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ठंड हो या बरसात: शबनम हैं तो घर रहेगा रोशन, जम्मू की पहली महिला इलेक्ट्रीशियन सोशल मीडिया पर वायरल
Sun, 22 Jan 2023 07:10 PM IST
kumar गुलशन कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: kumar गुलशन कुमार
Updated Sun, 22 Jan 2023 07:10 PM IST
सार
शबनम ने श्रीनगर के पॉलिटेक्निक कॉलेज से उसने 2016 में इलेक्ट्रिशियन का डिप्लोमा पूरा किया। पहले यहां बिजली फिटिंग प्रशिक्षण लिया फिर स्वतंत्र रूप से काम करना शुरू किया। इसके बाद पीछे मुड़कर नहीं देखा।
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शबनम
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
चिनाब घाटी के डोडा जिले की मूल निवासी महिला इलेक्ट्रीशियन शबनम आजकल सोशल मीडिया पर छाई हैं। वह जम्मू में काम करने वाली पहली महिला हैं जिन्होंने ऐसे पेशे को चुना है जिस पर आम तौर पर पुरुषों का ही एकाधिकार माना जाता है। जाड़ा हो या बरसात वह घर-घर जाकर बिजली से जुड़ी परेशानियां दूर करती हैं। वह स्वतंत्र रूप से काम करने की चाहत रखने वाली महिलाओं के लिए प्रेरणा बन रही हैं।
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डोडा जिले के एक दूरदराज के गांव कहारा की रहने वाली शबनम ने वर्ष 2013 में राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कलहोत्राण से 10वीं की परीक्षा पास की थी। एक साल बाद अचानक 2014 में उसकी हंसती खिलखिलाती जिंदगी को ग्रहण लग गया जब शबनम के पिता की मौत हो गई। आर्थिक तंगी के कारण परिवार गंभीर रूप से मानसिक तनाव में आ गया। इस बीच श्रीनगर के पॉलिटेक्निक कॉलेज से उसने 2016 में इलेक्ट्रिशियन का डिप्लोमा पूरा किया।
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शबनम बताती हैं कि परिवार तनाव से गुजर रहा था ऐसे में वह काम करने के लिए जम्मू आ गईं। पहले यहां बिजली फिटिंग प्रशिक्षण लिया फिर स्वतंत्र रूप से काम करना शुरू किया। इसके बाद पीछे मुड़कर नहीं देखा। मजबूरी में शुरू किया गया काम अब उसके परिवार का बड़ा आर्थिक संबल है। वह कहती हैं अब मैं अपने काम के लिए व्यापक पहचान प्राप्त करने के बाद इस क्षेत्र में एक नाम स्थापित करना चाहती हूं। इस काम से जो कमाई होती है उससे वह अपने घर का खर्च चला रही हैं।
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शबनम कहती हैं कि कोई भी क्षेत्र पुरुष या महिला के लिए आरक्षित नहीं है। आपमें बस इसे करने का जुनून होना चाहिए, और सफलता, प्रसिद्धि और सम्मान अपने आप मिल जाएगा। आत्मविश्वास, समर्पण और ईमानदारी आपको बहुत आगे ले जाएगी।
परिवार के समर्थन ने आगे बढ़ने का दिया हौसला
शबनम बताती हैं कि शुरू में झिझक थी। लेकिन, परिवार से मिले समर्थन ने न सिर्फ हिम्मत दी बल्कि उसे इस पेशे में आगे बढ़ने में सक्षम बनाया।
उन्होंने कहा, कुछ लोग आलोचना करते हैं लेकिन हमें ऐसे लोगों का सामना करना चाहिए और अपने काम पर ध्यान देना चाहिए। उनके हर सवाल का जवाब हमारा काम हो सकता है।
ऑनलाइन सेवा उपलब्ध कराने की तैयारी
शबनम के साथ पढ़ाई करने वाले आकिब राशिद खान ने अपनी साथी की लगन को देखते हुए एक बड़ा प्लेटफार्म तैयार करने की योजना बनाई है। एमटेक कर चुके आकिब बताते हैं कि उन्होंने एक टीम बनाई है। जम्मू में एक कार्यालय खोलने की योजना है और रोजमर्रा की सेवाओं को ऑनलाइन उपलब्ध कराने के लिए वेबसाइट शुरू करने पर काम कर रहे हैं।