{"_id":"679160a2b120469db000d4ab","slug":"jammu-culture-felloship-sandeep-jammu-news-c-10-lko1027-529608-2025-01-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jammu News: संदीप को मिलेगा जूनियर फेलोशिप अवाॅर्ड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jammu News: संदीप को मिलेगा जूनियर फेलोशिप अवाॅर्ड
विज्ञापन
संदीप वर्मा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। वर्ष 2022-23 के लिए लोक रंगमंच श्रेणी में संदीप वर्मा को संस्कृति मंत्रालय की ओर से डोगरी रंगमंच पर लोक रूपों के परिवर्तनकारी प्रभाव की खोज विषय पर जूनियर फेलोशिप अवाॅर्ड के लिए चुना गया है। हर साल देशभर से 200 प्रतिभागियों का अनुभव और क्षेत्र में योगदान के अनुसार विभिन्न कला क्षेत्रों में जूनियर और सीनियर फेलोशिप के लिए चयन होता है।
संदीप वर्मा इग्नू से पत्रकारिता और जनसंचार में परास्नातक हैं। साथ ही 18 वर्षों से थियेटर में काम कर रहे हैं। उन्होंने एक अभिनेता और निर्देशक के रूप में कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय थियेटर समारोहों में होली, अब्दुल्ला दीवाना, गैर जरूरी लोग, पालने का पूत, ओमा, कुंजू चंचलो जैसे 25 प्रमुख नाटकों के 70 से अधिक प्रदर्शन किए हैं। उन्होंने राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय नई दिल्ली द्वारा मुश्ताक काक, एमके रैना, बापी बोस, इफरा काक और अन्य जैसे थियेटर के जाने-माने नामों के साथ आयोजित कई कार्यशालाओं में भाग लिया है। एनडी जमवाल द्वारा लिखित और संदीप वर्मा द्वारा निर्देशित नाटक कुंजू चंचलो का प्रदर्शन भारत के सबसे बड़े थियेटर फेस्टिवल भारत रंग महोत्सव 2023 में किया गया।
संदीप वर्मा एक अभिनेता और निर्देशक के रूप में फिल्मों और टेलीविजन में अपने काम के लिए भी जाने जाते हैं। उन्होंने शिकारा, अवरोध, नो फादर्स इन कश्मीर, गॉगल्स ऑफ राजेश खन्ना आदि फिल्मों में अभिनय किया है। उन्होंने कई लघु फिल्मों और वृत्तचित्रों का भी निर्देशन किया है। उनकी फिल्म आई एम वाल्मीकि ने 2024 में दूसरा पुरस्कार जीता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
जम्मू। वर्ष 2022-23 के लिए लोक रंगमंच श्रेणी में संदीप वर्मा को संस्कृति मंत्रालय की ओर से डोगरी रंगमंच पर लोक रूपों के परिवर्तनकारी प्रभाव की खोज विषय पर जूनियर फेलोशिप अवाॅर्ड के लिए चुना गया है। हर साल देशभर से 200 प्रतिभागियों का अनुभव और क्षेत्र में योगदान के अनुसार विभिन्न कला क्षेत्रों में जूनियर और सीनियर फेलोशिप के लिए चयन होता है।
संदीप वर्मा इग्नू से पत्रकारिता और जनसंचार में परास्नातक हैं। साथ ही 18 वर्षों से थियेटर में काम कर रहे हैं। उन्होंने एक अभिनेता और निर्देशक के रूप में कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय थियेटर समारोहों में होली, अब्दुल्ला दीवाना, गैर जरूरी लोग, पालने का पूत, ओमा, कुंजू चंचलो जैसे 25 प्रमुख नाटकों के 70 से अधिक प्रदर्शन किए हैं। उन्होंने राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय नई दिल्ली द्वारा मुश्ताक काक, एमके रैना, बापी बोस, इफरा काक और अन्य जैसे थियेटर के जाने-माने नामों के साथ आयोजित कई कार्यशालाओं में भाग लिया है। एनडी जमवाल द्वारा लिखित और संदीप वर्मा द्वारा निर्देशित नाटक कुंजू चंचलो का प्रदर्शन भारत के सबसे बड़े थियेटर फेस्टिवल भारत रंग महोत्सव 2023 में किया गया।
विज्ञापन
संदीप वर्मा एक अभिनेता और निर्देशक के रूप में फिल्मों और टेलीविजन में अपने काम के लिए भी जाने जाते हैं। उन्होंने शिकारा, अवरोध, नो फादर्स इन कश्मीर, गॉगल्स ऑफ राजेश खन्ना आदि फिल्मों में अभिनय किया है। उन्होंने कई लघु फिल्मों और वृत्तचित्रों का भी निर्देशन किया है। उनकी फिल्म आई एम वाल्मीकि ने 2024 में दूसरा पुरस्कार जीता है।
विज्ञापन