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शिक्षा में शामिल करें जैन के अहिंसा व करुणा के मूल्यों : एलजी
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जम्मू विश्वविद्यालय मेंं आयोजित भगवान महावीर जयंती पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते उपराज्य
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जम्मू कश्मीर विश्वविद्यालय के जनरल जोरावर सभागार में महावीर जयंती पर हुआ कार्यक्रम
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि भगवान महावीर की शिक्षाएं एक संप्रदाय तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि यह सभी सीमाओं से परे हैं। उन्होंने यह सुनिश्चित किया है कि अहिंसा और करुणा हमारे समाज की मजबूत नींव का निर्माण करें। इसलिए, शिक्षा में अहिंसा व करुणा के जैन मूल्यों को शामिल किया जाए।
वह वीरवार को जम्मू विश्वविद्यालय में भगवान महावीर जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि भगवान महावीर निस्वार्थ सेवा की अवधारणा सभी जीवों के प्रति अहिंसा और करुणा के सिद्धांतों से जुड़ी हुई हैं। उनका कहना था कि यह भावना अहंकार को खत्म करती है, जो कल्याण के अतिरिक्त आध्यात्मिक मुक्ति में बाधा डालती है।
उपराज्यपाल ने आगे कहा कि भगवान महावीर के अनुयायी और जैन समुदाय से जुड़ी लाखों संस्थाएं उनके मार्ग पर चलने, निस्वार्थ दान, बीमारों की देखभाल, भक्तों की मदद करने के लिए निरंंतर प्रयासरत हैं। उन्होंने शिक्षण संस्थाओं से अपील की है कि विद्यार्थियों की शिक्षा में अहिंसा और करुणा के मूल जैन सिद्धांतों को जरूर शामिल करें।
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निस्वार्थ सेवा को आध्यात्मिक अभ्यास के रूप में करें प्रचारित
उपराज्यपाल ने कहा कि युवाओं में निस्वार्थ सेवा को आध्यात्मिक अभ्यास के रूप में प्रचारित किया जाना चाहिए। इसे केवल सहानुभूति के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। इसे अपने जीवन का एक तरीका बनाना चाहिए। वह विश्वास दिलाते हैं कि ऐसी भावना व्यक्तिगत विकास को बढ़ावा देेन में सक्षम होगी। वहीं सामाजिक ताने-बाने को मजबूत करने के साथ ही संस्कृति को समृद्ध करेगी।
महावीर के सिद्धांत सेवा, अहिंसा व करुणा के मूल्यों को समाहित करने में सक्षम
उपराज्यपाल ने कहा कि लोगों को यह समझने की जरूरत है कि भगवान महावीर के सिद्धांत, उनका जीवन दर्शन न केवल मानव समाज की व्यावहारिक जरूरतों को पूरा करता है। वहीं एक ऐसी संस्कृति का निर्माण भी करता है जहां सेवा, अहिंसा, तप और करुणा जैसे मूल्यों को जीवन में समाहित करने में भी सक्षम है।
उत्कृष्ट उपलब्धियों के लिए जैन समुदाय के युवा सम्मानित
कार्यक्रम में उपराज्यपाल ने जैन धर्म के युवाओं को विभिन्न क्षेत्रों में उनकी उत्कृष्ट उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया। इस मौके पर एडीजीपी आनंद जैन, एसएस जैन सभा के अध्यक्ष पंकज जैन, उपाध्यक्ष राजीव जैन, महासचिव संदीप जैन आदि मौजूद रहे।
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि भगवान महावीर की शिक्षाएं एक संप्रदाय तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि यह सभी सीमाओं से परे हैं। उन्होंने यह सुनिश्चित किया है कि अहिंसा और करुणा हमारे समाज की मजबूत नींव का निर्माण करें। इसलिए, शिक्षा में अहिंसा व करुणा के जैन मूल्यों को शामिल किया जाए।
वह वीरवार को जम्मू विश्वविद्यालय में भगवान महावीर जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि भगवान महावीर निस्वार्थ सेवा की अवधारणा सभी जीवों के प्रति अहिंसा और करुणा के सिद्धांतों से जुड़ी हुई हैं। उनका कहना था कि यह भावना अहंकार को खत्म करती है, जो कल्याण के अतिरिक्त आध्यात्मिक मुक्ति में बाधा डालती है।
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उपराज्यपाल ने आगे कहा कि भगवान महावीर के अनुयायी और जैन समुदाय से जुड़ी लाखों संस्थाएं उनके मार्ग पर चलने, निस्वार्थ दान, बीमारों की देखभाल, भक्तों की मदद करने के लिए निरंंतर प्रयासरत हैं। उन्होंने शिक्षण संस्थाओं से अपील की है कि विद्यार्थियों की शिक्षा में अहिंसा और करुणा के मूल जैन सिद्धांतों को जरूर शामिल करें।
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निस्वार्थ सेवा को आध्यात्मिक अभ्यास के रूप में करें प्रचारित
उपराज्यपाल ने कहा कि युवाओं में निस्वार्थ सेवा को आध्यात्मिक अभ्यास के रूप में प्रचारित किया जाना चाहिए। इसे केवल सहानुभूति के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। इसे अपने जीवन का एक तरीका बनाना चाहिए। वह विश्वास दिलाते हैं कि ऐसी भावना व्यक्तिगत विकास को बढ़ावा देेन में सक्षम होगी। वहीं सामाजिक ताने-बाने को मजबूत करने के साथ ही संस्कृति को समृद्ध करेगी।
महावीर के सिद्धांत सेवा, अहिंसा व करुणा के मूल्यों को समाहित करने में सक्षम
उपराज्यपाल ने कहा कि लोगों को यह समझने की जरूरत है कि भगवान महावीर के सिद्धांत, उनका जीवन दर्शन न केवल मानव समाज की व्यावहारिक जरूरतों को पूरा करता है। वहीं एक ऐसी संस्कृति का निर्माण भी करता है जहां सेवा, अहिंसा, तप और करुणा जैसे मूल्यों को जीवन में समाहित करने में भी सक्षम है।
उत्कृष्ट उपलब्धियों के लिए जैन समुदाय के युवा सम्मानित
कार्यक्रम में उपराज्यपाल ने जैन धर्म के युवाओं को विभिन्न क्षेत्रों में उनकी उत्कृष्ट उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया। इस मौके पर एडीजीपी आनंद जैन, एसएस जैन सभा के अध्यक्ष पंकज जैन, उपाध्यक्ष राजीव जैन, महासचिव संदीप जैन आदि मौजूद रहे।

जम्मू विश्वविद्यालय मेंं आयोजित भगवान महावीर जयंती पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते उपराज्य