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Jammu News: खुद खेल कर बनीं सबल, अब बेटियों का खेलों में तराश रहीं भविष्य
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संवाद न्यूज एजेंसी
जम्मू। जम्मू की तीन बेटियां पहले खेलों के जरिये पहले खुद सबल बनीं और अब अन्य बेटियों को खेलों में तराश कर उनका भविष्य बना रही हैं। जम्मू निवासी ममता बजाज (हैंडबॉल), ज्योति शर्मा (हैंडबॉल) और मीतू सिंह (फुटबाल) का मानना है कि बेटियां बेटों से कम नहीं हैं। खेलों में भी भविष्य बनाया जा सकता है। इसके लिए वह लड़कियों को खेलों के प्रति प्रोत्साहित कर रही हैं।
ममता ने कहा के वह 15 साल से हैंडबाॅल खेल रही हैं। खेल कोटे में सरकारी नौकरी भी मिली है। नेशनल स्कूल गेम्स और वर्ष 2000 में बांग्लादेश में आयोजित एशियाई चैंपियनशिप में भी हिस्सा लिया। देश में आगरा, वाराणसी व अन्य प्रदशों में प्रतियोगिताएं खेली हैं। वर्ष 2024 में गोवा में मास्टर्स आर्म रेसलिंग प्रतियोगिता का प्रतिनिधित्व किया। ममता पीटी शिक्षक हैं और स्कूल में बच्चों के साथ और रविवार को अभ्यास करती हैं। उन्होंने बताया कि खेल जगत में पुरुषों के बराबर ही महिलाएं भी सफल हैं।
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जम्मू। जम्मू की तीन बेटियां पहले खेलों के जरिये पहले खुद सबल बनीं और अब अन्य बेटियों को खेलों में तराश कर उनका भविष्य बना रही हैं। जम्मू निवासी ममता बजाज (हैंडबॉल), ज्योति शर्मा (हैंडबॉल) और मीतू सिंह (फुटबाल) का मानना है कि बेटियां बेटों से कम नहीं हैं। खेलों में भी भविष्य बनाया जा सकता है। इसके लिए वह लड़कियों को खेलों के प्रति प्रोत्साहित कर रही हैं।
ममता ने कहा के वह 15 साल से हैंडबाॅल खेल रही हैं। खेल कोटे में सरकारी नौकरी भी मिली है। नेशनल स्कूल गेम्स और वर्ष 2000 में बांग्लादेश में आयोजित एशियाई चैंपियनशिप में भी हिस्सा लिया। देश में आगरा, वाराणसी व अन्य प्रदशों में प्रतियोगिताएं खेली हैं। वर्ष 2024 में गोवा में मास्टर्स आर्म रेसलिंग प्रतियोगिता का प्रतिनिधित्व किया। ममता पीटी शिक्षक हैं और स्कूल में बच्चों के साथ और रविवार को अभ्यास करती हैं। उन्होंने बताया कि खेल जगत में पुरुषों के बराबर ही महिलाएं भी सफल हैं।
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