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Jammu News: सात और प्रत्याशियों ने जताई दावेदारी, आज नामांकन का आखिरी दिन
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प्रधान पद के लिए एक, उपप्रधान पद के लिए दो, महासचिव पद के लिए दो, संयुक्त सचिव पद के लिए एक और कोषाध्यक्ष पद के लिए भी दर्ज हुआ पर्चा
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया जारी है। शुक्रवार को विभिन्न पदों के लिए सात नामांकन हुए। इनमें प्रधान पद के लिए एक, उप प्रधान पद के लिए दो, महासचिव पद के लिए दो, संयुक्त सचिव पद के लिए एक और कोषाध्यक्ष पद के लिए भी एक अधिवक्ता ने नामांकन दाखिल किया।
इस तरह शुक्रवार तक पांचों पदों के लिए कुल 14 उम्मीदवार नामांकन हो चुके हैं। शनिवार को नामांकन का अंतिम दिन है। शुक्रवार को प्रधान पद के लिए रोहित शर्मा, उप प्रधान पद के लिए बलदेव सिंह और दलजीत मनहास, महासचिव पद के लिए अर्जुन सिंह पठानियां और प्रदीप मजोत्रा, संयुक्त सचिव पद के लिए अंशु महाजन और कैशियर पद के लिए जमील चौधरी ने नामांकन किया। आखिरी दिन भी तीन से चार नामांकन होने की उम्मीद है।
युवा अधिवक्ताओं पर रहेगा फोकस : बलदेव सिंह
उप प्रधान पद के लिए अधिवक्ता बलदेव सिंह ने अपने साथियों के साथ बार एसोसिएशन के कार्यालय पहुंचकर नामांकन किया। उन्होंने कहा कि जीतने के बाद युवा अधिवक्ताओं पर उनका खास फोकस रहेगा। जानीपुर कोर्ट परिसर से बाहर मौजूद न्यायालयों को एक जगह लाना भी उनके लिए प्राथमिकता है। इसके अलावा पार्किंग की समस्या को हल करना भी उनके लिए बड़ा मुद्दा है।
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महिला अधिवक्ताओं के बार रूम का विस्तार होगी प्राथमिकता : दलजीत मन्हास
उप प्रधान पद के लिए ही अधिवक्ता दलजीत मन्हास ने भी नामांकन दाखिल किया। वह दलजीत मनहास अपनी ग्राम पंचायत से सरपंच भी रह चुके हैं। उन्होंने बताया कि महिला अधिवक्ताओं के बार रूम का विस्तार करना और बहुमंजिला इमारत का निर्माण सबसे पहली प्राथमिकता है। इसके अलावा बार एसोसिएशन के माध्यम से युवा अधिवक्ताओं की समय-समय पर वरिष्ठ अधिवक्ताओं से चर्चा-परिचर्चा कराना भी उनके एजेंडे में शामिल है।
बहुमंजिला इमारत का निर्माण सबसे जरूरी : अर्जुन पठानिया
महासचिव पद के लिए अर्जुन सिंह पठानियां ने बड़ी संख्या में अपने समर्थकों की मौजूदगी में नामांकन किया। अर्जुन पठानिया के अनुसार जानीपुर कोर्ट परिसर में बहुमंजिला इमारत का निर्माण उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता है। इसके अलावा अधिवक्ताओं के लिए स्वास्थ्य बीमा करवाना, युवा अधिवक्ताओं को भत्ता दिलवाना, अधिवक्ताओं को सब्सिडी पर लोन उपलब्ध करवाना भी उनके मैनिफेस्टो में शामिल है।
अधिवक्ताओं के लिए आधी रात तक रहूंगा उपलब्ध : प्रदीप मजोत्रा
महासचिव पद के लिए ही अधिवक्ता प्रदीप मजोत्रा ने भी अपना नामांकन दाखिल किया। नामांकन दाखिल करने के बाद प्रदीप ने कहा कि अगर वे चुनाव जीतते हैं तो चौबीस घंटे अधिवक्ताओं के लिए उपलब्ध रहेंगे। दोपहरी और आधी रात को भी अगर कोई अधिवक्ता उनसे संपर्क करेगा तो वे तत्काल हाजिर होंगे। इसके अलावा अपने एक साल के कार्यकाल में कोर्ट परिसर में अधूरे कामों को पूरा करवाने का प्रयास उनके द्वारा किया जाएगा।
अधिवक्ताओं के उत्थान के लिए नहीं छोडूंगा कोई कसर : अंशु महाजन
वरिष्ठ अधिवक्ताओं की मौजूदगी में अंशु महाजन ने भी संयुक्त सचिव पद के लिए अपना नामांकन किया। नामांकन के बाद उन्होंने कहा कि अगर वे चुनाव जीतते हैं तो अधिवक्ताओं के उत्थान के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। साथ ही वो चौबीस घंटे अधिवक्ता साथियों के लिए उपलब्ध रहेंगे। इस दौरान अंशु महाजन के साथ अधिवक्ता एजाज अहमद टाक, यासर टाक, कमल मंगोत्रा और यंग लॉयर्स एसोसिएशन के पूर्व प्रधान नितिन बख्शी भी मौजूद रहे।
न्यायालयों का विभाजन रोकना सबसे बड़ा मुद्दा : जमील चौधरी
युवा अधिवक्ता जमील चौधरी ने कैशियर पद के लिए नामांकन दाखिल किया। उनके मुताबिक न्यायालयों का विभाजन रोकना उनके लिए सबसे बड़ा मुद्दा है। इसके अलावा युवा अधिवक्ताओं के लिए प्रशिक्षण आयोजित करवाना, विवाह समझौते और तलाक के दस्तावेजों को सत्यापित करने का अधिकार नोटरी को फिर से दिलाना और अधिवक्ताओं के चैंबरों का विस्तार करना जैसे मुद्दे भी उनके मैनिफेस्टो में शामिल हैं।
