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Jammu News: डोडा में नफरती भाषण व आपत्तिजनक बयान देने पर प्रतिबंध
Sun, 04 May 2025 02:37 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
Updated Sun, 04 May 2025 02:37 AM IST
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संवेदनशील जिले में शांति भंग होने की संभावना के चलते प्रशासन की सख्ती, आदेश जारी
संवाद न्यूज एजेंसी
डोडा। जिले में प्रशासन ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), 2023 की धारा 163 के तहत नफरत फैलाने वाले भाषण और आपत्तिजनक बयान देने पर प्रतिबंध लगा दिया है। शनिवार को जारी आदेश में कहा गया है कि इससे सांप्रदायिक तनाव और हिंसा भड़क सकती है जिससे संवेदनशील डोडा जिले में शांति भंग होने की संभावना है।
जिला प्रशासन ने लोगों, समुदाय के प्रतिनिधियों व सार्वजनिक हस्तियों की ओर से सार्वजनिक मंचों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर नफरत फैलाने वाले भाषणों, भड़काऊ टिप्पणियों और गैर-जिम्मेदाराना बयानों में वृद्धि को देखते हुए यह प्रतिबंध लगाया है। प्रशासन का कहना है कि इस तरह के व्यवहार से न केवल सांप्रदायिक सद्भाव को खतरा है, बल्कि बलिदानियों के परिवारों की भावनाओं को भी ठेस पहुंचती है। इससे कानून-व्यवस्था के व्यापक मुद्दे पैदा होने का खतरा है। यह भी पाया गया है कि कुछ लोग बिना पूर्व अनुमति के सार्वजनिक बैठकें, रैलियां और जुलूस निकाल रहे हैं, जिससे दैनिक जीवन, यातायात में व्यवधान उत्पन्न हो रहा है और संभावित रूप से सुरक्षा भंग हो रही है।
आदेश में लिखा है कि कोई भी व्यक्ति डिजिटल प्लेटफॉर्म, संगठन या समुदाय का प्रतिनिधि करने वाला सार्वजनिक स्थानों, मीडिया या सोशल मीडिया पर घृणास्पद भाषण, आपत्तिजनक टिप्पणी या गैर-जिम्मेदाराना बयान नहीं देगा। वहीं, प्रकाशित या प्रसारित नहीं करेगा। कोई भी व्यक्ति या समूह किसी भी संचार के माध्यम से समुदायों, धार्मिक समूहों या सामाजिक वर्गों के बीच हिंसा, घृणा या दुश्मनी को भड़काने वाले कार्यों में शामिल नहीं होगा या उन्हें प्रोत्साहित नहीं करेगा।
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आदेश जारी करने का उद्देश्य सांप्रदायिक सद्भाव को बनाए रखना और जिले में शांति सुनिश्चित करना है। डोडा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को इस आदेश का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। आदेश दो महीने की अवधि तक प्रभावी रहेगा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
डोडा। जिले में प्रशासन ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), 2023 की धारा 163 के तहत नफरत फैलाने वाले भाषण और आपत्तिजनक बयान देने पर प्रतिबंध लगा दिया है। शनिवार को जारी आदेश में कहा गया है कि इससे सांप्रदायिक तनाव और हिंसा भड़क सकती है जिससे संवेदनशील डोडा जिले में शांति भंग होने की संभावना है।
जिला प्रशासन ने लोगों, समुदाय के प्रतिनिधियों व सार्वजनिक हस्तियों की ओर से सार्वजनिक मंचों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर नफरत फैलाने वाले भाषणों, भड़काऊ टिप्पणियों और गैर-जिम्मेदाराना बयानों में वृद्धि को देखते हुए यह प्रतिबंध लगाया है। प्रशासन का कहना है कि इस तरह के व्यवहार से न केवल सांप्रदायिक सद्भाव को खतरा है, बल्कि बलिदानियों के परिवारों की भावनाओं को भी ठेस पहुंचती है। इससे कानून-व्यवस्था के व्यापक मुद्दे पैदा होने का खतरा है। यह भी पाया गया है कि कुछ लोग बिना पूर्व अनुमति के सार्वजनिक बैठकें, रैलियां और जुलूस निकाल रहे हैं, जिससे दैनिक जीवन, यातायात में व्यवधान उत्पन्न हो रहा है और संभावित रूप से सुरक्षा भंग हो रही है।
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आदेश में लिखा है कि कोई भी व्यक्ति डिजिटल प्लेटफॉर्म, संगठन या समुदाय का प्रतिनिधि करने वाला सार्वजनिक स्थानों, मीडिया या सोशल मीडिया पर घृणास्पद भाषण, आपत्तिजनक टिप्पणी या गैर-जिम्मेदाराना बयान नहीं देगा। वहीं, प्रकाशित या प्रसारित नहीं करेगा। कोई भी व्यक्ति या समूह किसी भी संचार के माध्यम से समुदायों, धार्मिक समूहों या सामाजिक वर्गों के बीच हिंसा, घृणा या दुश्मनी को भड़काने वाले कार्यों में शामिल नहीं होगा या उन्हें प्रोत्साहित नहीं करेगा।
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आदेश जारी करने का उद्देश्य सांप्रदायिक सद्भाव को बनाए रखना और जिले में शांति सुनिश्चित करना है। डोडा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को इस आदेश का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। आदेश दो महीने की अवधि तक प्रभावी रहेगा।