्यादा प्रभावित
Fri, 11 Nov 2022 01:30 AM IST
विमल शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: विमल शर्मा
Updated Fri, 11 Nov 2022 01:30 AM IST
सार
प्रदेश में 86 नए डेंगू के मामले मिले, जिससे यह आंकड़ा 6441 तक पहुंच गया है। डेंगू से जिला जम्मू सबसे अधिक प्रभावित है। इसी जिले में प्रदेश में कुल मामलों में 77 प्रतिशत मामले मिल चुके हैं।
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डेंगू से बचाव के लिए छिड़काव करता निगम कर्मी।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
डेंगू का डंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। तापमान में गिरावट के बावजूद डेंगू के नए मामलों का आना जारी है। वीरवार को डेंगू से दो और लोगों की मौत हुई है। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। इसके साथ डेंगू से अब तक 17 लोगों की मौत हो चुकी है।
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प्रदेश में 86 नए डेंगू के मामले मिले, जिससे यह आंकड़ा 6441 तक पहुंच गया है। डेंगू से जिला जम्मू सबसे अधिक प्रभावित है। इसी जिले में प्रदेश में कुल मामलों में 77 प्रतिशत मामले मिल चुके हैं। जम्मू में सर्वाधिक 66 नए मामले मिले। इसी जिले में अब तक सबसे अधिक डेंगू के मामले मिले हैं।
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इसी तरह उधमपुर में 9, सांबा और रियासी में 1-1, राजोरी और डोडा में 4-4 और पुंछ में 1 डेंगू का मामला मिला है। इस साल जम्मू संभाग के लगभग सभी जिलों में डेंगू का मच्छर पनपा है। जम्मू जिले में पलोड़ा, जानीपुर, सलवाल और रिहाड़ी हाटस्पाट इलाके बने हुए हैं।
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ग्रामीण क्षेत्रों में बिश्नाह का लसवाड़ा आदि क्षेत्र प्रभावित हैं। इस साल रिकार्ड डेंगू के मामलों और मौतों ने स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम की डेंगू रोकथाम प्रबंधों की पोल खोली है। पिछले दो दशक बाद डेंगू के इतने रिकार्ड मामले मिले हैं।
प्रभावित क्षेत्र के लोगों का आरोप है कि डेंगू के मामले बढ़ने पर ही कुछ इलाकों में फागिंग और सप्रे की प्रक्रिया देखी गई, जबकि सामान्य तौर पर इसे समय रहते नहीं किया गया था, जिससे डेंगू के मच्छरों को पनपने में मदद मिली। तापमान में गिरावट के बावजूद डेंगू के मामलों ने लोगों की स्वास्थ्य चिंताएं बढ़ाई हैं।