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया जारी है। शुक्रवार को विभिन्न पदों के लिए सात नामांकन हुए। इनमें प्रधान पद के लिए एक, उप प्रधान पद के लिए दो, महासचिव पद के लिए दो, संयुक्त सचिव पद के लिए एक और कोषाध्यक्ष पद के लिए भी एक अधिवक्ता ने नामांकन दाखिल किया।
इस तरह शुक्रवार तक पांचों पदों के लिए कुल 14 उम्मीदवार नामांकन हो चुके हैं। शनिवार को नामांकन का अंतिम दिन है। शुक्रवार को प्रधान पद के लिए रोहित शर्मा, उप प्रधान पद के लिए बलदेव सिंह और दलजीत मनहास, महासचिव पद के लिए अर्जुन सिंह पठानियां और प्रदीप मजोत्रा, संयुक्त सचिव पद के लिए अंशु महाजन और कैशियर पद के लिए जमील चौधरी ने नामांकन किया। आखिरी दिन भी तीन से चार नामांकन होने की उम्मीद है।
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युवा अधिवक्ताओं पर रहेगा फोकस : बलदेव सिंह
उप प्रधान पद के लिए अधिवक्ता बलदेव सिंह ने अपने साथियों के साथ बार एसोसिएशन के कार्यालय पहुंचकर नामांकन किया। उन्होंने कहा कि जीतने के बाद युवा अधिवक्ताओं पर उनका खास फोकस रहेगा। जानीपुर कोर्ट परिसर से बाहर मौजूद न्यायालयों को एक जगह लाना भी उनके लिए प्राथमिकता है। इसके अलावा पार्किंग की समस्या को हल करना भी उनके लिए बड़ा मुद्दा है।
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महिला अधिवक्ताओं के बार रूम का विस्तार होगी प्राथमिकता : दलजीत मन्हास
उप प्रधान पद के लिए ही अधिवक्ता दलजीत मन्हास ने भी नामांकन दाखिल किया। वह दलजीत मनहास अपनी ग्राम पंचायत से सरपंच भी रह चुके हैं। उन्होंने बताया कि महिला अधिवक्ताओं के बार रूम का विस्तार करना और बहुमंजिला इमारत का निर्माण सबसे पहली प्राथमिकता है। इसके अलावा बार एसोसिएशन के माध्यम से युवा अधिवक्ताओं की समय-समय पर वरिष्ठ अधिवक्ताओं से चर्चा-परिचर्चा कराना भी उनके एजेंडे में शामिल है।
बहुमंजिला इमारत का निर्माण सबसे जरूरी : अर्जुन पठानिया
महासचिव पद के लिए अर्जुन सिंह पठानियां ने बड़ी संख्या में अपने समर्थकों की मौजूदगी में नामांकन किया। अर्जुन पठानिया के अनुसार जानीपुर कोर्ट परिसर में बहुमंजिला इमारत का निर्माण उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता है। इसके अलावा अधिवक्ताओं के लिए स्वास्थ्य बीमा करवाना, युवा अधिवक्ताओं को भत्ता दिलवाना, अधिवक्ताओं को सब्सिडी पर लोन उपलब्ध करवाना भी उनके मैनिफेस्टो में शामिल है।
अधिवक्ताओं के लिए आधी रात तक रहूंगा उपलब्ध : प्रदीप मजोत्रा
महासचिव पद के लिए ही अधिवक्ता प्रदीप मजोत्रा ने भी अपना नामांकन दाखिल किया। नामांकन दाखिल करने के बाद प्रदीप ने कहा कि अगर वे चुनाव जीतते हैं तो चौबीस घंटे अधिवक्ताओं के लिए उपलब्ध रहेंगे। दोपहरी और आधी रात को भी अगर कोई अधिवक्ता उनसे संपर्क करेगा तो वे तत्काल हाजिर होंगे। इसके अलावा अपने एक साल के कार्यकाल में कोर्ट परिसर में अधूरे कामों को पूरा करवाने का प्रयास उनके द्वारा किया जाएगा।
अधिवक्ताओं के उत्थान के लिए नहीं छोडूंगा कोई कसर : अंशु महाजन
वरिष्ठ अधिवक्ताओं की मौजूदगी में अंशु महाजन ने भी संयुक्त सचिव पद के लिए अपना नामांकन किया। नामांकन के बाद उन्होंने कहा कि अगर वे चुनाव जीतते हैं तो अधिवक्ताओं के उत्थान के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। साथ ही वो चौबीस घंटे अधिवक्ता साथियों के लिए उपलब्ध रहेंगे। इस दौरान अंशु महाजन के साथ अधिवक्ता एजाज अहमद टाक, यासर टाक, कमल मंगोत्रा और यंग लॉयर्स एसोसिएशन के पूर्व प्रधान नितिन बख्शी भी मौजूद रहे।
न्यायालयों का विभाजन रोकना सबसे बड़ा मुद्दा : जमील चौधरी
युवा अधिवक्ता जमील चौधरी ने कैशियर पद के लिए नामांकन दाखिल किया। उनके मुताबिक न्यायालयों का विभाजन रोकना उनके लिए सबसे बड़ा मुद्दा है। इसके अलावा युवा अधिवक्ताओं के लिए प्रशिक्षण आयोजित करवाना, विवाह समझौते और तलाक के दस्तावेजों को सत्यापित करने का अधिकार नोटरी को फिर से दिलाना और अधिवक्ताओं के चैंबरों का विस्तार करना जैसे मुद्दे भी उनके मैनिफेस्टो में शामिल हैं।