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Jammu News: भालू के बाद ग्रे भेड़िया पहुंचा जंबू जू, 15 दिन बाद देख पाएंगे लोग
Fri, 18 Apr 2025 02:53 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
Updated Fri, 18 Apr 2025 02:53 AM IST
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पर्यटकों को आकर्षित करने की पहल, कुछ दिनों के लिए अन्य जानवरों से रखे जाएंगे अलग
संवाद न्यूज एजेंसी
जम्मू। जंबू जू में पर्यटकों को आकर्षित करने की पहल शुरू की गई है। भालू के बाद अब भारतीय ग्रे भेड़िया जंबू जू की शान बनेगा। गुजरात से दो जोड़े वीरवार को जंबू जू पहुंच गए हैं। पर्यटक 15 दिन बाद इन्हें निहार सकेंगे।
जंबू जू के अधिकारी अनिल अत्री ने बताया कि भेड़ियों के बदले जंबू जू से जंगली बिल्ली के एक जोड़े को सक्करबाग प्राणी उद्यान जूनागढ़ भेजा गया है। भेड़ियों को लाने के लिए रेलवे विभाग की ओर से परिवहन सुविधा उपलब्ध कराई गई। पशु चिकित्सा टीम की देखरेख में इन्हें जंबू जू लाया गया।
इन भेड़ियों को जंबू जू में कुछ दिनों तक अन्य जानवरों के बाड़े से अलग रखा जाएगा, ताकि वह जम्मू के वातावरण से तालमेल बिठा सकें। जू के पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. रंजीत सिंह कटोच, रेंज अधिकारी सुमित कुमार की टीम के अनुसार इन भेड़ियों का स्थान परिवर्तन कर सार्वजनिक प्रदर्शनियों में पेश किया जाएगा।
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तेज बुद्धि के लिए जाने जाते हैं ग्रे भेड़िए
उन्होंने बताया कि ग्रे भेड़िये तेज बुद्धि के लिए जाने जाते हैं और छोटे पारिवारिक समूहों में रहते हैं। वे चीख, शरीर की मुद्रा और गंध चिह्नों से संवाद कर सकते हैं। आमतौर पर जोड़े या छोटे झुंडों में शिकार करते हैं। यह प्रजाति वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की अनुसूची में है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
जम्मू। जंबू जू में पर्यटकों को आकर्षित करने की पहल शुरू की गई है। भालू के बाद अब भारतीय ग्रे भेड़िया जंबू जू की शान बनेगा। गुजरात से दो जोड़े वीरवार को जंबू जू पहुंच गए हैं। पर्यटक 15 दिन बाद इन्हें निहार सकेंगे।
जंबू जू के अधिकारी अनिल अत्री ने बताया कि भेड़ियों के बदले जंबू जू से जंगली बिल्ली के एक जोड़े को सक्करबाग प्राणी उद्यान जूनागढ़ भेजा गया है। भेड़ियों को लाने के लिए रेलवे विभाग की ओर से परिवहन सुविधा उपलब्ध कराई गई। पशु चिकित्सा टीम की देखरेख में इन्हें जंबू जू लाया गया।
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इन भेड़ियों को जंबू जू में कुछ दिनों तक अन्य जानवरों के बाड़े से अलग रखा जाएगा, ताकि वह जम्मू के वातावरण से तालमेल बिठा सकें। जू के पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. रंजीत सिंह कटोच, रेंज अधिकारी सुमित कुमार की टीम के अनुसार इन भेड़ियों का स्थान परिवर्तन कर सार्वजनिक प्रदर्शनियों में पेश किया जाएगा।
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तेज बुद्धि के लिए जाने जाते हैं ग्रे भेड़िए
उन्होंने बताया कि ग्रे भेड़िये तेज बुद्धि के लिए जाने जाते हैं और छोटे पारिवारिक समूहों में रहते हैं। वे चीख, शरीर की मुद्रा और गंध चिह्नों से संवाद कर सकते हैं। आमतौर पर जोड़े या छोटे झुंडों में शिकार करते हैं। यह प्रजाति वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की अनुसूची में है।