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Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   Jammu Kashmir: 17 including former deputy CM Tara Chand again joined Congress, left Azad party

जम्मू-कश्मीर: पूर्व डिप्टी सीएम तारा चंद समेत 17 ने फिर थामा कांग्रेस का हाथ, आजाद की पार्टी में हुए थे शामिल

Sat, 07 Jan 2023 02:11 AM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू Published by: विमल शर्मा Updated Sat, 07 Jan 2023 02:11 AM IST
सार

दिल्ली में पार्टी महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि यह पार्टी के लिए खुशी का दिन है क्योंकि पुराने साथी भारत जोड़ो यात्रा से पहले अपने घर लौट रहे हैं जो दो सप्ताह के बाद जम्मू-कश्मीर में प्रवेश करेगी। डीएपी अध्यक्ष गुलाम नबी आजाद ने कांग्रेस में शामिल हुए तीन वरिष्ठ नेताओं पर टिप्पणी करते हुए कहा कि इन नेताओं का अब कोई निर्वाचन क्षेत्र नहीं हैं।

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Jammu Kashmir: 17 including former deputy CM Tara Chand again joined Congress, left Azad party
कांग्रेस में शामिल होते पूर्व डिप्टी सीएम तारा चंद्र और अन्य - फोटो : एजेंसी

विस्तार

जम्मू-कश्मीर के पूर्व उप-मुख्यमंत्री तारा चंद समेत 17 नेता शुक्रवार को गुलाम नबी आजाद का साथ छोड़कर वापस कांग्रेस में लौट आए। इस दौरान पार्टी के महासचिव केसी वेणुगोपाल, जम्मू- कश्मीर की प्रभारी रजनी पाटिल, वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने इन सभी नेताओं का स्वागत करते हुए कहा कि ये साथी दो माह के लिए छुट्टी पर चले गए थे।

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दिल्ली में पार्टी महासचिव केसी वेणुगोपाल ने मीडिया से बातचीत में कहा कि यह पार्टी के लिए खुशी का दिन है क्योंकि पुराने साथी भारत जोड़ो यात्रा से पहले अपने घर लौट रहे हैं जो दो सप्ताह के बाद जम्मू-कश्मीर में प्रवेश करेगी। उन्होंने भारत जोड़ो यात्रा देश में एक बड़ा क्षण बन गई है और इसीलिए इन सभी नेताओं ने कांग्रेस में वापस आने का फैसला किया है।
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यह केवल एक शुरुआत है और जब यात्रा जम्मू और कश्मीर में प्रवेश कर रही है, तो कांग्रेस की विचारधारा वाले सभी लोग और जो अखंड भारत चाहते हैं, पार्टी में शामिल होंगे। यह पूछे जाने पर कि क्या डीएपी के अध्यक्ष गुलाम नबी आजाद से कांग्रेस में वापसी के लिए कोई बातचीत चल रही है, वेणुगोपाल ने कहा कि उन्होंने खुद ऐसी किसी बातचीत से इन्कार किया है।
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यह पूछे जाने पर कि क्या आज़ाद को यात्रा के लिए आमंत्रित किया गया है, वेणुगोपाल ने कहा, जो लोग भारत जोड़ो यात्रा की विचारधारा में विश्वास करते हैं, उनका यात्रा में शामिल होने के लिए स्वागत है। उन्होंने कहा, हमने सभी समान विचारधारा वाले दलों को यात्रा में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है।

डॉ.फारूक अब्दुल्ला, उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती यात्रा में शामिल होंगे और श्रीनगर में राहुल गांधी के साथ चलेंगे। पार्टी नेता जयराम रमेश ने कहा, कुल 19 नेताओं को शुक्रवार को ज्वाइन करना था, लेकिन पहले चरण में 17 ने दिल्ली आकर पार्टी ज्वाइन कर ली, शेष अगले चरण में शामिल होंगे।

प्रदेश प्रभारी रजनी पाटिल ने कहा कि अगर कोई शाम तक घर वापस आ जाता है, तो वह खोया नहीं है। उन्होंने कहा कि वे समझ गए हैं कि कांग्रेस ने उन्हें पहचान दी है और उन्होंने लौटने का फैसला किया है।

हम भावनाओं में बह गए थे: पूर्व डिप्टी सीएम

कांग्रेस छोड़ने के कारणों के बारे में पूछे जाने पर तारा चंद ने कहा, हम भावनाओं और दोस्ती में बह गए और जल्दबाजी में पार्टी छोड़ दी थी। हम डीएपी में सहज नहीं थे क्योंकि हमने अपने जीवन के 50 साल कांग्रेस में बिताए हैं और अपनी गलती का अहसास किया है। पार्टी छोड़ना हमारी सबसे बड़ी गलती थी। 

पार्टी छोड़ना बड़ी गलती थी: पीरजादा

पीरजादा सईद मोहम्मद ने कहा कि वह 50 साल तक कांग्रेस के नेता रहे और पार्टी छोड़ना एक गलती थी और हम भावनाओं में बह गए। हम कश्मीर के लोगों और पार्टी से माफी मांगते हैं। जम्मू-कश्मीर में सभी धर्मनिरपेक्ष ताकतों को मजबूत करने और एकजुट करने की जरूरत है, जहां पिछले 8 वर्षों में आतंकवाद कम होने के बजाय बढ़ा है।

ये नेता हुए शामिल

पूर्व उप मुख्यमंत्री तारा चंद, पूर्व मंत्री पीरजादा सईद मोहम्मद, पूर्व विधायक बलवान सिंह, पूर्व एमएलसी मुज्जफर पर्रे, एमके भारद्वाज, नरेश शर्मा, अमरीश मगोत्रा, भूषण डोगरा।  तारा चंद सहित कई वरिष्ठ नेता हाल ही में डीएपी में शामिल हुए थे।

तीनों नेताओं के विधानसभा क्षेत्र तक नहीं : आजाद

जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री व डेमोक्रेटिक आजाद पार्टी के अध्यक्ष गुलाम नबी आजाद ने कांग्रेस में शामिल हुए तीन वरिष्ठ नेताओं पर टिप्पणी करते हुए कहा कि इन नेताओं के अब कोई निर्वाचन क्षेत्र नहीं हैं। मैं उनके खिलाफ नहीं हूं और वे हमारे पुराने साथी रहे हैं, लेकिन जब परिसीमन हुआ तो तीनों नेताओं के निर्वाचन क्षेत्र चले गए, कोई आरक्षित तो कोई बिना आरक्षित हो गए।



मैंने उन्हें पद दिए थे क्योंकि वे हमारे पुरानी साथी थे, वे चुनाव नहीं लड़ सकते, मगर हमने उन्हें सम्मान दिया, लेकिन उनको वो हजम नहीं हुआ। शायद अब जहां गए हैं उन्हें उनके खाली पद के बारे में मालूम है, लेकिन यह नहीं पता कि उनके निर्वाचन क्षेत्र चले गए हैं।

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